राजस्थान के किसानों को यूरिया, डीएपी और अन्य उर्वरक लेने के लिए लंबी कतारों और बार-बार खाद केंद्रों के चक्कर लगाने से राहत देने की दिशा में बड़ी पहल की गई है। राज्य में उर्वरक वितरण को डिजिटल और पारदर्शी बनाने के लिए फ्रेमवर्क फॉर फर्टिलाइजर सेल व्यवस्था का विस्तार किया जा रहा है।
राजसमंद और सिरोही में सफल पायलट के बाद अब इस डिजिटल उर्वरक वितरण व्यवस्था को राजस्थान के 15 जिलों में लागू किया जाएगा। इसके बाद चरणबद्ध तरीके से इसे पूरे प्रदेश में लागू करने की तैयारी है। नई व्यवस्था में किसान अपनी आवश्यकता के अनुसार घर बैठे उर्वरक की बुकिंग कर सकेंगे और इसके बाद नजदीकी अधिकृत रिटेलर से खाद प्राप्त कर सकेंगे। बुकिंग के बाद किसान को एक टोकन मिलेगा, जो 48 घंटे तक वैध रहेगा।
घर बैठे कर सकेंगे बुकिंग; 48 घंटे तक वैध रहेगा डिजिटल टोकन
इस नई डिजिटल प्रणाली के लागू होने से किसानों को खाद के लिए घंटों लंबी लाइनों में खड़े रहने और दुकानों के चक्कर काटने से मुक्ति मिलेगी:
- आसान डिजिटल बुकिंग: किसान अपनी आवश्यकता के अनुसार घर बैठे मोबाइल से खाद की बुकिंग कर सकेंगे और अपने निकटतम अधिकृत रिटेलर से खाद प्राप्त कर सकेंगे।
- 48 घंटे की वैधता: बुकिंग के बाद जारी होने वाला डिजिटल टोकन 48 घंटे तक वैध रहेगा। यदि निर्धारित समय में खाद का उठाव नहीं किया जाता है, तो टोकन रद्द हो जाएगा और पुनः बुकिंग करनी होगी।
- कालाबाजारी पर रोक: वास्तविक जरूरत वाले किसानों को प्राथमिकता मिलेगी, जिससे बिचौलियों, कालाबाजारी और अवांछित जमाखोरी पर पूरी तरह अंकुश लगेगा।
- पायलट प्रोजेक्ट का रिपोर्ट कार्ड: सिरोही और राजसमंद में अब तक 78 हजार से अधिक किसानों को इस प्रणाली से 12 हजार मीट्रिक टन से ज्यादा उर्वरक वितरित किया जा चुका है।
राजस्थान में खाद का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध (खरीफ 2026)
बैठक में प्रमुख शासन सचिव ने बताया कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर विपरीत परिस्थितियों के बावजूद राजस्थान में उर्वरकों की प्रचुर उपलब्धता है:
- यूरिया (Urea): अप्रैल से अगस्त तक आवंटित 9.28 लाख मीट्रिक टन की तुलना में अब तक 13.12 लाख मीट्रिक टन यूरिया (141% से अधिक) उपलब्ध कराया जा चुका है। वर्तमान में 2.59 लाख मीट्रिक टन स्टॉक में शेष है और 50 हजार मीट्रिक टन अतिरिक्त आपूर्ति प्रस्तावित है।
- फास्फेटिक उर्वरक (DAP/NPK/SSP): आयातित डीएपी की चुनौतियों के बावजूद कुल 7.88 लाख मीट्रिक टन फास्फेटिक उर्वरक (3.41 लाख MT DAP, 1.71 लाख MT NPK और 3.76 लाख MT SSP) उपलब्ध कराया जा चुका है।
- वर्तमान शेष स्टॉक: राज्य में 67 हजार MT डीएपी, 79 हजार MT एनपीके तथा 1.69 लाख MT एसएसपी का सुरक्षित स्टॉक मौजूद है।
किसानों से जरूरत के अनुसार ही खाद डालने की अपील
सरकार ने पर्याप्त उपलब्धता के साथ किसानों से यूरिया का संतुलित इस्तेमाल करने की भी अपील की है। वर्तमान मौसम और बारिश की स्थिति को देखते हुए किसानों को फसल की वास्तविक आवश्यकता के अनुसार ही उर्वरक डालने की सलाह दी गई है। किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड (Soil Health Card) में दी गई सिफारिशों के अनुसार खाद का इस्तेमाल करने के लिए जागरूक किया जाएगा। अत्यधिक यूरिया इस्तेमाल करने से खेती की लागत बढ़ने के साथ मिट्टी के स्वास्थ्य और उर्वरता पर भी प्रतिकूल असर पड़ सकता है।
गांव-गांव किसानों को दी जाएगी खाद की जानकारी
कृषि आयुक्त नरेश कुमार गोयल के अनुसार उर्वरकों की उपलब्धता और उनके संतुलित इस्तेमाल की जानकारी किसानों तक पहुंचाने के लिए व्यापक अभियान चलाया जाएगा। इसमें कृषक सखी, कृषक साथी और कृषि पर्यवेक्षक किसानों को फसल के अनुसार खाद की आवश्यकता, सही मात्रा और उपयोग के उचित समय की जानकारी देंगे। जिन जिलों या क्षेत्रों में खाद की मांग बढ़ेगी, वहां अतिरिक्त आपूर्ति सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए हैं।