किसानों के लिए प्रसार एवं प्रशिक्षण

किसानों के लिए प्रसार एवं प्रशिक्षण

क्या करें?

  • आत्मा के माध्यम से संचालित विस्तार सुधार योजना के अंतर्गत प्रखंड व निचले स्तर पर कृषि विस्तार के लिए 24,000/प्रात ब्लॉक 1 बीटीएम एवं 1 एटीएम (विस्तार समर्पित कर्मियों की नियुक्ति का प्रावधान है। किसान अपने लिए या अपने क्षेत्र के लिए उचित तकनीकी जानकारी सरकार के किसी भी कार्यक्रम/ योजना के बारे में अथवा कृषि संबंधी अन्य जानकारी के लिए इन विस्तार कर्मियों या राज्य सरकार के कृषि व संबंध विभागों के कर्मियों से संपर्क करें।
  • फार्म स्कूल अथवा प्रदर्शन प्लाट की स्थापना करें अथवा भाग लें।
  • वेबसाइट से सटीक सूचना प्राप्त करें और हस्त चालित यंत्र से अपने खेत को को पंजीकृत कराएँ।
  • कृषि से संबंधित नवीनतम ज्ञान व सूचना प्राप्त करने के लिए दूरदर्शन (18 क्षेत्रीय केंद्र, एक राष्ट्रीय केंद्र एवं 180 कम क्षमता के ट्रांसमीटर), एफएम रेडियों स्टेशनों (96) अथवा निजी चैनलों पर प्रसारित कृषि कर्यक्रमों का लाभ उठा सकते है ।
  • किसान कॉल सेंटर/विशेषज्ञों के माध्यम से प्रश्नों के उत्तर पाने के लिए नजदीकी किसान कॉल सेंटर टोल मुफ्त न. (1800-180-1551) से साल के 365 दिन प्रात: 6 बजे से रात्रि 10 बजे के बीच संपर्क कर सकते हैं।
  • कृषि में निर्धारित योग्यताधारी छात्र दो माह का नि: शुल्क प्रशिक्षण प्राप्त करके  36% अनुदान (अनुसूचित जाति,/जनजाति, पूर्वोत्तर व पर्वतीय राज्यों/महिलाओं के लिए 44%) के साथ बैक ऋण की सहायता से एग्री – क्लिनिक/एग्री – बिजनेस केंद्र की स्थापना कर सकते हैं।
  • प्रगतिशील किसानों के लिए आयोजित भ्रमण यात्रा एवं प्रशिक्षण कार्यक्रमों में भाग लें।
  • मोबाइल पर बिना इंटरनेट के भी वेबसाइट द्वारा अनुदेशात्मक एमएमएम् मॉड से चयनित सूचना एवं सेवाएँ प्राप्त करें।
  • स्थानीय सूचना/जानकारी (कृषि कार्य निर्देश, डीलरों की सूची, फसल संबंधी सलाह आदि) प्रापर्ट करने के लिए सीधे अथवा इंटरनेट कैफे/कॉमन सर्विस सेंटर के माध्यम से किसान पोर्टल देखें। किसान कॉल सेंटर अथवा कॉमन सर्विस सेंटर के लिए 51969 या 9212357123 पर एसएमएस (किसान पंजीकरण <अपना नाम >< राज्य के पहले चार अक्षर >< जिला के प्रथम चार >< ब्लॉक के प्रथम चार अक्षर लिखकर) किसान स्वयं को पंजीकृत करा कर एसएमएस पोर्टल का लाभ प्राप्त कर सकते हैं।

क्या पायें ?

किसानों की प्रशिक्षण एवं क्षमता निर्माण के लिए सहायता

क्र. संसहायता का प्रकारकार्य के लिए सहायता का पैमानास्कीम/ घटक
150-150 कृषकों के समूह को बीज प्रौद्योगिकी पर प्रशिक्षणरू. 15000/- प्रति समूहबीज ग्राम कार्यक्रम (एनएमएईटी)
250-150 कृषकों के  समूह को बीज उत्पादन और बीज प्रौद्योगिकी पर प्रशिक्षण.रू. 15,000/- प्रति प्रशिक्षण

क) बीज की फसल की बुवाई के समय: बीज उत्पादन तकनीक, अलगाव दूरी, बुवाई पद्धति एवं अन्य कृषि पद्धतियों पर प्रशिक्षण।

