किसानों को आसानी से मिलेगा डेयरी लोन सरकार ने जारी किए 31247.22 करोड़ रुपए

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डेयरी के विकास के लिए सरकार ने जारी किए 31247.22 करोड़ रुपए

केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना वर्ष 2022 तक किसानों को आय दुगना करना है  | इसके लिए किसानों को चौतरफा विकास की जरुरत है | किसानों की आय कृषि के साथ – साथ पशुपालन तथा बागवानी पर भी निर्भर करती है | मौजूदा समय में कृषि की तरह ही पशुपालन घाटे में चल रहा है | इससे किसानों के आमदनी पर लगातार असर पड़ रहा है |

किसानों के लिए पशुपालन ऐसी व्यवस्था है जिससे वर्ष भर रोजगार के साथ आमदनी बनी रहती है | किसानों के एक बड़े वर्ग का रोजगार का साधन भी है | पशुपालन से डेयरी के साथ में प्रसंस्करण भी बड़ा उद्योग बना हुआ है | लेकिन देश में कुछ समय से डेयरी का विकास रुका हुआ है | इसके दो कारण है जैसे पशुपालन में अधिक वृद्धि नहीं हो पा रही है तथा दूध से दुसरे प्रोडक्ट बनाने के लिए प्रसंस्करण तथा भंडारण की क्षमता में वृद्धि नहीं हो पा रही है |

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इन योजनाओं के लिए जारी की गई राशि 

इसको लेकर केंद्र तथा राज्य सरकार समय – समय पर अलग – अलग योजना की शुरुआत करती है | इसी कड़ी में केंद्र सरकार ने डेयरी विकास योजनाओं में राष्ट्रीय डेयरी विकास कार्यक्रम (एनपीडीडी), राष्ट्रीय डेयरी योजना चरण – 1 (एनडीपी -1) और डेयरी उद्यमिता विकास योजना (डीईडीएस) शामिल को लागु किया है | इसके आलावा ग्राम स्तर पर शीतलन बुनियादी ढाँचा और इलेक्ट्रानिक दुग्ध अपमिश्रण परीक्षण उपकरण स्थापित करने और मूल्य संवर्धित उत्पादों के लिए प्रसंस्करण बुनियादी ढांचे और उत्पादन सुविधाओं के आधुनिकीकरण / विस्तार के लिए 8004 करोड़ रूपये की राशि से डेयरी प्रसंस्करण और बुनियादी ढाँचा विकास निधि (डीआईडीएफ) स्थापित की गई है |

दूसरी तरफ केंद्र सरकार ने विश्व बैंक तथा जापान इंटरनेशनल कारपोरेशन एजेंसी (जेआईसीए) से प्राप्त कम ब्याज वाले ऋणों से पांच राज्यों पंजाब, हरियाणा, गुजरात, कर्नाटक और महाराष्ट्र में 22 उप-परियोजनाओं के लिए 3147.22 करोड़ रु. की मंजूरी दिया गया है | इससे देश में दूध के विकास में योगदान मिलेगा |

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वर्ष 2017 – 18 में देश में दूध का उत्पाद 176.35 मिलियन टन था जिसे इन योजनाओं से 8.56 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि की दर से बढाकर वर्ष 2021 – 22 तक 254.5 मिलियन मीट्रिक तक पहुँचाने का लक्ष्य रखा है | दूध उत्पादन में वृद्धि से वर्ष 2021 – 22 तक प्रति व्यक्ति 515 ग्राम प्रतिदिन पहुँच जायेगा , जो अभी 375 ग्राम / दिन है | 375 ग्राम / दिन / व्यक्ति औसत उपलब्धता भी दुनिया के औसत उपलब्धता 294.2 ग्राम से अधिक है |

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    • सर आप इसके लिए सबसे पहले प्रोजेक्ट बनाएं | प्रोजेक्ट में आप कहाँ एवं किस स्तर का फार्म खोलना चाहते हैं एवं उसमें कितनी लागत आएगी एवं कितनी आय होने की सम्भावना है इसकी विस्तृत जानकारी दें | इसके बाद आप सब्सिडी के लिए अपने यहाँ के सरकारी पशु चिकित्सालय या जिला पशु पालन विभाग में सम्पर्क कर सब्सिडी के लिए आवेदन करें | प्रोजेक्ट अप्रूव हो जाने पर आप बैंक से लोन हेतु आवेदन कर सकते हैं |

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