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हाईटेक उद्यानिकी / कृषि हेतु सौर ऊर्जा आधारित पम्प परियोजना 2018 – 19

भूमिका

राज्य में सौर ऊर्जा की अपार संभावना को ध्यान में रखते हुये कृषि क्षेत्र में गैर – पारम्परिक एवं पर्यावरण मित्र ऊर्जा के उपयोग हेतु उद्धान विभाग द्वारा राज्य के कृषकों हेतु सौर ऊर्जा आधारित पम्प परियोजना का क्रियान्वयन वित्तीय वर्ष 2018 – 19 में किया जा रहा है | यह परियोजना जवाहर लाल नेहरु राष्ट्रीय सौर मिशन (JLNNSM) तथा राज्य योजना के तहत क्रियान्वित की जायेगी | परियोजना का क्रियान्वयन स्वरूप इस प्रकार है |

कृषक चयन पात्रता

कृषक चयन निम्न पात्रता के आधार पर किया जाना है |

सौर पम्प संयंत्र 3 हार्सपॉवर

  1. कृषक के पास न्यूनतम 0.5 हैक्टेयर का भू – स्वामित्व हो |
  2. सिंचाई हेतु ड्रिप / मिनि स्प्रिंकलर संयंत्र आवश्यक रूप से काम में लिया जायें |
  3. जल संग्रह ढाँचा, डिग्गी, फार्म पोण्ड, जल हौज या भूमिगत जल स्रोत (अधिकतम 100 मीटर गहराई) की व्यवस्था हो | उक्त जल संग्रह ढांचों की न्यूनतम संग्रहण क्षमता निम्नानुसार हो –
क्र.सं.
ढाँचा
न्यूनतम क्षमता (घन मीटर में)
1. जल संग्रहण ढाँचा 1000
2. डिग्गी 400
3. फार्म पोण्ड 1000
4. जल हौज (सब्जी / बगीचे हेतु) 50
5. जल हौज (संरक्षित खेती हेतु) 20

 

  1. उच्च उधानिकी यथा ग्रीन हॉउस शेडनेट हॉउस/ लो – टनल्स (न्यूनतम 1000 वर्ग मीटर) या ड्रिप पर सब्जियाँ / फूल / फलोधान / कृषि फसल (न्यूनतम 0.5 है.) लिये जा रहे हो | मिनी स्प्रिंकलर / स्प्रिंकलर पर 0.5 है. क्षेत्र में उद्धानिकी / कृषि फसल लेने वाले कृषक भी पात्र होंगे |
  2. संरक्षित खेती अपनाने वाले कृषकों को प्राथमिकता से चयनित कर लाभान्वित किया जा सकेगा |
  3. साथी जल स्रोत जिसमें डिग्गी , सामुदायिक पोण्ड, जल हौज आदि आटे है, के लिए तकनीकी रूप से 3 एचपी के सौर ऊर्जा पम्प संयंत्र ही उचित है | इस कारण सतही जल स्रोत वाले कृषकों को 3 एचपी के सौर ऊर्जा पम्प संयंत्र पर ही अनुदान डे होगा |
  4. यथासम्भव लघु एवं सीमान्त कृषकों को प्राथमिकता दी जावें |
  5. सतही जल स्रोत जिसमें डिग्गी, सामुदायिक पोण्ड, जल हौज आदि पर जो कृषक अपनी आवश्यकता अनुसार एवं स्वेच्छा से 5 एचपी के पम्प सयंत्र पर देय अनुदान के बराबर होगा | शेष राशि कृषक स्वंय के स्तर पर वहन करेगा |

