वृक्षारोपण के लिए इन राज्यों को दिए गए 7,589 करोड़ रुपए

0
1648

वृक्षारोपण के लिए राज्यों को दी गई राशि

तेजी से कम होते पेड़ तथा जंगल से हो रही पर्यावरण के नुकसान को रोकने के लिए केंद्र सरकार ने सभी राज्यों के वन मंत्री की बैठक दिल्ली में बुलाया था | इस बैठक की अध्यक्षता श्री प्रकाश जावेडकर ने किया | बैठक में सभी प्रदेश के वन मंत्री उपस्थित हुते थे | जिसमें पेड़ की कटाई को रोकने तथा पर्यावरण को बचाने के लिए चर्चा हुआ | बैठक में सभी राज्य के वन मंत्री ने अपनी राज्य के तरफ से बात रखी |

राजस्थान को कितना पैसा मिला ?

राजस्थान के वनमंत्री ने कहा कि राज्य में कल्पवृक्ष माने जानेवाले खेजड़ी के पेड़ के संरक्षण और विकास के लिए सरकार अतिरिक्त मदद प्रदान करें , ताकि राजस्थान की जलवायु और जरूरतों के अनुसार सर्वाधिक उपयोगी इस पेड़ को बचाया जा सके तथा इसके लिए सरकार विस्तार के लिए संबंधित किसानों को मदद पहुंचाई जा सके बढ़ावा |

वनमंत्री ने इस बात पर जोड़ दिया की वन रोपण निधि नियम 2018 के नियम 5 के उप नियम 3 (जे) के प्रावधान में आंशिक संशोधन किया जाए ताकि राज्य का हरित आवरण 20 प्रतिशत तक करने के उद्देश्य को प्राप्त करने में मदद मिल सके | इस प्रवधान में छूट देने से राजकीय भूमि के आलावा सामुदायिक और निजी स्वामित्व भूमियों पर भी वनीकरण के लिए वन पौधशालाओं से पौध वितरण कार्य अनुदानित दर पर किया जाने की स्वीकृति दी जानी चाहिए | ताकि वनीकरण लक्ष्यों को प्राप्त किया जा सके |

यह भी पढ़ें   कृषि मंत्रालय ने जारी किया इस वर्ष की खरीफ फसलों की प्रति हेक्टेयर जिलेवार औसत उत्पादकता का निर्धारण

इन सभी बातों पर ध्यान देते हुये केंद्रीय पर्यावरण मंत्री ने राजस्थान में वनों के संरक्षण, संवर्धन और उनके विस्तार के लिए प्रतिकरात्मक वन रोपण निधि (केम्पा) के तहत 1778 करोड़ रूपये के फंड का चेक राजस्थान के वन एवं पर्यावरण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री सुखराम विश्नोई को प्रदान किया |

छत्तीसगढ़ को कितना पैसा मिला ?

दूसरी तरफ छत्तीसगढ़ के तरफ से वन मंत्री श्री मोहम्मद अकबर ने बैठक में हिस्सा लिया | वनरोपण निधि के अंतर्गत भारत सरकार से छत्तीसगढ़ को हस्तांतरित 5791 करोड़ 71 लाख रूपये की राशि का चेक सौंपा | केंद्र सरकार के द्वारा प्राप्त पैसा में एक 1086.91 करोड़ रूपये , केचमेट एरिया ट्रीटमेंट प्लान के लिए 24 करोड़ 49 लाख और एकीकृत वन्य प्राणी प्रबंधन योजना के लिए 302.76 करोड़ र्य्प्या की राशि शामिल है | इसके अलावा शुद्ध प्रत्याशा मूल्य के मद के अंतर्गत 3749.63 करोड़ रुपया तथा ब्याज मद में 482.91 करोड़ रुपया की राशि शामिल है | इस राशि से कैम्पा के नियम के अनुसार क्षतिपूर्ति वृक्षारोपण, वनों के विकास, वनों की उत्पादकता में वृद्धि और वन संरक्षण संबंधी कार्य किये जाएंगे | साथ इस राशि का प्रयोग क्षतिपूर्ति वृक्षा रोपण, वनों के विकास, वनों की उत्पादकता में वृद्धि और वन संरक्षण संबंधी कार्य किए जाएंगे | साथ ही राशि का उपयोग वन्यप्राणी प्रबंधन एवं संरक्षण, भू – जल संरक्षण, जैव विविधता तथा जैव संसाधनों के प्रबंधन और अधोसंरचना विकास आदि कार्यों में किया जायेगा |

यह भी पढ़ें   कामधेनु डेयरी योजना का लाभ लेने के लिए 25 सितम्बर से पहले आवेदन करें

इस तरह की ताजा जानकरी विडियो के माध्यम से पाने के लिए किसान समाधान को YouTube पर Subscribe करें

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here