पराली (पुआल) जलाने पर किसानों को नहीं मिलेगा 3 वर्ष तक सरकारी योजनाओं का लाभ

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parali jalane par yojna ka labh nahi milega

पराली जलाने पर किसानों पर कार्यवाही

लगता है कि पराली को लेकर सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद सरकार ने सख्त रूप अपना लिया है | पराली जलाने से रोकने के लिए अलग – अलग राज्य सरकारों ने अपने नियम बना लिए हैं | कुछ राज्य सरकार ने पराली जलाने से रोकने के लिए किसानों को प्रति एकड़ 100 रुपये प्रति क्विंटल दे रही है तो कुछ राज्य सरकार ने सीधे किसानों पर केस दर्ज कर रही है | बिहार सरकार ने किसानों को पराली जलाने से रोकने के लिए किसानों को राज्य तथा केंद्र सरकार के योजना से वंचित कर रही है | इसके लिए राज्य सरकार ने सभी जिला अधिकारी, अनुमंडल अधिकारी , जिला कृषि विभाग को निर्देश दिया है | किसानों को किस तरह वंचित किया जायेगा इसकी जानकारी किसान समाधान लेकर आया है |

किसानों को किन योजनाओं से वंचित रखा जायेगा

राज्य सरकार ने पराली जलाने वाले किसानों पर जो कार्यवाही की जाएगी उसके लिए दिशा निर्देश जारी किये हैं | सरकार ने किसानों को सरकारी योजना से वंचित करने के नियम तथा योजना कि जानकारी दी है | बिहार के समस्त जिलों के किसानों को केवल डी.बी.टी. योजना से वंचित किया जायेगा | इसका मतलब यह हुआ कि जो योजना ऑनलाइन है वही योजनाओं को वंचित किया जायेगा जबकि जो योजना ऑनलाइन नहीं है वह सभी योजना का लाभ प्राप्त कर सकते हैं | अर्थात जिन योजना का आवेदन करने पर किसानों को सीधे बैंक अकाउंट में पैसा दिया जाता था वह मिलना बंद हो जायेगा |

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पराली जलाते हुए पाए जाने पर 3 वर्ष योजनाओं से वंचित

राज्य सरकार ने कृषि सचिव, सभी जिलों के जिला अधिकारी, अनुमंडल अधिकारी, तथा जिला कृषि विभाग को लिखित में दिया है कि राज्य के सभी किसानों को डी.बी.टी. योजनों से 3 वर्ष के लिए वंचित किया जाए | जो किसान पराली जलाते हुये पकड़े जायेंगे तथा उनकी पहचान हो जाती है तो उन सभी किसनों को राज्य तथा केंद्र सरकार के सभी योजना जो डी.बी.टी. से जुडा है 3 वर्ष के लिए वंचित कर दिया जायेगा |

किसानों को पहचान कैसे तथा वंचित का क्या प्रक्रिया रहेगा ?

 ऑनलाइन प्रक्रिया कृषि समन्वयक स्तर से शुरू होगी | प्रत्येक कृषि समन्वयक के लागिन में पंचायत के वैसे पंजीकृत किसान जिन्होंने पुआल / फसल अवशेष जलाये हैं उन्हें वंचित (disqualify) करने के लिए लिंक दिया गया है |

किसान को चिन्हित करने के लिए किसान के नाम के पहले 3 अक्षर डालकर कृषि समन्वयक को सर्च करना होगा | login में पंचायत के सभी किसान का डाटा सर्च में डाले गए नाम के अनुरूप प्रदर्शित किया जायेगा जिनके माध्यम से कसीं को चिन्हित किया जा सकेगा |

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किसान को वंचित Disqualification होने की कैसे जानकारी मिलेगी 

डी.बी.टी. नोडल अधिकारी के ऑनलाइन स्वीकृति के बाद चिन्हित किसानों को 3 वर्षों के लिए बाध्य कर दिया जाएगा | वैसे किसान विभाग के किसी भी योजना के लाभ से वंचित (disqualify) रहेंगे | इसकी जानकारी चिन्हित किसानों के मोबाइल पर SMS के द्वारा भी दी जाएगी |

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