राजस्थान के किसानों के लिए अच्छी खबर है। राज्य सरकार की एकमुश्त समझौता योजना (OTS) के तहत दी गई 200 करोड़ रुपये से अधिक की ब्याज राहत का बड़ा असर अब सहकारी भूमि विकास बैंकों की वित्तीय स्थिति पर दिखाई देने लगा है। पहले जहां केवल 10 बैंक लाभ में थे, वहीं अब 27 बैंक लाभ की स्थिति में पहुंच गए हैं। सरकार ने इस वर्ष शेष 9 बैंकों को भी लाभ में लाने का लक्ष्य तय किया है।
शासन सचिव, सहकारिता डॉ. समित शर्मा ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के 36 प्राथमिक सहकारी भूमि विकास बैंकों की समीक्षा बैठक में यह जानकारी दी।
किसानों को मिलेगा पहले से अधिक कृषि ऋण
बैंकों की आर्थिक स्थिति मजबूत होने के बाद अब किसानों को कृषि कार्यों के लिए पहले की तुलना में अधिक मध्यकालीन कृषि ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। विभाग के अनुसार वर्ष 2025-26 में पिछले वर्ष की तुलना में दोगुने से अधिक कृषि ऋण वितरित किए गए हैं, जिससे किसानों को खेती, सिंचाई, कृषि उपकरण और अन्य निवेश के लिए आसान वित्तीय सहायता मिल रही है।
सभी भूमि विकास बैंकों का तेजी से हो रहा कम्प्यूटराइजेशन
राज्य सरकार सहकारी भूमि विकास बैंकों को पूरी तरह डिजिटल बनाने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। कम्प्यूटराइजेशन से बैंकिंग सेवाओं में पारदर्शिता बढ़ेगी और किसानों को तेजी से सेवाएं मिल सकेंगी।
- सराहनीय कार्य: भीलवाड़ा, केकड़ी, भरतपुर, बांसवाड़ा, उदयपुर और प्रतापगढ़ बैंकों ने डिजिटाइजेशन कार्य में उत्कृष्ट प्रगति दिखाई।
- समय सीमा में कार्य पूरा करने की हिदायत: जैसलमेर, रायसिंहनगर, जयपुर, नागौर, जालौर, झालावाड़, कोटा, बीकानेर, जोधपुर, बारां एवं सवाईमाधोपुर बैंकों को धीमी गति पर नसीहत दी गई।
डॉ. शर्मा ने पिछड़ रहे बैंकों को निर्देश दिया कि वे एफएचआर (FHR), एफवीआर (FVR), डीसीटी (DCT) और ऑन-बोर्डिंग कार्यों को निर्धारित समय सीमा में पूरा करने के लिए तुरंत डेडिकेटेड नोडल अधिकारी नियुक्त करें।
प्रदर्शन के आधार पर बैंकों की हुई रैंकिंग
सहकारी बैंकों के कामकाज और प्रदर्शन का आंकलन विभाग द्वारा तय 18 परफोरमेंस इण्डीकेटर्स (KPI) के आधार पर किया गया:
KPI स्कोर बोर्ड (शीर्ष 3 बैंक)
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रैंक |
बैंक का नाम |
प्राप्त अंक (100 में से) |
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1 |
चित्तौड़गढ़ बैंक |
89.93 |
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2 |
बालोतरा बैंक |
82.98 |
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3 |
प्रतापगढ़ बैंक |
82.47 |
वहीं उदयपुर, पाली, जालौर और सवाई माधोपुर का प्रदर्शन औसत से नीचे रहा।
मूल्यांकन एवं अंक निर्धारण व्यवस्था
डॉ. शर्मा ने स्पष्ट किया कि ऋण देना बैंकों का मुख्य कार्य है, लेकिन वित्तीय अनुशासन और ऋण की समय पर वसूली सबसे महत्वपूर्ण है:
- ऋण वसूली कार्य: 50 अंक
- कम्प्यूटराइजेशन कार्य: 20 अंक
- अकाउंटिंग, ऑडिट और AGM का आयोजन: 16 अंक
- ऋण वितरण कार्य: 8 अंक
- वित्तीय अनुशासन की पालना: 5 अंक
- संपर्क पोर्टल एवं न्यायिक प्रकरणों का निस्तारण: 5 अंक
किसानों को मिलेंगी तेज और पारदर्शी बैंकिंग सेवाएं
शासन सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बैंक कर्मचारी कार्यालय समय में नियमित उपस्थित रहें, किसानों के साथ बेहतर व्यवहार करें तथा बैंकिंग सेवाओं का त्वरित निष्पादन सुनिश्चित करें ताकि किसानों का सहकारी बैंकों पर विश्वास और मजबूत हो।
निष्कर्ष
राजस्थान सरकार द्वारा सहकारी भूमि विकास बैंकों के डिजिटलीकरण, वित्तीय सुधार और प्रदर्शन आधारित मूल्यांकन की पहल का सीधा लाभ किसानों को मिलने जा रहा है। बैंकों की आर्थिक स्थिति मजबूत होने से कृषि ऋण वितरण बढ़ेगा, सेवाएं तेज होंगी और किसानों को खेती के लिए समय पर वित्तीय सहायता उपलब्ध हो सकेगी।
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