back to top
28.6 C
Bhopal
रविवार, जुलाई 14, 2024
होमकिसान समाचारछत्तीसगढ़ में डायल 112 पर कॉल कर होगा किसानों की समस्याओं...

छत्तीसगढ़ में डायल 112 पर कॉल कर होगा किसानों की समस्याओं का समाधान

किसान की समस्याओं के समाधान के लिए डायल 112

किसानों को कई तरह की समस्याओं का सामना आये दिन करना पड़ता है, किसानों की इन्हीं समस्याओं के समाधान के लिए सरकार के द्वारा टोल फ्री नम्बर जारी किये जाते हैं | जहाँ देश भर के किसानों के लिए केंद्र सरकार के कृषि विभाग द्वारा टोल फ्री नंबर 1800-180-1551 किसान कॉल सेंटर के लिए है वही राज्य सरकार द्वारा भी किसानों की समस्या के समाधान के लिए समय-समय पर कंट्रोल रूम एवं सहायता के लिए नम्बर जारी किये जाते हैं |

अभी छत्तीसगढ़ राज्य सरकार ने धान खरीदी एवं किसानों की अन्य समस्याओं के समाधान के लिए टोल फ्री नम्बर 112 जारी किया है | मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने प्रदेश के किसानों के हित में एक बड़ा निर्णय लेते हुए किसानों की समस्याओं के त्वरित निदान के लिए डायल 112 की सेवा किसानों से जोड़ने के निर्देश दिए है। इस धान खरीदी सीजन तक किसानों को यह सेवा मुहैया होगी। डायल 112 की सेवाएं अभी आपात स्थिति में लोगों को मुहैया हो रही है। मुख्यमंत्री ने डायल 112 में किसानों से प्राप्त होने वाली समस्याओं को त्वरित निदान करने के निर्देश कलेक्टर और पुलिस अधीक्षकों को दिए है।

यह भी पढ़ें   सरकार ने नैनो यूरिया के बाद अब नैनो यूरिया प्लस को भी दी मंजूरी, किसानों को मिलेगा यह फायदा

किसान डायल 112 पर पा सकेगें इन समस्याओं का समाधान

प्रदेश के किसानों के पंजीयन रकबे की एंट्री, रकबे की कमी, गिरदावरी में किसी प्रकार की त्रुटि, धान बेचने में किसी प्रकार की समस्या और किसानों को किसी प्रकार की आर्थिक सहायता की आवश्यकता होने पर अब वह डायल 112 में कॉल करके जानकारी दे सकते हैं। डायल 112 के माध्यम से उनकी समस्याओं का त्वरित निदान किया जाएगा। इसके लिए प्रदेश के सभी जिला कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों को निर्देश दिए गए हैं। डायल 112 में किसानों से संबंधित प्राप्त होने वाली शिकायतों और उन पर की जाने वाली कार्रवाई की समीक्षा हर सप्ताह मुख्य सचिव द्वारा की जाएगी।

दुनिया भर के करीब 80 देशों में इमरजेंसी सेवा के हेल्पलाइन नंबर के तौर पर 112 ही उपयोग किया जाता है | परन्तु यह पहली बार है की कि कोई राज्य सरकार इस नम्बर को किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए जोड़ रही है | इसलिए इस नम्बर का उपयोग कृषि सम्बंधित शिकायतों के लिए छत्तीसगढ़ के किसान ही कर सकेगें |

यह भी पढ़ें   खेतों में फसल अवशेष जलाने से होते हैं यह नुकसान, किसान इस तरह करें फसल अवशेषों का प्रबंधन

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
यहाँ आपका नाम लिखें

ताजा खबर