सौर पम्प संयत्र 5 HP

  1. कृषक के पास न्यूनतम 1.0 हेक्टयर या इससे अधिक का भू – स्वामित्व हों
  2. न्यूनतम 200 वर्ग मीटर उच्च उधानिकी ग्रीन हॉउस / शेडनेट हॉउस / लो – टनल या न्यूनतम 0.75 हैक्टेयर में ड्रिप पर सब्जियाँ / फूल / फ्लोद्धन / कृषि फसल लिए जा रहे हों |
  3. मिनी स्प्रिंकल / स्प्रिंकलर पर न्यूनतम 0.75 हैक्टेयर क्षेत्र में उद्धानिकी / कृषि फसल लेने वाले कृषक भी पात्र होंगे |
  4. जल संग्रहण ढाँचा, डिग्गी, फार्म पोण्ड, जल हौज या भूमिगत जल स्रोत (अधिकतम 100 मीटर गहराई) की व्यवस्था हों | उक्त जल संग्रहण ढाचों की न्यूनतम संग्रहण क्षमता निम्नानुसार हो :-
क्र.सं
ढाँचा
न्यूनतम क्षमता (घन मीटर में)
1. जल संग्रहण ढाँचा 1500
2. डिग्गी 800
3. फार्म पोण्ड 1500
4. जल हौज (सब्जी / बगीचे हेतु) 75
5. जल हौज (संरक्षित खेती हेतु) 40

 

  1. संरक्षित खेती अपनाने वाले कृषकों को प्राथमिकता से चयनित कर लाभान्वित किया जा सकेगा |
  2. यथासम्भव लघु एवं सीमांत कृषकों को प्राथमिकता डी जावें |
  3. भूमिगत जल स्रोत जिसमें कुआं एवं ट्यूबवैल / नलकूप आदि पर जो कृषक अपनी आवश्यकता अनुसार एवं स्वेच्छा से 7.5 एचपी या 10 एचपी के सौर ऊर्जा पम्प सयंत्र लगाना चाहते हैं, एसे कृषकों को सौर ऊर्जा पम्प सयंत्रो पर अनुदान 5 एचपी के पम्प सयंत्र पर डे अनुदान के बराबर होगा | शेष राशि कृषक स्वंय के स्तर पर वहन करेगा |
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सौर ऊर्जा पम्प सयंत्र हेतु प्राथमिक, संचालित प्रक्रिया एवं अनुदान :-

वर्ष 2018 के दिशा – निर्देशानुसार सर्वप्रथम जिला उद्धान कार्यालय में पुर्न में लंबित आँन लाइन पत्रावलियों का निस्तारण किया जावें |

2017 – 18 में सौर ऊर्जा पम्प परियोजना राज्य सरकार के निर्देशानुसार दिनांक 16 जून 2017 को जयपुर डिस्काम (ऊर्जा विभाग) को स्थान्तरित कर दी गयी थी एवं तदोपरांत दिनांक 5 अक्टूबर 2017 को पुन: यह योजना उद्धान विभाग को स्थानान्तरित कर दी गयी | इस दौरान राज्य के विभिन्न डिस्काम कार्यालयों में कृषकों द्वारा सौर ऊर्जा पम्प हेतु आवेदन किया गया |

एसे कृषक, जिनके द्वारा राज्य के विभिन्न डिस्काम कार्यालय में सौर ऊर्जा पम्प हेतु आवेदन किया गया है उनकी वरीयता डिस्काम कार्यालय में पत्रावली पत्रावली प्राप्त होने की दिनांक से मानी जावेगी | एसे कृषकों को अपनी पत्रावलियां डिस्काम कार्यालयों से प्राप्त कर सम्बंधित जिला उद्धान कार्यालय को प्रस्तुत करनी होगी | राज्य के डिस्काम के कार्यालय स्वंय भी पत्र द्वारा एसे कृषकों की पत्रावलियों जिला उद्धान कार्यालय को पत्र द्वारा प्रस्तुत कर सकते हैं |

