88 हजार से अधिक पशुपालकों को किया गया 8 करोड़ 56 लाख रूपए का गोबर खरीदी का भुगतान

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पशुपालकों को गोबर खरीदी का भुगतान

किसानों एवं पशुपालकों की आय में वृद्धि के उद्देश्य से सरकार द्वारा कई नई योजनायें शुरू की गई है | इन योजनाओं में छत्तीसगढ़ राज्य सरकार द्वारा हाल ही में शुरू की गई गोधन न्याय योजना महत्वपूर्ण है | योजना के तहत पशुपालकों से गोबर की खरीदी की जा रही है साथ ही इस गोबर से वर्मी कम्पोस्ट खाद तैयार कर किसानों को कम दामों पर खाद भी उपलब्ध करवाई जा रही है | इस योजना में अब एक नई कड़ी जुड़ गई है | 6 ओक्टूबर को मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने पशुपालकों को गोबर खरीदी की पांचवी किश्त का भुगतान किया, इसके आलावा गोधन वर्मी कम्पोस्ट नाम से ऐप भी लांच की |

88 हजार से अधिक गोबर विक्रेताओं को पांचवी किश्त

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने 6 अक्टूबर को अपने निवास कार्यालय से कम्प्यूटर पर बटन दबाकर गोधन न्याय योजना के तहत प्रदेश के 88 हजार 810 गौपालकों एवं गोबर विक्रेताओं को पंचम किश्त के रूप में 8 करोड 56 लाख रूपए की राशि का ऑनलाइन भुगतान सीधे संबंधितों के खातों में किया । 20 जुलाई हरेली पर्व से प्रारंभ हुई गोधन न्याय योजना के अंतर्गत अब तक गौपालकों एवं गोबर विक्रेताओं को 29 करोड़ 28 लाख रूपए की राशि का भुगतान किया जा चुका है।

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अभी तक की गई गोबर खरीदी

कृषि उत्पादन आयुक्त डॉ. श्रीमती एम.गीता ने बताया कि प्रदेश के कुल 5454 गौठानों में से 3247 गौठान वर्तमान में क्रियाशील है। इनमें से 3078 गौठान ग्रामीण क्षेत्रों में और 169 गौठान शहरी क्षेत्रों में स्थित है। उन्होंने बताया कि प्रदेश के 7 लाख 17 हजार 394 पशुपालकों में से गौठानों में एक लाख 84 हजार 899 पशुपालक पंजीकृत है। इनमें से 88 हजार 810 पशुपालकों और गोबर विक्रेताओं से अब तक 14 लाख 64 हजार 477 क्विंटल गोबर की खरीदी की गई है। गौठानों में प्रतिदिन लगभग 27 हजार 152 क्विंटल गोबर की खरीदी की जा रही है। योजना से लाभान्वित हो रहे पशुपालकों में से हर पशुपालक से औसतन 4.59 क्विंटल गोबर क्रय किया जा रहा है। सक्रिय गौठानों में प्रति गौठान लगभग 125.43 क्विंटल गोबर की खरीदी की जा रही हैं। लाभान्वित होने वाले पशुपालकों और गोबर विक्रेताओं में लगभग 40 प्रतिशत भूमिहिन श्रेणी के है।

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गोधन वर्मी कम्पोस्ट एप की शुरुआत

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर गौठानों में तैयार की गई वर्मी कम्पोस्ट ‘गोधन वर्मी कम्पोस्ट‘ के नाम से लॉन्च किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि गौठानों में तैयार वर्मी कम्पोस्ट के पैकेजिंग का कार्य हर जिले में महिला स्व-सहायता समूहों को सौंपा जाए। ये महिला स्व-सहायता समूह पैकेजिंग बैग में प्रिन्टिंग का कार्य करेंगे। उन्होंने कहा कि वर्मी कम्पोस्ट की पैकेजिंग में यह ध्यान रखा जाए कि वर्मी कम्पोस्ट के बैग खरीदी करने वालों के लिए हैण्डलिंग की दृष्टि से सुविधा जनक हो और वर्मी कम्पोस्ट में लम्बे समय तक नमी बनी रहे।

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