यदि किसान कम अवधि में अधिक उत्पादन, बेहतर पोषण गुणवत्ता और रोग–कीट प्रतिरोधी बाजरा किस्म की तलाश कर रहे हैं, तो RHB-233 एक बेहतरीन विकल्प है। यह उन्नत संकर (Hybrid) किस्म राजस्थान कृषि अनुसंधान संस्थान (RARI), दुर्गापुरा, जयपुर द्वारा विकसित की गई है। वर्ष 2019 में अधिसूचित (Notified) की गई यह बायोफोर्टिफाइड किस्म कम समय और कम लागत में किसानों को अनाज और चारा दोनों का बेहतरीन उत्पादन देने के लिए जानी जाती है। आइए जानते हैं इसकी पूरी खासियत।
दाना और चारा दोनों की रिकॉर्ड उपज
बाजरा उन्नत किस्म RHB-233 की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह विपरीत परिस्थितियों में भी किसानों को एक स्थिर और शानदार पैदावार देने का भरोसा देती है:
- पकने की अवधि: यह फसल बहुत ही कम समय, यानी मात्र 70 से 80 दिनों में पककर पूरी तरह तैयार हो जाती है।
- अनाज (दाना) की औसत उपज: इससे प्रति हेक्टेयर 30 से 35 क्विंटल तक उच्च गुणवत्ता वाले दानों का उत्पादन मिलता है।
- चारा की औसत उपज: पशुपालकों के लिए भी यह बेहद फायदेमंद है, क्योंकि इससे प्रति हेक्टेयर 60 से 70 क्विंटल तक पौष्टिक चारा प्राप्त होता है।
इन 7 राज्यों के लिए है बेहद उपयुक्त (Approved Regions)
RHB-233 किस्म की खेती निम्न राज्यों में अनुशंसित है:
राजस्थान, गुजरात, हरियाणा, मध्य प्रदेश, दिल्ली, महाराष्ट्र और तमिलनाडु।
रोग प्रतिरोधक क्षमता
RHB-233 प्रमुख रोगों के प्रति प्रतिरोधी है—
- डाउनी मिल्ड्यू (Downy Mildew)
- ब्लास्ट (Blast)
इससे रोग प्रबंधन पर लागत कम आती है और उत्पादन स्थिर रहता है।
प्रमुख कीटों के प्रति सहनशील
यह संकर किस्म कई महत्वपूर्ण कीटों के प्रति भी बेहतर प्रतिरोधक क्षमता रखती है, जैसे—
- शूट फ्लाई (Shoot Fly)
- स्टेम बोरर (Stem Borer)
- ग्रे वीविल (Grey Weevil)
- लीफ रोलर (Leaf Roller)
- हेलिकोवर्पा (Helicoverpa)
इस कारण फसल को कीटों से होने वाले नुकसान में कमी आती है और कीटनाशकों में लगने वाले खर्च को भी कम होता है, जिससे किसान कम लागत में बेहतर उत्पादन प्राप्त कर सकते हैं।
आम बाजरे से दोगुना पोषण: आयरन और जिंक का सूपरफूड
बाजार में इस किस्म के अनाज को सबसे ऊंचे दाम मिलने की उम्मीद इसलिए भी है क्योंकि यह शरीर में खून की कमी (एनीमिया) और कमजोरी को दूर करने वाला एक सूपरफूड है। आम तौर पर प्रचलित बाजरे की किस्मों में जहां आयरन 45-50 ppm और जिंक 30-35 ppm ही होता है, वहीं RHB-233 में:
- लौह तत्व (Iron): 83.0 ppm (भरपूर मात्रा में)
- जिंक (Zinc): 46.0 ppm (रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत करने के लिए)
RHB-233 की प्रमुख जानकारी (Key Features)
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विवरण |
जानकारी |
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किस्म |
RHB-233 (Hybrid) |
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अधिसूचित वर्ष |
2019 |
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विकसित संस्थान |
राजस्थान कृषि अनुसंधान संस्थान (RARI), दुर्गापुरा, जयपुर |
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पकने की अवधि |
70-80 दिन |
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दाना उत्पादन |
30-35 क्विंटल प्रति हेक्टेयर |
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चारा उत्पादन |
60-70 क्विंटल प्रति हेक्टेयर |
निष्कर्ष
RHB-233 बाजरा की एक आधुनिक, उच्च उत्पादक एवं पोषक तत्वों से भरपूर बायो-फोर्टीफाइड संकर किस्म है। कम अवधि में तैयार होने, अधिक दाना एवं चारा उत्पादन, प्रमुख रोगों और कीटों के प्रति प्रतिरोधक क्षमता तथा उच्च आयरन एवं जिंक की मात्रा के कारण यह किसानों के लिए लाभदायक विकल्प साबित हो सकती है। विशेष रूप से राजस्थान, गुजरात, हरियाणा, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, दिल्ली और तमिलनाडु के किसान इस किस्म से बेहतर उत्पादन और अधिक आय प्राप्त कर सकते हैं।