किसानों के किये जाएगें कर्ज माफ़: राजस्थान बजट

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किसानों के किये जाएगें कर्ज माफ़ : राजस्थान बजट

राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने राज्य का बजट पेश कर दिया। ये वसुंधरा राजे का आखिरी पूर्णकालिक बजट है क्योंकि साल के आखिर में राज्य में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। बजट पेश करते हुए वसुंधरा राजे ने कहा कि हर तबके का विकास करना सरकार का लक्ष्य है। बजट में वसुंधरा सरकार ने किसानों का 50 हजार तक का कर्ज माफ करने की घोषणा की है।लघु और सीमांत किसानों के 50 हजार तक का कर्ज माफ करने की घोषणा की है। इसके अलावा मुख्यमंत्री ने राज्य में शिक्षा, इंफ्रास्ट्रक्चर और नई भर्तियों की भी घोषणा की | राजस्थान में किसानों पर 30 सितंबर तक के 50 हजार तक के लोन और ओवर ड्यू पर ब्याज की माफ होगा। इससे राज्य सरकार पर आठ हजार करोड़ रुपए का भार आएगा।

राजस्थान बजट 2018-19 में किसानों के लिए मुख्य बातें

कर्जमाफी

बजट में लघु एवं सीमान्त कृषकों को राहत प्रदान करने के लिए उनके सहकारी बैंकों में 30 सितम्बर,2017को बकाया अवधिपार ऋणों पर समस्त ब्याज एवं शास्तियों को माफ किया गया है। उन्होंने कहा कि लघु एवं सीमान्त कृषकों के 30सितम्बर,2017को बकाया 50 हजार रुपए तक अल्पकालीन फसली ऋण को माफ किया गया है। इस राहत से राजकोष पर लगभग8 हजार करोड़ रुपए का भार पड़ेगा।

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राज्य कृषक ऋण राहत आयोग का गठन

राज्यके किसानों को राहत का स्थायी समाधान करने के लिए राजस्थान राज्य कृषक ऋण राहत आयोग का गठन किया जाएगा और यह आयोग स्थायी प्रकृति का होगा। उन्होंने कहा कि कृषक राहत प्राप्त करने के लिए आयोग के सामने अपना पक्ष रख सकता है और आयोग मेरिट के आधार पर कृषक को राहत प्रदान करने के संबंध में निर्णय करेगा।

किसानों को अधिक मिलेगा ब्याज मुक्त फसली ऋण

किसानों को ब्याज मुक्त फसली ऋण प्रदान करने के लिए केन्द्रीय सहकारी बैंकों को क्षतिपूर्ति ब्याज अनुदान के रूप में 160 करोड़ रुपए उपलब्ध करवाए जाएंगे इससे बैंक अब किसानों को अधिक मात्र में आवश्यकतानुसार ऋण उपलब्ध करवा पाएंगे। वहीं रियायती ब्याज पर फसली ऋण के लिए बैंकों को 384 करोड़ रुपए के अनुदान से किसानों को शून्य ब्याज पर अधिक मात्रा में ऋण मिल सकेगा।

समर्थन मूल्य खरीद

किसानों को उनकी कृषि उपज का वाजिब दाम दिलाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। किसानों से सरसों एवं चना की समर्थन मूल्य पर खरीद की सुगम व्यवस्था की जाएगी ।

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उर्वरकों की उपलब्धता

किसानों को समय पर यूरिया एवं डीएपी की उपलब्ध कराने के लिए अग्रिम भण्डारण पर 40 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है। इससे राज्य में 1लाख 75 हजार मीट्रिक टन यूरिया एवं 50 हजार मीट्रिक टन डीएपी का अग्रिम भण्डारण किया जाएगा।

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