बकरियों के आर्थिक रूप से महत्वपूर्ण रोगों से रोकथाम एवं प्रबन्धन

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वार्षिक बकरी स्वास्थ्य – सुरक्षा चक्र

(बकरियों के आर्थिक रूप से महत्वपूर्ण रोगों से रोकथाम एवं प्रबन्धन हेतु )

टीकाकरण

टीकाकरण का विवरण प्राथमिक टीकाकरण पुन: टीकाकरण
प्रथम टीका बूस्टर टीका
खुरपका – मुंहपका (F.M.D.) 3 माह की आयु प्राथमिक टीकाकरण के 3 – 4 सप्ताह के पश्चात् 6 माह / प्रतिवर्ष
बदरी प्लेग (P.P.R.) 3 माह की आयु आवश्यकता नहीं 3 वर्ष पश्चात्
बकरी चेचक 3 माह की आयु प्राथमिक टीकाकरण के 1 माह  के पश्चात् प्रतिवर्ष
आंत्र विषाक्तता इन्टेरोताक्सीमिया (E.T.) 3 माह की आयु प्राथमिक टीकाकरण के 3 – 4 सप्ताह के पश्चात् 6 माह / प्रतिवर्ष
गलाघोंटू / हिमोरेजिक सेप्टीमिया (H.S.) 3 माह की आयु प्राथमिक टीकाकरण के 3 – 4 सप्ताह के पश्चात् 6 माह / प्रतिवर्ष
कम्पनी के भेड़ों के निर्देशानुसार      भेड़ों के लिए भेद चेचक का टीका लगवायें

 

सामूहिक रोग नियंत्रण

रोग – विवरण आयु उपचार का समय विशेष विवरण
काक्सीडियोसिक

Coccidiosis

(Drenching)

1 – 3 माह पर 3 – 6 दिन तक 1 – 6 माह की आयु के बीच ही रोग का प्रभाव रहता है | काक्सीडियोसिक दवा (एम्प्रोलियम / 50 – 100 मिलीग्राम / किलोग्राम शारीरिक भार अनुसार 5 दिनों तक) निर्धारित मात्रा में पिलानी चाहिए |
अन्त: परजीवी

(Deworming)

3 माह की आयु में वर्षा ऋतू के प्रारम्भ एवं अन्त में सभी पशुओं को एक साथ दावा पिलाना चाहिए  (फेनबन्डाजोल 7.5 – 10 मिलीग्राम / किलोग्राम शारीरिक भार अनुसार) |
बाह्य परजीवी

(Dipping)

समस्त आयु वर्गों में शरद ऋतू के प्रारम्भ एवं अन्त में सभी पशुओं को एक साथ नहलाना चाहिए |
डिपिंग में मौसम का विशेष ध्यान रखें (वर्षा के दिनों को छोड़ दें) तथा सुबह 9 बजे से 11 बजे तक का समय ही उपयुक्त है |

नियमित आवश्यक परिक्षण (screening)

रोग (बीमारियाँ) अवधि / अन्तराल विशेष विवरण
ब्रूसेल्लोसिक 6 माह / प्रतिवर्ष संक्रमण पशुओं को तुरन्त वध कर गहरे गड्डे में दफ़न करें |
जोहन्स बीमारी 6 माह / प्रतिवर्ष संक्रमण पशुओं को तुरन्त वध कर गहरे गड्डे में दफ़न करें |
माइकोप्लाज्मा प्रतिवर्ष रोग की चिकित्सा जीवाणु नाशक दवाओं द्वारा करनी चाहिए |
थनैला प्रति ब्यांत रोग की चिकित्सा जीवाणु नाशक दवाओं द्वारा करनी चाहिए |
बाह्य व अन्त: परजीवी रोग के लिए समय – समय पर नियमित मॉल एवं शारीरिक भर की जाँच आवश्यक है |

महत्वपूर्ण :

  1. टीकाकरण के समुचित लाभ हेतु टीकाकरण से पूर्व परजीवी नाशक दावा पिलाना उपयुक्त रहता है |
  2. पहले टिन माह तक बकरी के बच्चे की सुरक्षा हेतु खीस / कीला प्रथम दूध (colostrum) को पिलाना आवश्यक है |
  3. अधिक जानकारी हेतु केन्द्रीय बकरी अनुसन्धान संस्थान, मक्टुम, फरह, मथुरा – 281122, उत्तर प्रदेश की हेल्पलाइन की सुविधा
  4. 0565 – 2763320 पर सम्पर्क करें (समय सुबह 10 से सांय 5 बजे तक, सार्वजनिक अवकाश को छोड़ कर) |

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