यहाँ किसानों से 350 रुपये प्रति क्विंटल की दर से खरीदा जाएगा गन्ना

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ganna bhav

हरियाणा में गन्ने की दर 350 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित

देश में खरीफ एवं रबी फसलों की तरह ही गन्ने की फसल का भी न्यूनतम समर्थन मूल्य पहले ही तय कर दिया जाता है | इस मूल्य के अनुसार ही चीनी मिल के द्वारा किसानों को गन्ना खरीदी का भुगतान किया जाता है | गन्‍ना उत्‍पादक किसानों को उनके उत्‍पाद का उचित और लाभकारी मूल्‍य मिल सके, इसके लिए सरकार के द्वारा एफआरपी का निर्धारण ‘एफआरपी’ गन्ना (नियंत्रण) आदेश, 1966 के तहत किया जाता है | केंद्र सरकार ने गन्ना सीजन 2020-21 के लिये एफआरपी 10 प्रतिशत की रिकवरी के आधार पर 285 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। वहीँ हरियाणा सरकार ने पिराई सत्र 2020-21 के लिए गन्ने का भाव 350 रुपये प्रति क्विंटल करने का निर्णय लिया है |

हरियाणा में गन्ने के भाव में की गई 10 रुपये की वृद्धि

प्रदेश के गन्ना किसानों के हित में एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए हरियाणा सरकार ने पिराई सत्र 2020-21 के लिए गन्ने का भाव (राज्य परामर्श मूल्य) 10 रुपये प्रति क्विंटल बढ़ाकर 350 रुपये प्रति क्विंटल करने का निर्णय लिया है, जोकि देश में सर्वाधिक है। इस संबंध में जानकारी देते हुए एक सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने इस संबंध में एक प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान कर दी है। गन्ने के भाव में यह वृद्धि हरियाणा के किसानों को लाभ पहुंचाने के लिए की गई है।

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गन्ना किसानों को दी जाएगी सब्सिडी

इसके अलावा श्री मनोहर लाल ने वर्ष 2018-19 और वर्ष 2019-20 के पिराई सत्रों की तर्ज पर वर्तमान पिराई सत्र 2020-21 के लिए गन्ना किसानों को सब्सिडी प्रदान करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है। उन्होंने कहा कि पिराई सत्र 2018-19 के लिए 81.37 करोड़ रुपये और मई, 2020 तक पिराई सत्र 2019-20 के लिए 124.14 करोड़ रुपये से अधिक की राशि राज्य की विभिन्न चीनी मिलों को सब्सिडी के रूप में प्रदान की गई।

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