छत्तीसगढ़ बजट: किसानों एवं कृषि क्षेत्र हेतु प्रावधान एक नज़र में

छत्तीसगढ़ बजट: किसानों एवं कृषि क्षेत्र हेतु प्रावधान एक नज़र में

मुख्यमंत्री जी द्वारा वर्ष 2018-19 का बजट प्रस्तुत किया गया। बजट में किसानों और कृषि क्षेत्र हेतु क्या- क्या प्रस्तावित किया गया जानें एक नज़र में

वर्ष 2018-19 में कृषि बजट हेतु 13 हजार 480 करोड़ प्रावधान जो गत् वर्ष से 29 प्रतिशत अधिक।

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  1. कृषि विभाग के बजट में पूर्व वर्ष से 95 प्रतिशत वृद्धि करते हुए 4 हजार 452 करोड़ का प्रावधान जिसमें धान बोनस प्रदाय करने के लिये 2 हजार 107 करोड़ का प्रावधान।
  2. ब्याज मुक्त अल्पकालीन कृषि ऋण उपलब्ध कराने के लिये 184 करोड़।
  3. प्रधानमंत्री फसल बीमा प्रीमियम हेतु 136 करोड़।
  4. राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अंतर्गत् सामान्य एवं हरित क्रांति घटकों हेतु कुल 365 करोड़, कृषक समग्र विकास योजना के लिये 93 करोड़, गन्ना कृषकों को बोनस हेतु 40 करोड़, तथा शाकम्भरी योजना हेतु 40 करोड़ का प्रावधान। नाबार्ड पोषित सूक्ष्म सिंचाई के लिये 93 करोड़। एकीकृत बागवानी विकास मिशन हेतु 130 करोड़।
  5. रियायती विद्युत प्रदाय हेतु कृषक ज्योति योजना में 2 हजार 975 करोड़ का प्रावधान।
  6. सौर सुजला योजना के लिये बजट में 631 करोड़।
  7. जशपुर, छुई खदान, कोरबा, कुरूद, गरियाबंद व महासमुंद में 6 नवीन कृषि महाविद्यालय की स्थापना
  8. कृषि स्नातकों को पेशेवर कृषि उद्यमी के रूप में स्थापित करने हेतु कृषि विश्वविद्यालय के माध्यम से ‘‘चलो गांव की ओर‘‘ योजना।
  9. 20 पशु औषधालयों के पशु चिकित्सालयांे में उन्नयन तथा 25 नवीन औषधालयों की स्थापना हेतु प्रावधान। 10 नवीन पशु औषधालय भवनों के निर्माण हेतु 1 करोड़ 32 लाख का प्रावधान किया गया है।
  10. 108 संजीवनी एक्सप्रेस की तर्ज पर पशु रेस्क्यु वाहन सेवा शीघ्र प्रारंभ की जायेगी।
  11. मत्स्य पालन हेतु प्रदेश के तालाबों के वैज्ञानिक तरीके से दोहन हेतु मैपिंग के लिये प्रावधान है।
  12. बैंकों के संविलियन संबंधी योजना में 5 करोड़।
  13. प्राथमिक कृषि साख समितियों को कम्प्यूटराईज्ड करने के लिये 4 करोड़ का प्रावधान।
  14. सहकारी शक्कर कारखानों के लिये 75 करोड़ ऋण अग्रिम का प्रावधान।
  15. बजट में सिंचाई योजनाओं के लिए 2 हजार 518 करोड़ का प्रावधान है। इस राशि में से वृहद सिंचाई परियोजनाओं के लिए 946 करोड़ का प्रावधान है। इसके अंतर्गत अरपा भैंसाझार परियोजना हेतु 285 करोड़,़ महानदी परियोजना हेतु 255 करोड़ एवं सोंढूर जलाशय के लिए 90 करोड़ का प्रावधान है। लघु सिंचाई परियोजनाओं के लिए 655 करोड़ 50 लाख तथा मध्यम सिंचाई परियोजनाओं के लिए 86 करोड़ 40 लाख का प्रावधान है। रबी एवं ग्रीष्मकालीन फसलों के उत्पादन हेतु स्थापित जल सिंचाई क्षमता में वृद्धि करने के लिये 100 करोड़ का बजट प्रावधान किया गया है।
  16. प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना अंतर्गत वास्तविक सिंचाई में वृद्धि करने के लिए भारत सरकार द्वारा आईएसबीआईजी ISBIG (Incentivization Scheme for Bridging Irrigation Gap) योजना लागू की गयी है। जिसमें निर्माणाधीन 3 परियोजनाएं, महानदी परियोजना, तांदुला परियोजना एवं कोडार परियोजना सहित अन्य 6 नवीन परियोजनाओं मटियामोती, सरोदा, छीरपानी, पेंड्रावन, कुम्हारी एवं खरखरा जलाशयों को भी शामिल किया गया है। इसके अंतर्गत फील्ड चैनल का निर्माण, सूक्ष्म सिंचाई, नहर सुधार, भू-जल उपयोग आदि कार्य शामिल हैं। योजना हेतु 245 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

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  1. खेत का समतलीकरण कराना है क्या करे

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