पशुपालन और डेयरी विभाग की योजनाओं के लिए 54,618 करोड़ रुपये के पैकेज को मिली मंजूरी

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dairy animal husbandry package

डेयरी और पशुपालन सेक्टर के लिए पैकेज को मंजूरी

देश में पशुपालन क्षेत्र में रोजगार सृजन एवं पशुपालकों की आय बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार द्वारा कई योजनाओं का क्रियान्वयन किया जा रहा है | इन योजनाओं को देश में आगे भी जारी रखने के लिए आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडल समिति ने विशेष पशुधन सेक्टर पैकेज के क्रियान्वयन को मंजूरी दे दी है। इसके तहत कई गतिविधियां शामिल हैं| साथ ही सरकार की इन योजनाओं के कई घटकों को संशोधित किया गया है । यह अगले पांच वर्षों के लिये है, जो 2021-22 से शुरू होकर आने वाले 5 वर्षों के लिए चलेगा |

इस पैकेज से पशुधन क्षेत्र में विकास को प्रोत्साहन मिलेगा, जिसके कारण पशुपालन क्षेत्र से जुड़े 10 करोड़ किसानों को लाभ होगा | इस पैकेज के तहत केंद्र सरकार अगले पांच वर्षों के दौरान 54,618 करोड़ रुपये का कुल निवेश जुटाने के लिये 9,800 करोड़ रुपये की सहायता देगी।

इन योजनाओं में किया जायेगा निवेश

पशुपालन विभाग की सभी योजनाओं को तीन वृहद विकास योजनाओं की श्रेणी में समाविष्ट कर दिया जायेगा। इनमें राष्ट्रीय गोकुल मिशन, राष्ट्रीय डेयरी विकास कार्यक्रम (एनपीडीडी), राष्ट्रीय पशुधन मिशन (एनएलएम) और पशुधन की गणना तथा एकीकृत नमूना सर्वेक्षण (एलसी-एंड-आईएसएस) को उप-योजनाओं के तौर पर शामिल किया गया है। रोग नियंत्रण कार्यक्रम का नाम बदलकर पशुधन स्वास्थ्य एवं रोग नियंत्रण कार्यक्रम (एनएडीसीपी) रख दिया गया है। इसमें मौजूदा पशुधन स्वास्थ्य एवं रोग नियंत्रण तो है ही, लेकिन इसके साथ राष्ट्रीय पशु रोग नियंत्रण कार्यक्रम और अवसंरचना विकास निधि को शामिल किया गया है।

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उल्लेखनीय है कि पशुपालन अवसंरचना विकास निधि (एएचआईडीएफ) और डेयरी अवसंरचना विकास निधि (डीआईडीएफ) को आपस में मिला दिया गया है। इस तरह अवसंरचना विकास निधि तैयार की गई है। डेयरी गतिविधियों में संलग्न डेयरी सहकारिता और किसान उत्पादक संगठनों को भी इस तीसरी श्रेणी में शामिल कर लिया गया है, ताकि डेयरी सहकारिताओं को सहायता मिल सके।

पशुपालकों को होने वाले लाभ

राष्ट्रीय गोकुल मिशन से स्वदेशी प्रजातियों के विकास और संरक्षण को मदद मिलेगी। इससे गांव के गरीब लोगों की आर्थिक हालत में भी सुधार होगा। राष्ट्रीय डेयरी विकास कार्यक्रम योजना (एनपीडीडी) का लक्ष्य थोक में लगभग 8900 कूलरों को लगाने का है, जिसमें दूध रखा जा सके। इस कदम से आठ लाख से अधिक दुग्ध उत्पादकों को फायदा होगा और 20 एलएलपीडी दूध की अतिरिक्त प्राप्ति संभव होगी। एनपीडीडी के अंतर्गत जापान इंटरनेशनल को-ऑपरेशन एजेंसी (जीआईसीए) से वित्तीय सहायता प्राप्त होगी, जिससे 4500 गांवों में नई अवसंरचना का निर्माण होगा |

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    • सर आप इसके लिए सबसे पहले प्रोजेक्ट बनाएं | प्रोजेक्ट में आप कहाँ एवं किस स्तर का फार्म खोलना चाहते हैं एवं उसमें कितनी लागत आएगी एवं कितनी आय होने की सम्भावना है इसकी विस्तृत जानकारी दें | इसके बाद आप सब्सिडी के लिए अपने यहाँ के सरकारी पशु चिकित्सालय या जिला पशु पालन विभाग में सम्पर्क कर सब्सिडी के लिए आवेदन करें | प्रोजेक्ट अप्रूव हो जाने पर आप बैंक से लोन हेतु आवेदन कर सकते हैं |

    • किस राज्य से हैं सर ? आप डेयरी फार्म खोलने के लिए प्रोजेक्ट बनाएं, प्रोजेक्ट में डेयरी फार्म पर आने वाली लागत एवं आय आदि की विवरण दें | अपने यहाँ के पशु चिकित्सालय या जिले के पशुपालन विभाग में सम्पर्क कर आवेदन करें |

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