किसानों की समस्याओं एवं सुझावों को जानने के लिए सरकार ने शुरू किया किसान कॉल सेंटर

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किसान कॉल सेंटर की शुरुआत

आये दिन किसानों को किसी न किसी समस्या का सामना करना पड़ता है, ऐसे में जरुरी है की उनकी समस्याओं का समाधान जल्द किया जा सके | देश में किसानों की समस्याओं के समाधान एवं अन्य जानकारी के लिए केंद्र सरकार एवं अलग-अलग राज्य सरकारों के द्वारा कॉल सेंटर बनाएं गए हैं | जिन पर किसान कॉल कर खेती-किसानी, योजनाओं आदि की जानकारी के साथ ही अपनी समस्याओं का समाधान पा सकते हैं | किसान कॉल सेंटर की उपयोगिता को देखते हुए झारखण्ड सरकार ने भी राज्य के किसानों के लिए टोल फ्री नंबर जारी किया है |

झारखंड के कृषि मंत्री बादल ने 19 जनवरी के दिन राज्य के किसानों के लिए “किसान कॉल सेंटर” की शुरुआत की | इस अवसर पर उन्होंने कहा कि किसानों की समस्याओं एवं उनके सुझावों से अवगत होने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने ‘‘किसान कॉल सेंटर‘‘ शुरू करने की पहल की है।

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क्या है किसान कॉल सेंटर के लिए टोल फ्री नम्बर

किसान कॉल सेंटर कृषि निदेशालय से संचालित किया जायेगा | राज्य के किसान कहीं से भी इस किसान कॉल सेंटर (जिसका टॉल फ्री नं.1800-123-1136 है) में अपनी समस्याओं एवं सुझावों को दर्ज करा सकते हैं। उनकी समस्याओं को प्रखण्ड स्तर से लेकर मुख्यालय स्तर तक हल करने का प्रयास किया जायेगा। टॉल फ्री नंबर पर किसानों के सुझावों को भी प्राप्त कर उस पर कार्रवाई की पहल की जायेगी। वहीं पदाधिकारी भी लगातार इसकी मॉनिटरिंग करेंगें। किसान अपनी समस्याओं एवं सुझावों को किसान कॉल सेंटर के टॉल फ्री नं. 1800-123-1136 पर करा सकेगें दर्ज

किसानों की भाषा में दिया जायेगा जबाब

कृषि मंत्री श्री बादल ने कहा कि राज्य में विभिन्न प्रकार की ‘‘भाषा एवं बोली‘‘ बोली जाती हैं। किसानों को संवाद करने में कोई परेशानी न हो, इस हेतु ‘‘किसान कॉल सेंटर‘‘ में किसानों की भाषा के अनुरूप ही उन्हें जवाब भी दिया जायेगा। किसान कॉल सेंटर में किसान अपनी समस्याओं एवं सुझावों को दर्ज करा सकेंगे। इस कार्य से विभाग को किसानों की प्रतिक्रिया मिलेगी और उनकी समस्याओं का समाधान तेजी से होगा।

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