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कड़कनाथ मुर्गी पालन के लिए सरकार द्वारा दी जा रही है यह सहायता

कड़कनाथ मुर्गी पालन इकाई स्थापना के लिए सहायता

पिछले कुछ वर्षों में पौष्टिकता से भरपूर कड़कनाथ मुर्गे की माँग शहरों में बढ़ती जा रही है। कड़कनाथ मुर्गे अन्य मुर्गे और उनके अंडों की तुलना में यह काफी मँहगा होता है। इसका एक अंडा लगभग 30 रूपये और मुर्गा 900 से 1100 रूपये प्रति किलो में मिलता है। जबकि मुर्गी की कीमत इससे भी तीन गुना होती है। जिसको देखते हुए सरकार द्वारा कड़कनाथ मुर्गीपालन के लिए बढ़ावा दिया जा रहा है। इसके लिए मध्यप्रदेश सरकार ने कड़कनाथ कुक्कुट पालन योजना की शुरुआत की है। योजना के तहत लाभार्थी को सरकार की ओर से शेड निर्माण, बर्तन, दाना के साथ ही तकनीकी ज्ञान भी उपलब्ध कराया जा रहा है।

मध्य प्रदेश सरकार कड़कनाथ मुर्गे के लिये बढ़ती माँग के मद्देनजर जनजातीय महिलाओं के लिए कड़कनाथ पालन इकाई की स्थापना के लिए सहायता दी जा रही है। जिसका पहला चरण पूर्ण हो चुका है एवं दूसरा चरण शुरू किया जा रहा है। 

कड़कनाथ मुर्गी पालन फार्म की स्थापना के लिए क्या सहायता दी जा रही है?

मध्यप्रदेश सरकार कड़कनाथ मुर्गी पालन के लिए हितग्राहियों को लगभग एक लाख रूपये की लागत से शेड, बर्तन, दाना, 100 चूजे और तकनीकी ज्ञान उपलब्ध करा रही है। ये 28 दिन के चूजे टीकाकरण के बाद हितग्राहियों को दिये जा रहे हैं। इससे इनकी मृत्यु दर न के बराबर होती है और हितग्राही को नुकसान कम होता है। अगर हितग्राही कड़कनाथ बेचने में समर्थ नहीं है, तो पशुपालन विभाग द्वारा इन अंडे, मुर्गे आदि इनसे खरीद भी लेता है। जिससे हितग्राही को किसी भी प्रकार का नुक़सान नहीं होता है।

प्रथम चरण में 310 महिलाओं को मिला योजना का लाभ

राज्य के झाबुआ जिले में 106, अलीराजपुर में 87 और बड़वानी जिले में 117 महिला जनजातीय हितग्राहियों ने भी प्रथम चरण में कड़कनाथ पालन शुरू कर की है। इन जिलों में हितग्राहियों को कुक्कुट विकास निगम द्वारा 10×17 का शेड, बर्तन, 6 माह तक का दाना, वैक्सीनेटेड 50 चूजे दिये जा चुके हैं। झाबुआ में दूसरा चरण आरंभ हो गया है।

वहीं कड़कनाथ कुक्कुट पालन योजना के तहत सतना जिले के उचेहरा विकासखंड के जनजातीय बाहुल्य ग्राम गोबरांव कला, पिथौराबाद, धनेह, जिगनहट, बांधी, मौहार और नरहटी में जनजातीय महिलाओं के लिये 30 कड़कनाथ कुक्कुट इकाइयाँ स्थापित की गई हैं। इन्हें पहले चरण में 40-40 कड़कनाथ चूजे और उच्च गुणवत्ता युक्त 58 किलोग्राम कुक्कुट आहार दिया गया है। 

क्या है कड़कनाथ मुर्गे की ख़ासियत

कड़कनाथ मुर्गे की त्वचा, पंख, माँस, खून सभी काला होता है। सफेद चिकन के मुकाबले इसमें कॉलेस्ट्रोल का स्तर काफी कम होता है, फेट की मात्रा कम होने से हृदय और मधुमेह के रोगियों के लिये बहुत फायदेमंद माना जाता है। रोग प्रतिरोधक क्षमता के साथ कम वसा, प्रोटीन से भरपूर, हृदय-श्वास और एनीमिक रोगी के लिए लाभकारी है। अन्य मुर्गे और उनके अंडों की तुलना में यह काफी मँहगा होता है। इसका एक अंडा लगभग 30 रूपये और मुर्गा 900 से 1100 रूपये प्रति किलो में मिलता है। जबकि मुर्गी की कीमत इससे भी तीन गुना होती है।

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