मानसून की बेरुखी से इस वर्ष पिछले वर्ष के मुकाबले खरीफ फसलों की बुआई में आई काफी कमी

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kharif crop sowing report 2021 july

खरीफ फसलों की बुआई का रकबा 2021

भारतीय मौसम विभाग के अनुसार इस वर्ष भी पिछले वर्ष कि तरह ही इस मानसून सामान्य रहने की उम्मीद थी,जिससे किसानों में काफी उत्साह था | जून माह में अच्छी बारिश एवं जुलाई माह में कम बारिश के चलते किसानों की फसलों को काफी नुकसान हुआ है | इस वर्ष कुछ राज्यों में सूखे की स्थिति बनी हुई है तो कुछ राज्यों में देर से ही सही लेकिन भारी बारिश के कारण बाढ़ की स्थिति बनी हुई है | अभी तक मानसूनी बारिश के सामान्य से कम रहने का असर खरीफ फसलों की बुआई पर साफ़ देखा जा सकता है |

9 जुलाई 2021 तक खरीफ फसलों की बुवाई 50 मिलियन हेक्टेयर तक हुई है, जो कुल खरीफ क्षेत्रफल का 46.6 प्रतिशत है | जबकि इस अवधि में पिछले वर्ष 55.6 मिलयन हेक्टेयर में बुवाई हुई थी, जो कुल खरीफ बुवाई के क्षेत्रफल का 52.5 प्रतिशत है | इस प्रकार इस वर्ष 9 जुलाई 2021 तक पिछले वर्ष के मुकाबले 10.4 प्रतिशत कम खरीफ फसल की बुवाई हुई है |

कृषि और कल्याण मंत्रालय ने प्रत्यके वर्ष की तरह ही इस वर्ष 13 जुलाई 2021 को खरीफ फसल की बुवाई का डेटा जारी किया है | प्रत्येक वर्ष 9 जुलाई को जारी किया जाता है लेकिन इस वर्ष 4 दिन की देरी से जारी किया गया है | खरीफ फसल की बुवाई का पहले डाटा 25 जून को जारी किया जाता है जबकि इस वर्ष 5 दिन की देरी से 30 जून 2021 को जारी किया गया है | फसलों के अनुसार देश भर में बुवाई का रकबा सरकार ने इस प्रकार जारी किया है | गन्ने की फसल में पीछले वर्ष के मुकाबले अधिक बुवाई हुआ है तो ज्यादातर फसलों की बुवाई में कमी आया है |

progress of kharif sowing
progress of kharif sowing

गन्ना बुआई का रकबा

9 जुलाई 2021 तक देश भर में गन्ने की बुवाई 5.4 मिलियन हेक्टेयर क्षेत्र में की गई  है जो 113 प्रतिशत होता है | इस बार की बुवाई सामान्य अवधि में पिछले वर्ष के मुकाबले 1.7 प्रतिशत अधिक है | राज्य के अनुसार महाराष्ट्र में 7.8 प्रतिशत और गुजरात में 33.5 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है तो वहीं उत्तर प्रदेश, कर्नाटक, बिहार जैसे प्रमुख गन्ना उत्पादक राज्यों में मामूली वृद्धि देखी गई है | जबकि इस अवधि में 12.3 प्रतिशत की गिरावट तमिलनाडु में दर्ज की गई है |

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धान बुआई का रकबा

9 जुलाई 2021 को तक देश भर में 12.6 मिलियन हेक्टेयर भूमि में चावल की बुवाई की गई है जो पिछले वर्ष के मुकाबले 8.9 प्रतिशत कम है | चावल की बुवाई में वृद्धि होने की उम्मीद है | देश भर में एक बार फिर से मानसून सक्रिय हो गया है जिससे विभिन्न राज्यों में धान की बुवाई का काम अभी चल रहा है |

मोटे अनाज बुआई का रकबा

मोटे आनाज की बुवाई में भी कमी देखी गई है | 9 जुलाई 2021 तक मोटे अनाज की बुवाई 7.3 मिलियन हेक्टेयर हुआ है, जो पिछले वर्ष के मुकाबले 17.2 प्रतिशत कम है | पिछले वर्ष सामान्य अवधि में 22.5 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई थी |

तिलहन बुआई का रकबा

9 जुलाई 2021 तक तिलहन की कुल बुवाई 11.3 मिलियन हेक्टेयर में हुआ है जो पिछले वर्ष 12.6 मिलियन हेक्टेयर में था | इससे बुवाई के क्षेत्रफल में 10.8 प्रतिशत कम हुई है | खरीफ सीजन में सोयाबीन तिलहन की प्रमुख फसल है | 9 जुलाई 2021 तक 8.2 मिलियन हेक्टेयर में बुवाई की गई है जो पिछले वर्ष के मुकाबले 11.1 प्रतिशत कम है |

मध्य प्रदेश सोयाबीन की खेती में अग्रणी राज्य है | राज्य में 9 जुलाई 2021 तक 3.7 मिलियन हेक्टेयर में बुवाई किया गया है | यह बुवाई कुल सोयाबीन क्षेत्र का 66 प्रतिशत है | सामान्य अवधि में पिछले वर्ष 75 प्रतिशत तक बुवाई की जा चुकी थी | सोयाबीन की खेती में कमी का एक करण किसानों को बीज उपलब्ध नहीं होना भी है | साथ ही मध्य प्रदेश, राजस्थान राज्यों में वर्षा सामान्य से काफी कम हुई है | कई जगह सोयाबीन बुआई के बाद किसानों को उसे हटाकर दूसरी फसल लगानी पड़ी है |

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2.7 मिलियन हेक्टयर में मूंगफली की बुवाई 9 जुलाई 2021 तक किया गया है | मूंगफली की बुवाई कुल रकबा का 64 प्रतिशत में किया गया है | सामान्य अवधि में पिछले वर्ष के मुकाबले इस वर्ष 11.3 प्रतिशत कम है | गुजरात मूंगफली का सबसे बड़ा उत्पादक राज्य है | यहाँ 11.4 प्रतिशत कम क्षेत्र में मूंगफली की बुवाई किया गया है | जबकि राजस्थान मूंगफली के क्षेत्र में 7.3 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज किया गया है |

कपास बुआई का रकबा

कपास की बुवाई में भी कमी देखने को मिली है | 9 जुलाई 2021 तक देश भर में 8.6 मिलियन हेक्टेयर में कपास की बुवाई की गई थी जो पिछले वर्ष के मुकाबले 17.5 प्रतिशत कम है | पिछले वर्ष सामान्य अवधि में कपास की बुवाई में 34.9 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है | देश के कपास उत्पादक राज्य महाराष्ट्र, गुजरात, तेलंगाना, हरियाणा, राजस्थान और मध्य प्रदेश राज्यों में बुवाई में कमी दर्ज की गई है |

देश भर में मानसून का असर कृषि के क्षेत्र में सीधा देखा जा सकता है | गन्ना को छोड़कर शेष सभी फसलों की बुवाई पर असर हुआ है | 7 जुलाई तक देश भर में वर्षा 46.3 प्रतिशत की कमी थी जो 14 जुलाई को समाप्त हुए सप्ताह में 7 प्रतिशत की कमी रह गई है | उम्मीद की जा रही है कि आने वाले दिनों में वर्षा में सुधार होने पर खरीफ फसल की बुवाई में वृद्धि दर्ज की जाएगी |

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