इस वर्ष के लिए फॉस्फेट और पोटाश उर्वरकों पर सब्सिडी के रेट निर्धारित
सरकार उत्पादकों और आयातकों के जरिए किसानों को यूरिया तथा 21 अन्य श्रेणी के फॉस्फेट और पोटाश उर्वरक रियायती दरों पर उपलब्ध करा रही है। फॉस्फेट और पोटाश उर्वरकों पर सब्सिडी एनबीएस योजना का संचालन तहत 01.04.2010 से किया जा रहा है। सरकार किसान हितैषी अपनी नीतियों के तहत किसानों को रियायती दरों पर फॉस्फेट और पोटाश उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार ने वित्त वर्ष 2017-18 की तुलना में उर्वरकों पर सब्सिडी व्यय बढ़ाकर 1913.07 करोड़ कर दिया है। सरकार की ओर से यह कदम किसानों को अंतर्राष्ट्रीय बाजार में फॉस्फेट और पोटाश उर्वरकों के बड़ी कीमतों के असर से बचाने के लिए उठाया गया है।
फॉस्फेट और पोटाश उर्वरकों पर 2018-19 में दी जाने वाली सब्सिडी पर अनुमानित व्यय 23007.16 करोड़ रुपये होगा।
आर्थिक मामलों की समिति (सीसीईए) ने 2018-19 की अवधि में फॉस्फेट और पोटाश उर्वरकों के लिए पोषक तत्व आधारित सब्सिडी (एनबीएस) दर निर्धारित करने के उर्वरक विभाग के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।
एनबीएस के लिए प्रस्तावित दरें इस प्रकार हैः
प्रति किलोग्राम सब्सिडी दर (रुपये में) | |||
नाइट्रोजन(एन) | फॉस्फोरस (पी) | पोटाश (के) | सल्फर (एस) |
18.901 | 15.216 | 11.124 | 2.722 |
सीसीईए ने इसके साथ ही उर्वरक विभाग के उन प्रस्तावों को भी पूर्व प्रभाव से अनुमति दे दी है, जिसके तहत विभाग द्वारा 2012-13 से लेकर अब तक विभिन्न वर्षों में फरवरी और मार्च के महीनों में कई जिलों में फॉस्फेट और पोटाश उर्वरकों की एक विशेष मात्रा पर अगले वित्त वर्ष के लिए निर्धारित उस दर से सब्सिडी दी गई, जो उस वर्ष सीसीईए द्वारा स्वीकृत की गई दर से कम थी।
आर्थिक मामलों की समिति ने उर्वरक विभाग को आवश्यकतानुसार निर्धारित दरों के आधार पर सब्सिडी जारी करने के लिए अधिकृत किया है। यह दर उस वित्त वर्ष या अगले वित्त वर्ष के हिसाब से फरवरी और मार्च में जिलों द्वारा फॉस्फेट और पोटाश उर्वरकों की विशेष श्रेणी या मात्रा पर प्राप्त की गई दरों में जो भी कम होगी के आधार पर निर्धारित की जाएगी।