कृषि मंत्री ने केंद्र सरकार से समर्थन मूल्य पर मक्का खरीदी के लिए मांगी मंजूरी

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msp par makka kharidi

समर्थन मूल्य पर मक्का खरीद

रबी फसल में गेहूं प्रमुख फसल है इसके अलवा चना, मसूर तथा सरसों की खरीदी भी बड़े पैमाने पर की जा रही है | इसके लिए राज्य सरकार ने पिछले वर्ष के मुकाबले इस वर्ष अधिक खरीदी केंद्र बनाएं हैं | देश में वर्ष में दो बार मक्के की खेती किया जाता है इसके बावजूद भी अभी तक उत्तर भारत के किसी भी राज्यों में मक्के की खरीदी नहीं की जा रही है |  

वर्ष 2019 – 20 में केंद्र सरकार के द्वारा मक्के की न्यूनतम समर्थन मूल्य 1,760 रूपये प्रति क्विंटल घोषित है | खरीदी शुरू नहीं होने के कारण किसान व्यापारियों को मक्का बेचने के लिए मजबूर हैं | इस वर्ष मक्के की न्यूनतम समर्थन मूल्य से भी कम मूल्य पर किसान व्यापारी को देय रहे हैं | एक तो पहले से नुकसानी में चल रहे कृषि को और ज्यादा नुकसानी का सामना करना पड़ रहा है |

मक्का उत्पादक किसानों को हो रहे घटा को ध्यान में रखते हुए राजस्थान सरकार ने राज्य में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर मक्के की खरीदी करना चाहता है | इसके लिए राज्य के कृषि मंत्री श्री लालचंद कटारिया ने केंद्र सरकार के कृषि मंत्री श्री नरेंद्र सिंह तोमर को पत्र लिखा है |

राजस्थान कृषि मंत्री ने मांगी समर्थन मूल्य पर मक्का खरीदी हेतु मंजूरी

कृषि मंत्री श्री कटारिया ने केन्द्रीय कृषि मंत्री श्री नरेंद्र सिंह तोमर को पत्र लिखकर राज्य के मक्का काश्तकारों की समस्या की ओर ध्यान आकर्षित किया है | उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ने विपन्न वर्ष 2019 – 20 के लिए मक्के का न्यूनतम समर्थन मूल्य 1760 रूपये प्रति क्विंटल घोषित किया है | इसके मण्डी भाव अक्सर घोषित न्यूनतम समर्थन मूल्य से कम रहते हैं | केंद्र सरकार की ओर से एमएसपी पर खरीद की अनुमति नहीं देने के कारण राज्य के कृषकों को वित्तीय हानि हो रही है |

इन जिलों में मक्का का उत्पादन प्रमुख रूप से किया जाता है

राजस्थान में मका का उत्पादन कई जिलों में किया जाता है लेकिन कुछ जिला बड़े स्तर पर मक्का का उत्पादन करता है | यह जिलें इस प्रकार है :- बांसवाडा, भीलवाडा, उदयपुर, प्रतापगढ़, राजसमन्द, डूंगरपुर, चित्तौडगढ़, कोटा, बारां, झालावाड, सिरोही एवं अजमेर |

राज्य में मक्का का उत्पादन औसत उत्पादन से कम हुआ है

राजस्थान में मक्का का उत्पादन 12 जिलों में प्रमुखता से किया जाता है | यहाँ पर बड़े पैमाने पर मक्के की खेती किया जाता है | राज्य के 8.87 लाख हेक्टेयर भूमि में में मक्के की औसत उत्पादन 1557 लाख मैट्रिक टन किया जाता है | वर्ष 2019–20 में अधिक बारिस पानी के कारन मक्के की खेती पर बड़े पैमाने पर असर पड़ा हैं तथा बुवाई क्षेत्र तथा उत्पादन दोनों कम हुआ है | वर्ष 2019–20 में बुवाई क्षेत्रफल 8.75 लाख हेक्टेयर हुआ है तो उत्पादन 11.70 लाख मैट्रिक टन रहा है |

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5 COMMENTS

  1. सर p.m.kishan sanman nidhi yojna ke के अतृगत मेरे रजिशटेसन पर खाता नं कोइ और का लगा है और लाभ दूसरा
    ले रहा है सब अधिकारी नही सुन रहे हैं मे कया करु सर कोइ उपाय बताने की कृपा करें

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