वर्ष 2018 – 19 में सौर ऊर्जा पम्प संयत्रों पर अनुदान निम्नानुसार देय होगा :-

  1. कृषक जिनके द्वारा कृषि विधुत कनेक्शन हेतु विधुत विभाग (डिस्काम) में आवेदन कर रखा है व कृषक का नाम कृषि विधुत कनेक्शन हेतु डिस्काम की सूचि में है तथा कृषक कृषि विधुत कनेक्शन आवेदन समर्पित करने को सहमत है, एसे कृषकों को योजना अन्तर्गत भारत सरकार (MNRE) द्वारा 3 एचपी पर देय 25 प्रतिशत व 5 एचपी पर देय 20 प्रतिशत अनुदान के अलावा आधार लागत का 3 एचपी सौर ऊर्जा पम्प संयंत्र पर 50 प्रतिशत व 5 एचपी सौर ऊर्जा पम्प संयत्र पर 55 प्रतिशत अतिरिक्त अनुदान राज्य योजना से देय होगा |इस श्रेणी के कृषकों को संलग्न प्रपत्र – 3 ड I में सम्बंधित डिस्काम से प्रमाण पत्र प्राप्त करना होगा व संलगन प्रपत्र 2 (ब) पर कृषकों को शपथ पत्र देना होगा |
इस श्रेणी अंतर्गत लाभान्वितकृषकों की सूचि जिला कार्यालय द्वारा सम्बंधित विधुत विभाग को भेजी जावेगी एवं भविष्य में उन्हें कमी भी अनुदानित कृषि विधुत कनेक्शन देय नहीं होगा |
  1. कृषि विधुत कनेक्शन विहीन कृषकों को भारत सरकार (MNRE) द्वारा 3 एचपी पर देय 25 प्रतिशत व 5 एचपी पर देय 20 प्रतिशत अनुदान के आलावा आधार लागत का 3 एचपी सौर ऊर्जा पम्प सयंत्र पर 35 प्रतिशत 5 एचपी सौर ऊर्जा पम्प सयंत्र पर 40 प्रतिशत अतिरिक्त अनुदान राज्य योजना से देय होगा | इस प्रकार कुल देय अनुदान 3 व 5 एचपी के सौर ऊर्जा पम्प सयंत्रों पर आधार लागत का 60 प्रतिशत होगा | इस श्रेणी के कृषकों को संलगन – 3 ड 2 में सम्बन्धित डिस्काम से प्रमाण पत्र प्राप्त करना होगा व संलगन प्रपत्र 2 (ब) पर कृषकों को शपथ पत्र देना होगा |
  • कृषक द्वारा प्रमाण – पत्र प्रस्तुत नहीं करने की स्थिति में कृषि विधुत कनेकशन नहीं होने का शपथ – पत्र संलगन प्रपत्र 2 (ब) (100 रु. नान – जुडिशियल स्टाम्प) देना होगा एवं शपथ – पत्र के आधार पर सम्बंधित जिलाधिकारी द्वारा कृषकों की सूचि सत्यापन हेतु जिले के डिस्काम कार्यालय को भिजवायी जावें | सूचि के सत्यापन के आधार पर अनुदान हेतु प्रशासनिक स्वीकृति जारी की जावें |
  • इस श्रेणी अंतर्गत लाभान्वित कृषकों की सूचि जिला कार्यालय द्वारा सम्बन्धित विधुत विभाग को भेजी जावेगी एवं भविष्य में उन्हें कृषि विधुत कनेकशन पर अनुदान देय नहीं होगा |
  1. कृषक, जिनके पास वर्तमान में कृषि विधुत कनेक्शन हे. / पूर्व में सौर पम्प परियोजना अंतर्गत अनुदान प्राप्त कर किया है , उन्हें सौर ऊर्जा पम्प सयंत्र स्थापना पर अनुदान देय नहीं होगा |
  2. चयनित जिले एवं लक्ष्य
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परियोजना के तहत राज्य के समस्त जिलों हेतु MNRE भारत सरकार से प्राप्त लक्ष्यों अनुसार 7500 सौर ऊर्जा आधारित पम्प संयंत्र (2500 सौर ऊर्जा पम्प सयंत्र 3 एचपी एवं) 5000 सौर ऊर्जा पम्प सयंत्र 5 एचपी

