राजस्थान

डिग्गी और फार्म पॉण्ड को लेकर नए सुरक्षा नियम, किसानों के लिए ये उपाय अब जरूरी

राजस्‍थान में डिग्गी और फार्म पॉण्ड में डूबने की घटनाओं को रोकने के लिए कृषि विभाग ने नए सुरक्षा निर्देश जारी किए हैं। अब सुरक्षा दीवार, लाइफ सेविंग फ्लोट और चेतावनी बोर्ड लगाना अनिवार्य होगा। जानें पूरी गाइडलाइन और नियम।

Farm Pond Safety Rules Rajasthan

राजस्थान में डिग्गी, फार्म पॉण्ड (खेत तलाई) और अन्य जल संचयन संरचनाओं में डूबने की दुर्घटनाओं को रोकने के लिए कृषि विभाग ने सुरक्षा उपायों को अनिवार्य कर दिया है। इन निर्देशों का उद्देश्य किसानों, बच्चों और पशुधन को जल संरचनाओं में होने वाली दुर्घटनाओं से सुरक्षित रखना है।

कृषि विभाग ने सभी संबंधित अधिकारियों और लाभार्थियों को इन सुरक्षा प्रावधानों की तत्काल प्रभाव से पालना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। वहीं नई जल संरचनाओं में निर्धारित सुरक्षा इंतजाम पूरे किए बिना निर्माण कार्य को पूर्ण नहीं माना माना जाएगा।

फार्म पॉण्ड और डिग्गी सुरक्षा निर्देश और गाइडलाइंस:

  • रस्सी और ‘लाइफ सेविंग फ्लोट’ की अनिवार्यता: प्रत्येक डिग्गी या फार्म पॉण्ड के चारों कोनों पर मजबूत रस्सी बांधी जाएगी, जिसका एक सिरा पानी में छोड़ा जाएगा ताकि आपात स्थिति में लोग इसका सहारा ले सकें। इसके अलावा, पुरानी या नई ट्यूब में हवा भरकर ‘लाइफ सेविंग फ्लोट’ के रूप में रस्सी से बांधकर पानी में हमेशा उपलब्ध रखना अनिवार्य किया गया है।
  • 2 फीट ऊंची सुरक्षा दीवार और बाड़: जल संरचनाओं के चारों ओर कम से कम 2 फीट ऊंची प्लास्टरयुक्त दीवार बनाई जाएगी। इसके ऊपर जाली, कांटेदार तार या वानस्पतिक सुरक्षा बाड़ (जैसे करौंदा, नागफणी, बांस आदि) लगाई जाएगी।
  • लाल रंग में चेतावनी बोर्ड: प्रत्येक संरचना के समीप स्पष्ट और दृष्टिगोचर स्थान पर लाल रंग में ‘सावधान/खतरा, गड्ढा गहरा है, बच्चों को दूर रखें’ लिखा हुआ बोर्ड लगाना अनिवार्य होगा।
  • सुरक्षित आवागमन के लिए सीढ़ी: प्लास्टिक लाइनिंग वाली डिग्गियों में कृषक की सुविधा के अनुसार मजबूत प्लास्टिक रस्सी, लकड़ी या लोहे की सीढ़ी लगानी होगी।

सुरक्षा इंतजाम के बिना नहीं मिलेगा अनुदान

विभाग ने स्पष्ट किया है कि नई जल संरचनाओं में सुरक्षा प्रावधान पूरे किए बिना निर्माण कार्य पूर्ण नहीं माना जाएगा और ऐसी संरचनाओं को विभागीय योजनाओं के तहत कोई वित्तीय सहायता या अनुदान देय नहीं होगा। वहीं, पुरानी संरचनाओं के मालिकों को आदेश जारी होने की तिथि से दो माह के भीतर ये सुरक्षा उपाय अनिवार्य रूप से स्थापित करने होंगे।

अधिकारियों को नियमित निरीक्षण के निर्देश

सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी के लिए संबंधित विभागीय अधिकारी नियमित निरीक्षण करेंगे। निरीक्षण के दौरान सुरक्षा उपाय पूरे पाए जाने पर उनकी जियो-टैग फोटो राज किसान साथी पोर्टल पर अपलोड की जाएगी। जिला स्तर से सुरक्षा उपायों की प्रगति की एकीकृत पाक्षिक रिपोर्ट कृषि आयुक्तालय को भेजी जाएगी।

सुरक्षा उपकरण लगाने के साथ-साथ उनके नियमित रखरखाव की जिम्मेदारी संबंधित लाभार्थी या उपयोगकर्ता की होगी।  पंचायत, कृषि विभाग, ब्लॉक और जिला प्रशासन समय-समय पर इन जल संरचनाओं का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था की स्थिति की जांच करेंगे।

नियम मानने वालों को मिलेगा प्रशस्ति-पत्र

कृषि विभाग ने सुरक्षा नियमों का पूरी तरह पालन करने वाले लाभार्थियों को प्रोत्साहित करने का भी निर्णय लिया है। ऐसे लाभार्थियों को सहायक निदेशक कृषि (विस्तार) के माध्यम से प्रशस्ति-पत्र दिया जाएगा। वहीं नवीन जल संरचना में सुरक्षा प्रावधान सुनिश्चित नहीं किए जाने या विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा निर्देशों की अनदेखी किए जाने पर नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। ऐसे लाभार्थियों को नोटिस जारी किया जाएगा।

किसानों के लिए जरूरी बात

डिग्गी और फार्म पॉण्ड किसानों के लिए सिंचाई और जल संरक्षण का महत्वपूर्ण साधन हैं, लेकिन इनके आसपास सुरक्षा व्यवस्था नहीं होने पर बच्चों, किसानों और पशुओं के लिए दुर्घटना का खतरा बना रहता है। कृषि विभाग के नए नियमों में रस्सी, लाइफ सेविंग फ्लोट, सुरक्षा दीवार, बाड़, चेतावनी बोर्ड और सीढ़ी जैसी व्यवस्थाओं को अनिवार्य करके इस जोखिम को कम करने का प्रयास किया गया है।

किसानों को सलाह है कि अपनी डिग्गी या फार्म पॉण्ड में निर्धारित सुरक्षा उपाय समय पर स्थापित करें और उनका नियमित रखरखाव भी सुनिश्चित करें।

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