ख) फसल में फूल आने के समय।

ग) फसल कटाई के बाद एवं बीज प्रसंस्करण के समय।

ग्राम बीजक कार्यक्रम के जरिए तिलहनों, दलहनों, चारा और हरी खाद फसलों के प्रमाणिक बीज का उत्पादन।
3मान्यता प्राप्त संस्थानों में किसानों का प्रशिक्षण (वजीफा, आवास, खानपान एवं आने-जाने का परिवहन लागत किसानों को उपलब्ध कराया जाएगा)प्रति किसान रू. 5200/- प्रति माहकटाई उपरांत प्रौद्योगिकी प्रबंधन
4किसानों के लिए प्रशिक्षण30 किसानों के बैच को 2 दिवसीय प्रशिक्षण के लिए प्रति प्रशिक्षण रू. 24,000/- (रू. 400/- प्रति किसान प्रति दिन की दर से)एनएमओओपी
5किसानों के समूह लिए संरक्षण उपायों पर प्रशिक्षणक) एनजीओ/निजी संस्थानों के लिए प्रति किसान खेत  पाठशाला  रू. 29,200/-

ख) राज्य सरकार के संस्थानों के लिए रू. 26, 700/-

पौध संरक्षण स्कीम
6विभिन्न कृषि मशीनों एवं उपकरणों की मरम्मत, रखरखाव, प्रचालन एवं चयन तथा कटाई पश्चात प्रबंधनरू. 4,000/- प्रति व्यक्ति प्रति सप्ताहकृषि मशीनीकरण संबंधी उप मिशन (एसएमएएम)
7सब्जी उत्पादन व संबंधित विषयों पर किसानों के लिए दो दिवसीय प्रशिक्षणरू. 1500/- प्रति किसान प्रति प्रशिक्षण  (परिवहन व्यय अतिरिक्त)शहरी क्षेत्रों में सब्जियों की खेती (वीआईयूसी)
815-20 कृषकों के समूहों/कृषक संगठनों को प्रोत्साहन एवं वित्तीय संस्थाओं तथा संग्राहकों से जोड़नातीन वर्षों तक विस्तारित तीन किस्तों में रू. 4075/- प्रति किसानशहरी  (वीआईयूसी)क्षेत्रों में सब्जियों की
9.ग्रामीण भण्डारण योजना हेतु किसानों में में जागरूकता फ़ैलाने के लिए राष्ट्रीय कृषि विपणन संस्थान, जयपुर द्वारा 3 दिवसीय जागरूकता कार्यक्रमरू. 30,000/- प्रति कार्यक्रमग्रामीण भण्डारण योजना
10किसानों के लिए अंतर्राज्य प्रशिक्षण (50 मानव दिवस प्रति प्रखंड)रू. 1250/- प्रति किसान प्रतिदिन जिसमें परिवाह, खाने पीने व रहने का खर्च शामिल हैआत्मा योजना (एनएमएईटी), एनएचएम/एचएमएनईएच, एमआईडीएच के अंतर्गत उपस्किम
11किसानों के लिए राज्य के अंदर प्रशिक्षण (100 मानव दिवस प्रति प्रखंड)रू. 1000/- प्रति किसान प्रतिदिन जिसमें परिवहन, खाने – पीने व रहने का खर्च शामिल है।आत्मा योजना (एनएमएईटी)
12किसानों के लिए जिले के अंदर प्रशिक्षण (1000 मानव दिवस प्रति प्रखंड)आवसीय प्रशिक्षण में रू. 400/- प्रति किसान प्रतिदिन जिसमें परिवहन, खाने – पीने व रहने का खर्च शामिल है अन्यथा रू. 250/- प्रति किसान प्रतिदिनआत्मा योजना (एनएमएईटी), एनएचएम/ एचएमएनईएच, एमआईडीएच के अंतर्गत उपस्किम
13.कृषि (125 फसल प्रदर्शन प्रति ब्लॉक)रू. 4000/- प्रति फसल प्रदर्शन प्लाट (0.4 हेक्टेयर)आत्मा योजना (एनएमएईटी)
14.किसान पाठशाला (फसल की 6 महत्वपूर्ण अवस्थाओं पर प्रति मौसम 25 किसानों को प्रशिक्षण)रू. 29,414/- प्रति किसान पाठशालाआत्मा योजना (एनएमएईटी)
15.7 दिन का अन्तर्राज्यीय भ्रमण (5 किसान प्रति ब्लॉक)रू. 800/- प्रतिदिन/किसान जिसमें परिवहन, खाने – पीने व रहने का खर्च शामिल है।आत्मा योजना (एनएमएईटी)
165 दिन का राज्य के अंदर भ्रमण (25 किसान प्रति ब्लॉक)रू. 400/- प्रतिदिन/किसान जिसमें परिवाह, खाने – पीने व रहने का खर्च शामिल है।आत्मा स्कीम (एनएमएईटी), के अंतर्गत एनएचएम / एचएमएनईएच  एम आईडीएच उप स्कीम
173 दिन का जिला स्तर का प्रशिक्षण भ्रमण (100 किसान प्रति ब्लॉक)रू. 400/- प्रतिदिन/किसान जिसमें परिवाह, खाने – पीने व रहने का खर्च शामिल है।आत्मा स्कीम (एनएमएईटी)
18क) किसान समूहों का क्षमता एवं कौशल विकास व अन्य सहयोगी सेवाओं के लिए

