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इफको ने पेश किया दुनिया का पहला नैनो तरल यूरिया, अब एक बोरी यूरिया का काम होगा आधे लीटर में

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nano liquid urea

इफको नैनो यूरिया लिक्विड बोतल

इंडियन फार्मर्स फर्टिलाइजर कोआपरेटिव IFFCO ने सोमवार को किसानों के लिए दुनिया का पहला नैनो यूरिया लिक्विड पेश किया | यह नैनो यूरिया विश्व के पहला तरल उर्वरक है जिसकी शुरुआत IFFCO ने की है | इफको के द्वारा तैयार तरल नैनो यूरिया लाने के पीछे सामान्य यूरिया के उपयोग में 50 प्रतिशत की कमी करना है साथ ही इसके इस्तेमाल से फसलों की पैदावार बढ़ती है तथा पोषक तत्वों की गुणवत्ता में सुधार होता है। नैनो यूरिया भूमिगत जल की गुणवत्ता सुधारने में भी मददगार साबित होगा। इससे ग्लोबल वार्मिंग कम करने में भी मदद मिलेगी।

सोमवार को IFFCO के द्वारा 50 वीं वर्षगांठ बनाई गई, इस मौके पर iffco ने किसानों के लिए तरल यूरिया (नैनो यूरिया) की शुरुआत किसानों के लिए की | नैनो यूरिया अभी बाजार में नहीं आया है लेकिन इस वर्ष के जून माह से नैनो यूरिया को बाजार में उपलब्ध करवाया जायेगा | जिसे किसान खरीद कर उपयोग कर सकते हैं |

नैनो तरल यूरिया का मूल्य क्या है ?

तरल (Liquid) नैनो यूरिया अभी बाजार में नहीं आया है, लेकिन IFFCO ने किसानों के लिए नैनो यूरिया का मूल्य 500 मि.ली. के बोतल के लिए 240 रुपये निर्धारित किया है जोकि बोरी में आने वाली यूरिया से लगभग 11 प्रतिशत कम है | यूरिया की एक बोरी (45 किलोग्राम) 266 रूपये में आती है |

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भारत में खेती के लिए प्रति वर्ष 350 टन यूरिया का उपयोग किया जाता है | बोरी वाली यूरिया को एक राज्य से दुसरे राज्य में ले जाने से परिवहन लागत एवं स्टॉक के लिए भंडारण लागत दोनों में अधिक खर्च आता है | नैनो यूरिया से सरकार को ट्रांसपोटेशन के साथ ही साथ सब्सिडी में भी बचत होगी | अनुमान है की सरकार को इससे प्रति वर्ष 600 करोड़ रूपये की बचत होगी |   

94 फसलों पर किया गया टेस्ट

कृषि अनुसंधान प्रणाली (एनएआरएस) के तहत 20 आईसीएअर संस्थानों, राज्य कृषि विश्वविध्यालय और कृषि विज्ञान केन्द्रों में 43 फसलों पर परिक्षण किया गया | बहु–फसली परीक्षणों के आधार पर इफको नैनो यूरिया तरल को उर्वरक नियंत्रण आदेश (एफसीओ 1985) में शामिल किया है, | इसकी प्रभावशिलता का परीक्षण करने के लिए भारत में 94 से अधिक फसलों पर लगभग 11,000 कृषि क्षेत्र परीक्षण (एफएफटी) किए गए | IFFCO के तरफ से हाल के दिनों में 94 फसलों पर प्रशिक्षण किये गये हैं

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किसानों को तरल यूरिया से क्या लाभ होगा ?

IFFCO के द्वारा तैयार नैनो यूरिया में दावा किया जा रहा है की इससे उत्पादन में वृद्धि होगी | हाल के दिनों में 94 फसलों में किये गये प्रशिक्षण में पाया गया है कि इससे फसलों के उत्पादन में 8 प्रतिशत की वृद्धि हुई है |

इफको नैनो यूरिया तरल को सामान्य यूरिया के प्रयोग में कम से कम 50 फीसदी की कमी लाने के उद्देश्य से तैयार किया गया है, इसके 500 मि.ली. की एक बोतल में 40,000 पीपीएम नाईट्रोजन होता है जो सामान्य यूरिया के एक बोई के बराबर नाईट्रोजन पोषक तत्व प्रदान करेगा |

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