राजस्थान

कृषि विभाग में AI की एंट्री! अब AI से किसानों तक पहुंचेगी योजनाओं की जानकारी, अधिकारियों को मिला विशेष प्रशिक्षण

कृषि विभाग ने Google Cloud की मदद से Gemini AI पर अधिकारियों को विशेष प्रशिक्षण दिया। अब AI के जरिए किसानों तक सरकारी योजनाएं, कृषि सलाह, पोस्टर, वीडियो और स्थानीय भाषा में जानकारी तेजी से पहुंचाई जाएगी।

Agriculture Department AI Training Rajasthan

राजस्थान के कृषि विभाग को आधुनिक तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से लैस करने तथा सरकारी योजनाओं को राज्य के हर पात्र किसान तक पारदर्शी एवं प्रभावी ढंग से पहुंचाने के उद्देश्य से जयपुर स्थित पंत कृषि भवन में एक विशेष प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। कृषि आयुक्त नरेश कुमार गोयल की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यशाला में गूगल क्लाउड (Google Cloud) की टीम ने अधिकारियों को जेमिनी एआई (Gemini AI) के व्यावहारिक उपयोग और कार्यप्रणाली की विस्तृत जानकारी दी।

इस कार्यशाला में कृषि विभाग मुख्यालय के सभी योजना प्रभारियों ने व्यक्तिगत रूप से हिस्सा लिया, जबकि राज्य भर के जिला स्तरीय अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) के माध्यम से जुड़े।

प्रशासनिक दक्षता और गुणवत्ता बढ़ाएगा जेमिनी एआई

कार्यशाला को संबोधित करते हुए कृषि आयुक्त नरेश कुमार गोयल ने कहा कि बदलते डिजिटल दौर में एआई तकनीक का उपयोग प्रशासनिक कार्यों को सरल, त्वरित और सटीक बनाने में अहम भूमिका निभाएगा। उन्होंने बताया कि जेमिनी एंटरप्राइज एआई जैसे आधुनिक टूल्स के इस्तेमाल से कर्मचारियों को नियमित कागजी और प्रशासनिक कार्यों में समय की बचत होगी, जिससे काम की गुणवत्ता और सटीकता में उल्लेखनीय सुधार होगा।

AI से तेज होंगे विभागीय काम

आयुक्त कृषि ने कहा कि वर्तमान समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस प्रशासनिक कार्यों की गति और गुणवत्ता दोनों बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। उन्होंने बताया कि Gemini AI की सहायता से अधिकारी—

  • सरकारी पत्र एवं कार्यालयीन ड्राफ्ट तेजी से तैयार कर सकेंगे।
  • आधिकारिक कम्युनिकेशन अधिक सटीक और गुणवत्तापूर्ण बना सकेंगे।
  • नियमित कार्यों में समय की बचत होगी।
  • विभागीय कार्यों में पारदर्शिता और दक्षता बढ़ेगी।

किसानों तक स्थानीय भाषा में पहुंचेगी जानकारी

प्रशिक्षण के दौरान बताया गया कि AI की मदद से कृषि विभाग विभिन्न भाषाओं में सामग्री का त्वरित अनुवाद कर सकेगा। इससे प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों के किसानों तक उनकी स्थानीय भाषा में योजनाओं और कृषि संबंधी जानकारी पहुंचाना आसान होगा। इससे किसानों को उनकी समझ के अनुरूप जानकारी उपलब्ध कराई जा सकेगी और सरकारी योजनाओं की पहुंच भी बढ़ेगी।

किसानों के लिए बनेंगे डिजिटल पम्फलेट और शॉर्ट वीडियो

कृषि आयुक्त ने स्पष्ट किया कि एआई का मुख्य उद्देश्य केवल कार्यालयीन कार्यों को आसान बनाना नहीं, बल्कि योजनाओं की जानकारी को किसानों तक सहज तरीके से पहुंचाना है। कार्यशाला में एआई के माध्यम से किसान जागरूकता सामग्री तैयार करने के तरीके बताए गए:

  • डिजिटल प्रचार सामग्री: किसानों के लिए आकर्षक डिजिटल पम्फलेट, ब्रोशर, पोस्टर और सोशल मीडिया पोस्ट त्वरित रूप से तैयार किए जा सकेंगे।
  • प्रभावी शॉर्ट वीडियो: प्राकृतिक खेती, आधुनिक कृषि तकनीक, बीज, उर्वरक, सिंचाई और फसल उत्पादन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर किसानों के लिए छोटे और असरदार शॉर्ट वीडियो बनाए जाएंगे।

तकनीक से सशक्त होगा किसान-केंद्रित प्रशासन

आयुक्त नरेश कुमार गोयल ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे एआई तकनीक के व्यावहारिक उपयोग को अपने दैनिक प्रशासनिक कार्यों में शामिल करें। उन्होंने कहा कि तकनीक का असली मकसद सरकारी सेवाओं को सुगम बनाना और आमजन के जीवन को बेहतर करना है।

अधिकारियों ने गूगल टीम से एआई के उपयोग को लेकर अपनी जिज्ञासाएं और अनुभव साझा किए। यह पहल राजस्थान के कृषि विभाग को पूरी तरह डिजिटल, सक्षम और किसान-केंद्रित प्रशासन बनाने की दिशा में एक बड़ा और महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।

प्रमुख बातें (Highlights)

  • Google Cloud ने कृषि विभाग के अधिकारियों को Gemini AI का प्रशिक्षण दिया।
  • AI के जरिए सरकारी पत्र, ड्राफ्ट और आधिकारिक कम्युनिकेशन तेजी से तैयार होंगे।
  • किसानों तक स्थानीय भाषा में योजनाओं की जानकारी पहुंचाई जाएगी।
  • पोस्टर, ब्रोशर, सोशल मीडिया पोस्ट और जागरूकता सामग्री AI से तैयार होगी।
  • कृषि तकनीक और सरकारी योजनाओं पर छोटे वीडियो भी बनाए जाएंगे।
  • उद्देश्य विभागीय कार्यों को तेज, पारदर्शी और किसान-केंद्रित बनाना है।

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