राजस्थान

मोबाइल वेटनरी सेवा में बड़ा बदलाव! पशुपालकों को मिलेगी तेज सुविधा, कॉल सेंटर पर मंत्री का औचक निरीक्षण

राजस्थान में मोबाइल वेटनरी यूनिट कॉल सेंटर का मंत्री जोराराम कुमावत ने औचक निरीक्षण किया। अनुपस्थित कर्मचारियों पर कार्रवाई, कॉलिंग एक्जक्यूटिव के पद 44 से बढ़ाकर 60 करने और पशुपालकों को बेहतर सेवाएं देने के निर्देश जारी किए गए।

Mobile Veterinary Unit Call Center

राजस्थान सरकार के पशुपालन, गोपालन, डेयरी एवं देवस्थान मंत्री जोराराम कुमावत ने राज्य में बीमार पशुओं के त्वरित और प्रभावी उपचार को लेकर सख्त रुख अपनाया है। बुधवार को मंत्री कुमावत ने जयपुर के जामडोली स्थित मोबाइल वेटनरी यूनिट के सेंट्रल कॉल सेंटर का औचक निरीक्षण (Surprise Inspection) किया। निरीक्षण के दौरान पशुपालन विभाग के प्रमुख शासन सचिव विकास सीताराम भाले भी उनके साथ मौजूद रहे। निरीक्षण के समय मिली कमियों और कर्मचारियों की अनुपस्थिति पर मंत्री ने तत्काल कड़े निर्देश जारी किए।

अनुपस्थित कर्मचारियों पर गिरी गाज

कॉल सेंटर का निरीक्षण करते समय मंत्री ने पाया कि पांच कॉलिंग एक्जक्यूटिव अपनी ड्यूटी से अनुपस्थित थे। इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए उन्होंने सभी अनुपस्थित कर्मचारियों के खिलाफ तत्काल अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। पशुपालन मंत्री ने कहा कि पशुधन स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बीमार पशुओं के इलाज के लिए आने वाली हर कॉल बेहद संवेदनशील है।

कॉल सेंटर की क्षमता का विस्तार: 44 से बढ़कर होंगे 60 पद

राज्य भर से आने वाली कॉल्स और पशुपालकों की शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए कॉल सेंटर की क्षमता बढ़ाने का बड़ा निर्णय लिया गया:

  • पदों में बढ़ोतरी: कॉल सेंटर पर कॉलिंग एक्जक्यूटिव्स की स्वीकृत संख्या को 44 से बढ़ाकर 60 करने के आदेश जारी किए गए।
  • कम होगा वेटिंग टाइम: पदों की संख्या बढ़ने से पशुपालकों का कॉल वेटिंग टाइम कम होगा और अधिक से अधिक लोगों को समय पर मदद मिल सकेगी।

कॉल सेंटर की निगरानी के लिए तैनात होंगे अधिकारी

कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए मंत्री ने नया मॉनिटरिंग सिस्टम लागू करने के निर्देश दिए। इसके तहत:

  • पशुपालन विभाग के दो अधिकारियों की नियमित ड्यूटी कॉल सेंटर में लगाई जाएगी।
  • अधिकारी प्रतिदिन कर्मचारियों की उपस्थिति और कॉल सेंटर के संचालन की निगरानी करेंगे।
  • सेवाओं की गुणवत्ता पर लगातार नजर रखी जाएगी।

मोबाइल वेटनरी वैन और फील्ड ट्रीटमेंट के लिए नए नियम

फील्ड में तैनात मोबाइल वेटनरी यूनिट (वैन) के कामकाज को और अधिक जवाबदेह बनाने के लिए मंत्री ने कई नए नियम तय किए हैं:

  1. पशुपालक के हस्ताक्षर अनिवार्य: वैन के मौके पर पहुंचकर उपचार करने के बाद पशुपालक के रजिस्टर/परफॉर्म में अनिवार्य रूप से हस्ताक्षर करवाने होंगे।
  2. रजिस्टर संधारण: प्रत्येक मोबाइल वेटनरी यूनिट में एक निर्धारित परफॉर्मा/रजिस्टर रखना अनिवार्य किया गया है।
  3. पेंडिंग कॉल्स का बैकलाग निस्तारण: यदि किसी कारणवश कोई कॉल उस दिन पेंडिंग रह जाती है, तो उसे अगले दिन की सूची में प्राथमिकता के साथ शिफ्ट कर हर हाल में बीमार पशु का इलाज सुनिश्चित करना होगा।

प्रमुख बातें (Highlights)

  • Google Cloud ने कृषि विभाग के अधिकारियों को Gemini AI का प्रशिक्षण दिया।
  • AI के जरिए सरकारी पत्र, ड्राफ्ट और आधिकारिक कम्युनिकेशन तेजी से तैयार होंगे।
  • किसानों तक स्थानीय भाषा में योजनाओं की जानकारी पहुंचाई जाएगी।
  • पोस्टर, ब्रोशर, सोशल मीडिया पोस्ट और जागरूकता सामग्री AI से तैयार होगी।
  • कृषि तकनीक और सरकारी योजनाओं पर छोटे वीडियो भी बनाए जाएंगे।
  • उद्देश्य विभागीय कार्यों को तेज, पारदर्शी और किसान-केंद्रित बनाना है।

मंडी भाव, मौसम और सरकारी योजनाओं का तुरंत अपडेट पाने के लिए:

अपनी टिप्पणी लिखें

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *