डेयरी विकास हेतु सेंट्रल बैंक ऑफ़ इंडिया की सेन्ट डेयरी योजना

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सेंट्रल बैंक ऑफ़ इंडिया की सेन्ट डेयरी योजना (कृषि)

उद्देश्य

दुग्ध उत्पादन के लिए डेयरी इकाईयों की संस्थापना हेतु वित्त-पोषण |

पात्रता

एकल व्यक्तियों, कृषकों, कृषक समूहों, इकाईयों, कम्पनियों, सोसाइटियों, एनजीओ आदि |

ऋण की प्रमात्रा

मार्जिन राशि को छोड़कर इकाई लागत |
परियोजना की व्यवहार्यता एवं ऋणियों की पुनर्भुगतान क्षमता के आधार पर |

मार्जिन

रु.1.00 लाख तक के ऋणों के लिए : निरंक
रु.1.00 लाख से अधिक एवं रु.5.00 लाख तक के ऋणों के लिए : 10%
रु.5.00 लाख से अधिक एवं रु.10.00 लाख तक के ऋणों के लिए : 15%
रु.10 लाख से अधिक के लिए : 20%

ब्याज दर

रू. 50,000/- तक  (उधार दर की सीमांत लागत +0.50)
रू. 50,000/- से अधिक रू. 5 लाख तक (उधार दर की सीमांत लागत + 1.0)
रु. 5 लाख से अधिक रु. 25 लाख तक (उधार दर की सीमांत लागत + 1.5%)
रु. 25 लाख से अधिक ( उधार दर की सीमांत लागत + 2.0%)

प्रक्रिया शुल्क

रु. 25,000/- तक : निरंक
रू. 25,000/- से अधिक : @ रू. 120/- प्रति लाख (0.12%) या उसका भाग अधिकतम रू. 20000/

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दस्तावेजीकरण प्रभार

रू. 2 लाख तक : निरंक
रू. 2 लाख से अधिक रू. 5 लाख तक : रू. 200/-
रू. 5 लाख से अधिक रू. 50 लाख तक : रू. 500/-
रू. 50 लाख से अधिक : रू. 1000/

प्रतिभूति

रू. 1 लाख तक के ऋणों के लिए :

प्राथमिक: – पशुधन एवं बैंक के वित्तपोषण से सृजित अन्य आस्तियों का दृष्टिबंधक |

रू. 1 लाख से अधिक के ऋणों के लिए

  • प्राथमिक: – बैंक के वित्तपोषण से सृजित आस्तियों का दृष्टिबंधक |
  • संपार्श्विक प्रतिभूति: – ऋण राशि के कम से कम 100% बाजार मूल्य के समान बंधक /भूमि पर ऋणभार|
विस्तृत जानकारी के लिए नजदीकी सेन्ट्रल बैंक ऑफ़ इंडिया की शाखा में संपर्क करें |
स्त्रोत: सेंट्रल बैंक ऑफ़ इंडिया

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