(प्रति ब्लॉक 20 समूहों के लिए)

ख) आमदनीजनक कार्यों के लिए इन समूहों को एक मुश्त राशि

ग) महिलाओं के खाद्य सुरक्षा समूह (प्रति ब्लॉक 2 समूह)

रू. 5,000/- प्रति समूह

रू. 10,000/- प्रति समूह

रू. 10,000/- प्रति समूह

आत्मा स्कीम (एनएमएईटी)
19मिट्टी जाँच प्रयोगशालाओं द्वारा चुने हुए गांवों में फ्रंट लाइन प्रदर्शन (एफएलडी)

फ्रंट लाइन प्रदर्शन (एफएलडी)

आईसीएआर  संस्थानों द्वारा आयोजित फ्रंट लाइन प्रदर्शन  (एफएलडी)

रू. 2000/-प्रति प्रदर्शन

आईसीएआर  और इन्क्रीसेंट हैदराबाद को 100% सहायता, जो मूंगफली के लिए अधिकतम रू 8,500/- प्रति हेक्टर, सोयाबीन, रेपसीड, सरसों, सूरजमुखी के लिए अधिकतम रू. 6,000/- प्रति हेक्टर, तिल, कुसूम, तिल्ली, अलसी और एरंड के लिए

रू. 5000/- प्रति हेक्टर और आईसीएआर द्वारा विकसित मूंगफली में पोलीथिन मल्च तकनीकी फ्रंटलाइन प्रदर्शन के लिए रू. 12,500/- प्रति हेक्टर सहायता होगी।

प्रत्येक फसल के अंतर्गत एक किसान को एक हेक्टेयर क्षेत्र का  अधिकतम एक फसल प्रदर्शन के स्वीकार्य होगा। फ्रंटलाइन प्रदर्शन के प्लांट का आकार एक हेक्ट. होगा परंतु 0.4 हेक्टर से कम नहीं।

राष्ट्रीय मृदा स्वास्थय एवं उर्वरकता प्रबंधन परियोजना

एनएमओओपी

i) चावल, गेहूं एवं दलहन

ii) मोटा अनाज

iii)  कृषि विज्ञान केन्द्रों के माध्यम से दलहन का फ्रंट लाइन फसल प्रदर्शन (एफएलडी)

रू. 7,500/- प्रति हेक्टर

रू. 5,000/- प्रति हेक्टर

रू. 7,500/- प्रति हेक्टर

एनएमएसएम

एनएमएसएम

एनएमएसएम

20राज्यों द्वारा बेहतर पैकेज पद्धति का प्रदर्शन

i) चावल एवं गेहूं

ii) दलहन

iii) मोटा अनाज

केवल राज्यों द्वारा फसल प्रणाली आधारित प्रदर्शन

i) चावल

ii) गेहूं एवं दलहन

रू. 7,500/- प्रति हेक्टर

रू. 7500/- प्रति हेक्टर

रू. 5,000/- प्रति हेक्टर

रू. 12,500/- प्रति हेक्टर

रू. 12,500/- प्रति हेक्टर

एनएमएसएम एवं बीजीआरईआई

एनएमएसएम

एनएमएसएम

एनएमएसएम एवं बीजीआरईआई

एनएमएसएम

21.वैकल्पिक व सघन तकनीकी ज्ञान का खेत स्तरीय प्रदर्शन (जुट फसल)रू. 20,000/- प्रति प्रदर्शन (आदान के लिए

रू. 17000/- और आकस्मिक कार्य के लिए

रू. 3,000/-)