 स्थापित करवाये जाने प्रस्तावित है | जिलेवार लक्ष्यों का आवंटन निम्नानुसार हैं :-

आवंटित लक्ष्यों के अनुसार किसी जिलें विशेष में प्राप्ति / मांग न होने की स्थिति में लक्ष्यों का हस्तांतरण मांग अनुसार अन्य जिलों को किया जा सकेगा | लक्ष्यों की प्राप्ति में कृषक श्रेणी अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति को वांछित लाभ प्रदान किया जायें | परियोजना अंतर्गत भारत सरकार से अतिरिक्त लक्ष्य प्राप्त होने की स्थिति में जिलों की प्रगति के आधार पर अतिरिक्त लक्ष्य आवंटित किये जा सकेंगे |

अनुदान पत्रावलियों के साथ लगाये जाने वाले दस्तावेज :-

  1. आवेदन – पत्र माय लाभार्थी की पासपोर्ट साईज फोटो (संलाग्न्क – 1)
  2. कृषक का आधार कार्ड व भामाशाह कार्ड की छाया प्रति
  3. कृषक शपथ –पत्र (संलग्न्क – 2 अ एवं 2 ब)
  4. आवेदन पात्रता सत्यापन प्रमाण – पत्र (संलाग्न्क  – 3 ब)
  5. सौर पम्प हेतु कार्यदायी फर्म द्वारा तकनीकी रिपोर्ट (संलाग्न्क – 3 स)
  6. सम्बन्धित डिस्काम में कृषि कनेक्शन प्राप्त करने की सूचि में अंकल होने या न होने का प्रमाण – पत्र (संलाग्न्क – 3 ड 1,2)
  7. भूमि की जमाबंदी या पासबुक की प्रतिलिपि (भू – स्वामित्व)
  8. सिंचाई जल स्रोत
  9. त्रि – पार्टी अनुबंध (संलाग्न्क – 4)
  10. सूचीबद्ध आपूर्तिकर्ता फर्म का

पम्प क्षमता निर्धारण व तकनीक मापदण्ड

  1. 5 हैक्टेयर व इससे अधिक का भू स्वामित्व : 3 HP
  2. 00 हैक्टेयर व इससे अधिक का भू – स्वामित्व : 5 HP
  3. अधिक भू – स्वामित्व के कृषकों द्वारा कम क्षमता पम्प की मांग होने पर तदनुसार क्षमता का संयंत्र दिया जा सकता है |
  4. संयंत्रों के तकनीकी मापदण्ड एवं विभिन्न पम्पस वांक्षित जल डिस्चार्ज मापदण्ड एमएनआरई के नवीनतम दिशा – निर्देशनुसार एवं ईओआई वर्ष 2017 – 18 एवं 2018 – 19 की शर्तों (स्कोप आफ वर्क) के अनुसार रहेंगे |
  5. राज्य के डार्क जोन्स में सर्वे के अनुसार पूर्व में स्थापित नलकूप / कुओं पर डी सौर ऊर्जा पम्प संयंत्र देय होंगे | नए नलकूप / कुओं हेतु स्कह्म स्तर पर अनिमती लिए जाने के उपरान्त ही सौर ऊर्जा पम्प संयंत्र की पत्रावली ली जायेगी |
  6. साथी जल श्रोत जिसमें डिग्गी, सामुदायिक पोण्ड, जल हौज आदि के लिये तकनिकी रूप से 3 एचपी के सौर पम्प सयंत्र ही स्थापित करवायें जावेगे |
  7. कृषक का खेत जहां पर वह सौर पम्प सयंत्र स्थापित करवाना चाहता है, वह ग्रीड (पावर हॉउस) से कम से कम 300 मीटर पर होना पर होना आवश्यक है |

सूचीबद्ध आपूर्तिकर्त्ता आवेदन

चालू वित्तीय वर्ष के दौरान परियोजना के क्रियान्वयन हेतु सूचीबद्ध आपूर्तिकरता आवेदन का चयन की सूचि अलग से जारी की जा रही है |

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  1. तारा बंदी का आवेदन कहां करना है कृपया संबंधित विभाग की जानकारी दें

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