इन फसलों की खेती करने पर किसानों को मिलेगा चार हजार रुपए प्रति एकड़ का अनुदान

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दलहन व तिलहन फसल लगाने पर अनुदान

देश में दलहन एवं तिलहन फसलों का उत्पादन कम एवं माँग अधिक होने के चलते किसानों को इन फसलों के अच्छे भाव मिल जाते हैं, साथ ही इन फसलों को लगाने में धान की अपेक्षा पानी भी कम लगता है। इस कारण से अलग-अलग राज्य सरकारें किसानों को धान की फसल छोड़ दलहन एवं तिलहन फसल लगाने के लिए प्रोत्साहित कर रही है। इस क्रम में हरियाणा सरकार ने दलहन फसलें जैसे मूँग एवं अरहर, तिलहन फसलें जैसे अरंड व मूँगफली की फसल लगाने पर अनुदान देने का फैसला लिया है।

हरियाणा सरकार ने किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए एक अहम फैसला लिया है। जिससे अब दलहन और तिलहन फसलों की खेती करने वाले किसानों को दोहरा लाभ मिल सकेगा। सरकार ने इन फसलों को उगाने वाले किसानों को प्रति एकड़ चार हजार रुपए का अनुदान देने का निर्णय लिया है।

इन ज़िले के किसानों को मिलेगा योजना का लाभ

हरियाणा सरकार की ओर से झज्जर सहित दक्षिण हरियाणा के सात जिलों भिवानी, चरखी दादरी, महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, हिसार व नूंह के लिए विशेष योजना की शुरुआत की है। इस योजना को अपनाने वाले किसानों को चार हजार रुपए प्रति एकड़ के हिसाब से वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी।

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किसानों को कितना अनुदान दिया जाएगा

सरकार द्वारा फसल विविधीकरण के अंतर्गत दलहन व तिलहन की फसलों को बढ़ावा देने के लिए इस नई योजना की शुरुआत की गयी है। जिसमें दलहन व तिलहन की फसल उगाने वाले किसान को 4,000 रुपये प्रति एकड़ वित्तीय सहायता प्रदान की जायेगी। यह योजना दक्षिण हरियाणा के 7 जिलों: झज्जर, भिवानी, चरखी दादरी, महेन्द्रगढ, रेवाड़ी, हिसार तथा नूंह में खरीफ 2022 के दौरान लागू की जायेगी।

प्रदेश में खरीफ 2022 के दौरान एक लाख एकड़ में दलहनी व तिलहनी फसलों को बढ़ावा देने का लक्ष्य है। इस योजना के अन्तर्गत दलहनी फसलें (मूँग व अरहर) को 70,000 एकड़ क्षेत्र में और तिलहन फसल (अरण्ड व मूँगफली) को 30,000 एकड़ में बढ़ावा दिया जाएगा।

किसान यहाँ करें आवेदन

राज्य सरकार द्वारा चयनित ज़िलों के किसान योजना का लाभ लेने के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए किसानों को मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर पंजीकरण कराना जरूरी है। वित्तीय सहायता फसल के सत्यापन के उपरान्त किसानों के खातों में स्थानान्तरण की जाएगी।

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