उत्तरप्रदेश मध्यम गहरे नलकूप की योजना

1775

उत्तरप्रदेश मध्यम गहरे नलकूप की योजना

उत्तर प्रदेश में काफी ऐसा क्षेत्र भी है, जहॉ बोरिंग की गहराई 31 मी0 से 60 मीटर तक होती है। ऐसे क्षेत्रों में प्रदेश के किसानों के लिए विभाग द्वारा मई 2004 से प्रदेश के समस्त एल्युवियल क्षेत्रों (पठारी क्षेत्रों/अतिदोहित एंव क्रिटिकल विकास खण्डों को छोड़कर) में मध्यम गहराई के नलकूपों की योजना प्रारम्भ की गई है। योजना में सभी जाति/श्रेणी के कृषक पात्र है। मध्यम गहरे नलकूप से न्यूनतम 6 हेक्टेयर शुद्ध व 10 हेक्टेयर सकल भूमिं सिंचित होना आवश्यक है। बोंरिग कार्य छोटी/हल्की रिग मशीनों द्वारा कराया जाता है। योजनान्तर्गत् 150मि0मी0, 150मि0मी0, 180मि0मी0, 150मि0मी0, एंव 200मि0मी0, 150मि0मी0 आकार की वेल असेम्बली के प्रयोग करने की अनुमति आवश्यकतानुसार उपलब्ध है।

मध्यम गहरे नलकूप का निर्माण कराये जाने पर नलकूप लागत का 50 प्रतिशत अथवा अधिकमतम रू० 75000.00 का अनुदान अनुमन्य है। नलकूप की लागत में ड्रिलिंग,पाइप, एंव अन्य सामग्री पर व्यय,पम्प हाऊस एंव डिलिवरी टैंक का निर्माण, सबमर्सिबल पम्प तथा जनरेटर सेट के क्रय की सुविधा सम्मिलित है।

यह भी पढ़ें   लौकी के अधिक उत्पादन के लिए लगायें उन्नत किस्म बीआरबीजी–65

विद्युतीकरण हेतु पृथक से रू० 68000.00 का अनुदान अनुमन्य है। इसके अतिरिक्त जल वितरण प्रणाली हेतु अधिकतम रू०10000.00 का अनुदान अनुमन्य है।

बोंरिग असफल होने की दशा में बोंरिग पर हुये व्यय का 10 प्रतिशत अधिकतम रू० 1000.00 जो भी कम हो, को कृषक की जमा धनराशि से काटकर शेष धन कृषक को वापस कर दिया जायेगा।

कृषक द्वारा डीजल पम्पसेट/विद्युत पम्पसेट, सबमर्सिबुल पम्प/जनरेटर,विद्युत कनेक्शन, नाली आदि का निर्माण कराने के पश्चात सत्यापन के उपरान्त अनुदान की अवशेष धनराशि कृषक को उपलब्ध कराई जाती है।

LEAVE A REPLY

अपना कमेंट लिखें
आपका नाम लिखें.