लिखित अनुबंध पर ही खेती कर सकेंगे बटाईदार

0
1048
views

लिखित अनुबंध पर ही खेती कर सकेंगे बटाईदार

मध्यप्रदेश में भू स्वामी से लिखित अनुबंध पर ही खेती कर सकेंगे बटाईदार किसान इसके लिए मध्य प्रदेश की विधानसभा में पारित किए गए इस विधेयक को राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने के बाद अब पूरे प्रदेश में कानून के रूप में यह प्रभावशाली हो चुका है। अब तक भूमि स्वामी मौखिक रूप से ही बटाई पर भूमि देते थे और लिखित में देने से हिचकते थे। भूमि हर साल बटाईदारों को बदल भी देते थे ताकि कोई भी बटाईदार भूमि का अधिकार प्राप्त न कर पाए। ऐसे में भूमि स्वामी और बटाईदार दोनों के हितों को सुरक्षित रखने के साथ-साथ भूमि संसाधन का अधिकतम और लाभप्रद उपयोग हो, इसके लिए भूमि को बटाई पर दिए जाने की व्यवस्था को कानून के तहत कर दिया गया है।

अनुबंध की तीन प्रतियाँ बनबानी होगी

एक सादे कागज पर निर्धारित प्रारूप के अनुसार भूमि स्वामी और बटाईदार के बीच यह अनुबंध लिखित रूप से होगा। इसकी तीन प्रतियां होंगी, इनमें एक-एक भूमि स्वामी और बटाईदार के पास, जबकि तीसरी प्रति तहसीलदार के पास दी जाएगी।

यह भी पढ़ें   मंडी में बेचे जाने पर मिलेगा बोनस

यह अनुबंध अधिकतक पांच साल के लिए किया जा सकेगा। नहीं कर सकेगा बटाईदार भूमि पर कब्जा कानून में स्पष्ट रूप से लिखा गया है कि अनुबंध के तहत बटाईदार का भूमि स्वामी की भूमि पर कोई अधिकार नहीं रहेगा और भूमि पर किसी भी अधिकार या लाभ के लिए न्यायालय में आवेदन या याचिका प्रस्तुत नहीं कर सकेगा। बटाईदार को उस भूमि पर कृषि कार्य करने का अधिकार होगा।

अनुबंध तोड़ने पर लगेगा जुर्माना

अनुबंध का पालन न करने पर कानून में जुर्माने का प्रावधान किया गया है। इसके तहत तहसीलदार 10,000 रुपए प्रति हेक्टेयर के हिसाब से जुर्माना वसूल सकेगा। अनुबंध में लाभ प्रतिशत का होगा उल्लेख कानून के तहत अनुबंध में यह भी विवरण दिया जाएगा कि प्राकृतिक आपदा के समय सरकार की ओर से मिलने वाली सहायता राशि में कितने प्रतिशत दोनों को मिलेगा। अनुबंध की अवधि पूरी होने के बाद भूमि पर भूमि स्वामी का कब्जा हो जाएगा।

यह भी पढ़ें   फसल क्षति होने पर मध्यप्रदेश सरकार किसानों को कितना मुआवजा देगी

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here