तदैव –
22.उत्पादन तकनीकों / अंतर फसल का खेत स्तरीय प्रदर्शनरू. 8,000/- प्रति प्रदर्शन (आदान के लिए रू. 7,000/- और आकस्मिक कार्य के लिए रू. 1,000/-)राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन व्यवसायिक फसल  (जुट)
23.एकीकृत फसल प्रबंधन का फ्रंट लाइन प्रदर्शनरू. 7,000/- प्रति प्रदर्शन (आदान के लिए रू. 6,000/- और आकस्मिक कार्य के लिए रू. 1,000/-)राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन व्यवसायिक फसल  (कपास)
24.देशी एवं ईएलस कपास बीज उत्पादन का फ्रंट लाइन प्रदर्शनरू. 7,000/- प्रति प्रदर्शन (आदान के लिए रू. 6,000/- और आकस्मिक कार्य के लिए रू. 1,000/-)तदैव
25.अंतरफल (0.4 हे. आकार) का फ्रंट लाइन प्रदर्शनरू. 7,000/- प्रति हेक्टर (आदान के लिए रू. 6,000/- और आकस्मिक कार्य के लिए रू. 1,000/-)तदैव
26.सघन पौध रोपण पद्धति का परिक्षणरू. 9,000/- प्रति हेक्टर (रू. 8,000/- आदान के लिए और आकस्मिक कार्य के लिए रू. 1,000/-)तदैव
27गन्ने के साथ अंतरफसल तथा सिंगल बड चिप तकनीक का प्रदर्शनरू. 8,000/- प्रति हेक्टर (आदान के लिए रू. 7,000/- और आकस्मिक कार्य के लिए रू. 1,000/-)राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन, व्यावसायिक फसल ग गन्ना
28फसल आधारित प्रशिक्षण (4 सत्र)रू. 35,000/- प्रति सत्र अथवा रू. 14,000/- प्रति प्रशिक्षणएनएफएसएम् एवं बीजीआरई आई
29.ट्रैक्टर एवं अन्य कृषि मशीनों के चयन, प्रचलन और रखरखाव संबंधी प्रशिक्षण।एक से 6 सप्ताह तक की अवधि के लिए उपयोगकर्ता स्तर तक के पाठ्यक्रम के लिए साधारण श्रेणी से आने – जाने के किराए सहित प्रति किसान रू,  1,200/- वजीफा एवं नि:शुल्क आवास की व्यवस्था।प्रशिक्षण,  जाँच और प्रदर्शन के जरिए कृषि मशीनों को प्रोत्साहन एवं सुदृढ़करण।
30क्षेत्रों में ब्लॉक प्रदर्शनमूंगफली के लिए रू. 7500/- प्रति हेक्टेयर, सोयाबीन के लिए रू. 4500/- प्रति हेक्टेयर, सरसों, तिल अलसी और नाइजर के लिए रू. 3000/- प्रति हेक्टेयर और सूरजमुखी के लिए रू. 4000/- प्रति हेक्टेयरएनएमओओपी
31किसानों का प्रशिक्षण जिसमें क्षेत्र प्रदर्शन, एकीकृत कृषि, जलवायु परिवर्तन, अनुकूलता, मिट्टी, पानी तथा फसल प्रबंधन की उत्तम कृषि पद्धितियों के आधार पर क्षेत्र दौरों के लिए जरिए किसानों एवं अंशधारकों (स्टेकहोल्डरों) का क्षमता निर्माण20 अथवा अधिक प्रतिभागियों का एक सत्र के लिए रू. 10,000/- प्रति प्रशिक्षण। 50 प्रतिभागियों अथवा अधिक के एक समूह के लिए रू. 20,000/- प्रति फसल प्रदर्शन।एनएमएसए
32खेत पर जल प्रबंधन/माइक्रो सिंचाई के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम।कम से कम 2-3 दिन की अवधि के 30 प्रतिभागियों के लिए रू. 50,000/- प्रतिप्रशिक्षणएनएमएसए
33मृदा स्वास्थ्य संबंधी प्रशिक्षण एवं प्रदर्शनखेत प्रदर्शन सहित 20 या अधिक किसानों के लिए रू. 10,000/- प्रति प्रशिक्षण सत्र, प्रति फ्रंट लाइन खेत फसल प्रदर्शन के लिए रू. 20,000/-एनएमएसए

 किससे संपर्क करें?

जिला कृषि अधिकारी/जिला बागवानी अधिकारी/परियोजना निदेशक (आत्मा)

कौशल विकास कार्यक्रम

  • कृषि एवं संबंद्ध क्षेत्रों में कुशल मानव श्रम का सृजन करने के लिए गरमी युवा और किसानों हेतु कौशल विकास प्रशिक्षण पाठ्यक्रम
  • 200 घंटे से अधिक का पाठ्यक्रम जिससे पारिश्रमिक रोजगार तथा स्व-रोजगार को बढ़ावा मिलेगा।
  • भारतीय कृषि कौशल प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों के लिए योग्यता पैक (क्यूपि) को डीएसीएंडएफडब्ल्यू तथा आईसीएआर द्वारा अपनाया जा रहा है।
  • वर्ष 2017-18 में 200 घंटे की अवधि का कौशल विकास पाठ्यक्रम चयनित कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके), राज्य कृषि विश्व विद्यालयों, आईसीएआर संस्थानों और   डीएसीएंडएफडब्ल्यू के राज्य स्तर के संस्थानों के माध्यम से संचालित किया जाएगा।
  • शिक्षित और प्रमाणित प्रशिक्षकों द्वारा प्रशिक्षण।
  • भारतीय कृषि कौशल परिषद (एएससीआई) द्वारा तृतीय पक्ष मूल्यांकन।
  • कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय और भारतीय कृषि कौशल परिषद (एएससीआई)।