राजस्थान सरकार कृषि क्षेत्र में डिजिटल क्रांति की ओर एक और ऐतिहासिक कदम बढ़ाने जा रही है। प्रदेशभर में 1 अगस्त 2026 से खरीफ 2026-27 डिजिटल क्रॉप सर्वे का विधिवत प्रारंभ किया जा रहा है। यह व्यापक सर्वेक्षण राज्य के 41 जिलों की 424 ऑनलाइन तहसीलों और 50,456 ऑनलाइन राजस्व ग्रामों में चलाया जाएगा।
हाल ही में निबंधक, राजस्व मण्डल महावीर प्रसाद की अध्यक्षता में आयोजित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से एग्रीस्टेक-डिजिटल क्रॉप सर्वे और फसल खरीफ संवत 2083 की गिरदावरी को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश और प्रशिक्षण दिए गए। इस दौरान सभी जिलों के भू-अभिलेख प्रभारी अधिकारी, तहसीलदार, तकनीकी अधिकारी और मास्टर ट्रेनर्स उपस्थित रहे।
किसानों की होगी सीधी भागीदारी: खुद कर सकेंगे सर्वे
इस बार के डिजिटल क्रॉप सर्वे की सबसे बड़ी विशेषता किसानों की प्रत्यक्ष भागीदारी है। राज्य सरकार ने लक्षित खसरों में से 25 प्रतिशत खसरों की गिरदावरी स्वयं किसानों द्वारा किए जाने का लक्ष्य रखा है।
- किसान अपने मोबाइल फोन पर ‘राजकिसान गिरदावरी एप’ डाउनलोड करके अपने खेत की ऑनलाइन गिरदावरी खुद कर सकेंगे।
- इससे फसल संबंधी आंकड़ों की सटीकता और गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार होगा।
4.62 करोड़ से अधिक खसरों का होगा सर्वे
डिजिटल क्रॉप सर्वे के तहत प्रदेश के कुल 4.62 करोड़ से अधिक ऑनलाइन खसरों की गिरदावरी नियमानुसार की जाएगी:
- कृषि योग्य खसरे: लगभग 2.86 करोड़ कृषि योग्य खसरों को चिन्हित किया गया है, जहाँ 20 मीटर खसरा सीमा (Geo-fencing) के भीतर Geo-tagged फसल फोटो और डिजिटल सत्यापन के साथ गिरदावरी होगी।
- अन्य खसरे: शेष सरकारी, गैर-कृषि और पड़त भूमि की सामान्य ई-गिरदावरी की जाएगी।
- पटवारियों और प्राइवेट सर्वेयरों के लिए ‘राज खसरा गिरदावरी मोबाइल एप’ के माध्यम से ऑनलाइन सर्वे की पूरी सुविधा दी गई है।
पहली बार AI आधारित गुणवत्ता परीक्षण और सेन्ट्रॉइड डिटेक्शन
सर्वेक्षण को पूरी तरह पारदर्शी और त्रुटिहीन बनाने के लिए सरकार ने दो आधुनिक तकनीकों को शामिल किया है:
- आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित परीक्षण: सर्वे के दौरान अपलोड किए गए फसल फोटो और विवरण का AI के जरिए स्वतः विश्लेषण किया जाएगा, जिससे किसी भी संभावित त्रुटि या अनुपयुक्त फोटो की तुरंत पहचान हो सकेगी।
- सेन्ट्रॉइड डिटेक्शन तकनीक: इस तकनीक से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि सर्वेयर या पटवारी खसरे के वास्तविक क्षेत्र और सही एंगल से फोटो लेकर गिरदावरी करें, जिससे सर्वे की प्रामाणिकता और अधिक मजबूत होगी।
कृषि योजनाओं के लिए बनेगा मजबूत आधार
डिजिटल क्रॉप सर्वे से मिलने वाले पुख्ता आंकड़े भविष्य में कई कल्याणकारी योजनाओं का आधार बनेंगे:
- फसल उत्पादन का सटीक आकलन और कृषि सांख्यिकी तैयार करना
- प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का प्रभावी क्रियान्वयन
- प्राकृतिक आपदा राहत और मुआवजा वितरण
- नई कृषि नीतियों का निर्माण
राजस्व विभाग द्वारा सभी जिलों में इस महा-अभियान के सफल संचालन के लिए तकनीकी सहायता, हेल्पडेस्क और प्रशासनिक मॉनिटरिंग की पुख्ता तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।