पशुओं की आकस्मिक मृत्यु होने पर दिया जायेगा 30 हजार रुपये तक का अनुदान

पशुओं की मृत्यु होने पर दिया जाने वाला अनुदान/मुआवजा

किसानों के लिए खेती के बाद पशुपालन आय का बहुत बड़ा जरिया है | किसानों के लिए पशुपालन एक एटीएम की तरह होता है जहाँ से प्रतिदिन कुछ पैसों की आमदनी होती है लेकिन कभी–कभी बीमारी, बाढ़, बिजली गिरने तथा अन्य कारणों से पशुओं की मृत्यु हो जाती है | इस अवस्था में किसानों की काफी आर्थिक नुकसानी उठानी पड़ती है | इससे कई बार किसान दोबारा पशु भी नहीं खरीद पाते हैं | पशुपालकों को पशु हानि से होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए सरकार द्वारा सहयता के रूप में अनुदान दिया जाता है |

बिहार पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग द्वारा राज्य के पशुपालकों को पशु क्षतिपूर्ति के लिए एक योजना चलाई जा रही है | जिसके  तहत किसानों एवं पशुपालकों को संक्रामक रोगों अथवा अप्राकृतिक कारणों से पशुओं की मृत्यु होने पर अनुदान दिया जाता है | यह योजना बिहार के लिए और भी जरुरी हो जाती है क्योंकि बिहार में हर वर्ष बाढ़ के प्रकोप एवं संक्रामक रोगों के चलते कई पशुओं की मृत्यु हो जाती है |

कौन से पशु पर कितना अनुदान/ मुआवजा दिया जायेगा  

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बिहार सरकार के द्वारा चलाई जा रही सहाय अनुदान योजना के तहत पशुपालकों को अलग–अलग पशुओं की मृत्यु पर अलग–अलग राशि दी जाएगी | इसके लिए बिहार पशुपालन विभाग ने पशुओं के आधार पर अनुदान राशि तय कर दी है जो इस प्रकार है :-

दुधारू पशु की मृत्यु पर दिया जाने वाला अनुदान/मुआवजा :-

इसके तहत गाय तथा भैंस की मृत्यु पर पशुपालक को प्रति पशु 30,000 रुपये दिए जाएंगे | अधिकतम तीन पशुओं पर ही यह सहायता राशि दी जाएगी  |

भारवाही (Draught)पशु की मृत्यु पर दिया जाने वाला अनुदान/मुआवजा:-
  • इसके तहत बोझ ढोने वाले पशुओं को शामिल किया गया है | जैसे ऊँट/ घोड़ा/ बैल हेतु प्रति पशु 25,000 रुपये दिए जाएंगे | यह राशि अधिकतम तीन पशुओं के लिए ही दी जाएगी |
  • इसके अलावा बछड़ा/ गधा/ खच्चर / टट्टू हेतु प्रति पशु 16,000 रुपये दिए जाएंगे | यह राशि अधिकतम 6 पशुओं के लिए दी जाएगी |
मांस उत्पादक पशु की मृत्यु पर दिया जाने वाला अनुदान/मुआवजा :-

इसके तहत दो प्रकार के मांस उत्पादक पशुओं में बांटा गया है तथा सभी के लिए अलग-अलग राशि दिए जाने का प्रावधान है |

  • व्यस्क भेड़/ सूकर/ बकरी हेतु प्रति पशु रूपये 3,000 दिए जायेंगे |
  • (अवयस्क भेड़ / सूकर / बकरी (9 माह से कम उम्र की) हेतु प्रति पशु 1,000 रुपये दिया जायेगा | (तीन छोटे पशु = 01 बड़ा पशु मन गया है) एक परिवार को अधिकतम 30 बड़े पशुओं के लिए दिया जायेगा |

कब दिया जायेगा अनुदान/मुआवजा

पशुपालक के घर पर कोई भी मवेशी जो प्राकृतिक कारणों से मर जाता है उस अवस्था में पशुपालक सहाय्य अनुदान योजना का लाभ प्राप्त कर सकता है | प्राकृतिक आपदा के अलावे अन्य कारणों (जैसे कुत्ता काटने, जंगली जानवरों के काटने, सांप काटने, एवं दुर्घटना) से अधिक संख्या में मृत्यु होने पर मुआवजा राशि दी जाएगी | इसके अतिरिक्त यथास्थिति असामयिक मृत्यु के अन्य कारणों को भी समय–समय पर विभाग की सहमति से जोड़ा जा सकेगा |

योजना का लाभ कैसे मिलेगा ?

किसी संक्रमण रोग अथवा अप्राकृतिक कारणों से पशुओं की मृत्यु की पुष्टि होने के उपरांत पशुपालक को मुआवजा / सहायता अनुदान दिये जाने हेतु संबंधित प्रखंड पशुपालक पदाधिकारी / भ्रमणशील पशु चिकित्सा पदाधिकारी द्वारा प्रभावित पशुपालकों से एक फार्म भरकर लिया जायेगा | जिसे संबंधित प्रखंड पशुपालन पदाधिकारी / भ्रमणशील पशु चिकित्सा पदाधिकारी एवं जिला पशुपालन पदाधिकारी के द्वारा सत्यापित किया जायेगा | जाँच के उपरांत संबंधित पशुपालक को उनके बैंक खाता में DBT/RTGS/NEFT के माध्यम से अनुमान्य मुआवजा / सहायय अनुदान की राशि का भुगतान किया जायेगा |

अधिक जानकारी के लिए यहाँ संपर्क कर सकते हैं 

पशुओं की मृत्यु पर सहायय अनुदान योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए अधिक जानकारी के लिए पशुपालक संबंधित पशु चिकित्सालय / जिला पशुपालन कार्यालय / पशु स्वास्थ्य एवं उत्पादन संस्था, बिहार, पटना से संपर्क किया जा सकता है | दूरभाष संख्या :- 0612–2226049

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    • सर किसी बीमारी से मृत्यु हुई है या उम्र के कारण, अपने यहाँ के सरकारी पशु चिकित्सालय से सम्पर्क करें।

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