किसानों को जमाबंदी की ई-साइन प्रति और कृषि लोन ऑनलाइन मिलेगा 15 मिनट में

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जमाबंदी की ई-साइन प्रति और कृषि लोन ऑनलाइन

राजस्थान सरकार ने किसानों को बड़ी राहत देते हुए जमाबंदी की ई-साइन प्रति ऑनलाइन जारी करने और राजस्थान कृषि ऋण पोर्टल की शुरुआत की है। राजस्व मंत्री श्री हरीश चौधरी ने बुधवार को शासन सचिवालय में कम्प्यूटर पर क्लिक कर इनका अनावरण किया। यह दोनों सुविधाएं प्रायोगिक तौर पर झुंझुनूं जिले में लागू की गई है।

जमाबंदी की ई-साइन प्रति मिलेगी ऑनलाइन

राजस्व मंत्री श्री हरीश चौधरी ने भू प्रबंध विभाग की ओर से विकसित प्रक्रिया से अपना खाता वेबसाइट से जमाबंदी की ई-साइन प्रति ऑनलाइन जारी करने का अनावरण किया। यह प्रक्रिया एनआईसी ने विकसित की है। अब कोई भी किसान कृषि भूमि का अधिकृत दस्तावेज ऑनलाइन प्राप्त कर सकेगा। यदि कृषक के पास कंप्यूटर नहीं है तो वह ई-मित्र केंद्र से भी ई-साइन प्रति प्राप्त कर सकेगा। राज्य सरकार के आदेश अनुसार यह हस्ताक्षरित प्रति विधि मान्य है। प्रत्येक ई-हस्ताक्षरित प्रति पर क्यूआर कोड अंकित है जिसे स्कैन कर जारी नकल की प्रविष्टियों को कोई भी व्यक्ति मोबाइल पर पुष्टि कर सकता है। 

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कृषि ऋण पोर्टल का भी अनावरण किया जिसके माध्यम से काश्तकार बैंक में जाकर फार्म 61 ऑनलाइन भर सकेगा तथा इसकी बैंक अधिकारियों द्वारा प्रमाणन की प्रक्रिया भी ऑनलाइन है। बैंक की ओर से सिक्स वन फॉर्म जमा करने पर स्वतः ही नामांतरण प्रक्रिया प्रारंभ हो जाएगी। पटवारी एवं तहसीलदार के द्वारा राजस्व अधिकारी एप्लीकेशन के माध्यम से टिप्पणी पुष्टि किए जाने के पश्चात् नामांतरण को मंजूर किया जा सकेगा। ऎसा करने से जिस प्रक्रिया में एक से दो माह का समय लगता था वह अब सिर्फ 5 से 7 दिनों में पूर्ण की जा सकेगी |

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15 मिनट में मिलेगा ऑनलाइन ऋण

राजस्व मंत्री श्री हरीश चौधरी के सामने ही वीडियो कॉफ्रेंस पर कृषि ऋण संबंधी सम्पूर्ण प्रक्रिया पूर्ण कर झुंझुनूं जिले के किसान रामप्रताप का ऋण सिर्फ 15 मिनट में मंजूर कर दिया। काश्तकार ने मौके पर ही ई-साइन जमाबंदी प्राप्त की और बैंक ऑफ बड़ौदा की चुड़ी चतरपुरा शाखा में ऋण आवेदन किया। लोन अधिकारी ने आरंभिक प्रविष्टियों की जांच कर सबमिट किया। बैंक अधिकारी ने ई-साइन दस्तावेजों से आवेदन प्रविष्टियों का मिलान किया और पटवारी को अग्रेषित कर दिया। पटवारी ने मौके पर ही ऑनलाइन टिप्पणी की और गिरदावर की रिपोर्ट के पश्चात् तहसीलदार ने नामांतरण ऑनलाइन कर दिया। इसके बाद बैंक अधिकारी ने पोर्टल पर नामांतरण प्राप्त कर तुरंत मौके पर ही लोन मंजूर कर दिया।

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