बजट 2018-19: किसानों को क्या – क्या मिला देखें एक नज़र में

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बजट 2018-19: किसानों को क्या – क्या मिला देखें एक नज़र में

मंत्री श्री अरुण जेटली ने आज संसद में आम बजट 2018-19 पेश करते हुए कहा कि देश की आजादी के 75वें साल में अर्थात वर्ष 2022 तक किसानों की आमदनी दोगुनी करने का आह्वान किया है। मंत्री महोदय ने बजट 2018-19 में कृषि क्षेत्र के लिए अनेक नई पहलों की घोषणा करते हुए कहा, ‘हम किसानों की आमदनी बढ़ाने पर विशेष जोर दे रहे हैं। हम कृषि को एक उद्यम मानते हैं और किसानों की मदद करना चाहते हैं, ताकि वे कम खर्च करके समान भूमि पर कहीं ज्यादा उपज सुनिश्चित कर सकें और उसके साथ ही अपनी उपज की बेहतर कीमतें भी प्राप्त कर सकें।’

श्री जेटली ने यह घोषणा करते हुए काफी प्रसन्नता जाहिर की कि सरकार ने अब तक अघोषित सभी खरीफ फसलों के लिए उत्पादन लागत से कम से कम डेढ़ गुना एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) तय करने का निर्णय लिया है। मंत्री महोदय ने कहा कि यह ऐतिहासिक निर्णय देश के किसानों की आमदनी दोगुनी करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा और केंद्र एवं राज्य सरकारों के साथ सलाह-मशविरा कर नीति आयोग एक अचूक व्यवस्था कायम करेगा, जिससे कि किसानों को उनकी उपज की पर्याप्त कीमत मिल सके।

किसानों के लिए आम बजट 2018-19 में किसानों के लिए निम्न महत्वपूर्ण घोशनाएँ की गई:-

  1. किसानों की आय दोगुनी करना  : सरकार ने अब तक अघोषित सभी खरीफ फसलों के लिए उत्पादन लागत से कम से कम डेढ़ गुना एमएसपी तय करने की घोषणा की |
  2. वित्त मंत्री ने कृषि क्षेत्र के लिए संस्थागत ऋण को वर्ष 2017-18 के 10 लाख करोड़ रुपये से बढ़ाकर वर्ष 2018-19 में 11 लाख करोड़ रुपये करने की घोषणा की |
  3. जल्द नष्ट होने वाली जिन्सों जैसे कि आलू, टमाटर और प्याज की कीमतों में तेज उतार-चढ़ाव की समस्या से निपटने के लिए 500 करोड़ रुपये के ‘ऑपरेशन ग्रीन्स’ की घोषणा, इससे उत्पादक और उपभोक्ता दोनों ही लाभान्वित होंगे |
  4. अत्यंत विशिष्ट औषध एवं सुगंधित पौधों की संगठित खेती तथा संबंधित उद्योग की सहायता के लिए 200 करोड़ रुपये का आवंटन |
  5. 22,000 ग्रामीण हाटों को ग्रामीण कृषि बाजारों (ग्राम) के रूप में विकसित किया जाएगा, ताकि किसान सीधे उपभोक्ताओं और व्यापक खरीदारी करने वालों को अपनी उपज की बिक्री कर सकें |
  6. 22,000 ग्रामों और 585 एपीएमसी में कृषि विपणन से संबंधित बुनियादी ढांचे के विकास एवं उन्नयन के लिए 2,000 करोड़ रुपये का कोष बनाया जाएगा |
  7. खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र के लिए आवंटन को दोगुना कर 1,400 करोड़ रुपये किया गया, सरकार विशिष्ट कृषि-प्रसंस्करण वित्तीय संस्थानों की स्थापना को बढ़ावा देगी |
  8. किसान क्रेडिट कार्डों की सुविधा अब मत्स्य पालन एवं पशु पालन करने वाले किसानों को भी दी जाएगी, ताकि वे अपनी कार्यशील पूंजी की आवश्यकताओं को पूरा कर सकें, दो क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे के विकास के लिए 10,000 करोड़ रुपये के कोष की घोषणा|
  9. बांस क्षेत्र को समग्र रूप से प्रोत्साहित करने के लिए 1290 करोड़ रुपये के पुनर्गठित राष्ट्रीय बांस मिशन की घोषणा |
  10. वायु प्रदूषण की समस्या दूर करने के लिए हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश तथा दिल्ली की सहायता करने और खेत में ही फसल अपशिष्ट के समुचित प्रबंधन के लिए आवश्यक मशीनरी पर सब्सिडी देने हेतु विशेष योजना क्रियान्वित की जाएगी |
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कृषि के फसल काटने के पश्‍चात कार्यकलापों को बढ़ावा देने के लिए प्रोत्‍साहन कर

कृषि में फसल काटने के पश्‍चात मूल्‍य संवर्धन में व्‍यवसायिकता को बढ़ावा देने के उद्देश्‍य से केंद्रीय वित्‍त एवं कॉरपोरेट मामलों के मंत्री श्री अरुण जेटली ने वित्‍त वर्ष 2018-19 में पांच वर्ष की अवधि के लिए सौ करोड़ रुपए तक के वार्षिक उत्‍पादन वाली कृषक उत्‍पादक कंपनियों के रूप में पंजीकृत कंपनियों के अपने कार्यकलापों से होने वाले लाभ के संबंध में सौ प्रतिशत तक कटौती का प्रस्‍ताव दिया है। श्री अरुण जेटली ने आज संसद में 2018-19 का सामान्‍य बजट प्रस्‍तुत करते हुए यह घोषणा की।

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