बिहार

बिहार किसानों को बड़ी सौगात! 86 कृषि यंत्रों पर 80 प्रतिशत तक सब्सिडी, अनुदान पर 480 ड्रोन सेंटर और 267 कस्टम हायरिंग सेंटर खुलेंगे

बिहार में कृषि यंत्रीकरण को बढ़ावा देने के लिए 236.58 करोड़ की योजना स्वीकृत। 86 कृषि यंत्रों पर 80 प्रतिशत तक सब्सिडी, 480 किसान ड्रोन सेंटर, 267 कस्टम हायरिंग सेंटर और कृषि यंत्र बैंक स्थापित करने की घोषणा की। जानें पात्रता, अनुदान और पूरी जानकारी।

Krishi Yantra Anudan Bihar

चौथे कृषि रोड मैप के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2026-27 में केंद्र प्रायोजित सब मिशन ऑन एग्रीकल्चर मैकेनाइजेशन (SMAM) योजना के माध्यम से बिहार में कृषि यंत्रीकरण को व्यापक विस्तार दिया जाएगा। योजना के तहत किसानों को अनुदानित दर पर आधुनिक कृषि यंत्र उपलब्ध कराने के साथ-साथ कस्टम हायरिंग सेंटर, कृषि यंत्र बैंक, फसल अवशेष प्रबंधन हेतु स्पेशल कस्टम हायरिंग सेंटर तथा किसान ड्रोन कस्टम हायरिंग सेंटर स्थापित किए जाएँगे। योजना के क्रियान्वयन एवं प्रशासनिक व्यय सहित कुल 236.58 करोड़ की स्वीकृति दी गई है।

किसान किराए पर ले सकेंगे कृषि यंत्र

कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि राज्य सरकार छोटे एवं सीमांत किसानों तक आधुनिक कृषि यंत्रों की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि महंगे कृषि यंत्रों की खरीद प्रत्येक किसान के लिए संभव नहीं होती। ऐसे में कस्टम हायरिंग सेंटरों के माध्यम से किसान आवश्यकता के अनुसार किराए पर आधुनिक कृषि यंत्रों का उपयोग कर सकेंगे। इससे खेती की लागत में कमी आएगी, समय की बचत होगी तथा कृषि उत्पादकता एवं किसानों की आय में वृद्धि होगी।

267 कस्टम हायरिंग सेंटर पर मिलेगा अनुदान

योजना के तहत राज्य में 267 कस्टम हायरिंग सेंटर खोले जाएंगे।

  • परियोजना लागत: 10 लाख रुपए तक,
  • अनुदान: 40 प्रतिशत (अधिकतम 4 लाख रुपए)

इन केंद्रों से किसान आवश्यकता अनुसार आधुनिक कृषि मशीनें किराये पर ले सकेंगे।

38 कृषि यंत्र बैंक पर मिलेगा 80 प्रतिशत तक अनुदान

राज्य में 38 कृषि यंत्र बैंक स्थापित किए जाएंगे।

  • परियोजना लागत: 10 लाख रुपए तक
  • पात्र समूहों को 80 प्रतिशत तक अनुदान
  • अधिकतम सहायता: 8 लाख रुपए।

पराली प्रबंधन के लिए 200 विशेष केंद्र

फसल अवशेषों के वैज्ञानिक प्रबंधन और प्रदूषण कम करने के लिए 200 स्पेशल कस्टम हायरिंग सेंटर स्थापित होंगे।

  • परियोजना लागत: 20 लाख रुपए तक
  • 40 प्रतिशत से 80 प्रतिशत तक सब्सिडी
  • अधिकतम अनुदान: 12 लाख रुपए

इन केंद्रों में 55 HP या उससे अधिक क्षमता वाले ट्रैक्टर और आवश्यक कृषि यंत्र उपलब्ध होंगे।

480 किसान ड्रोन कस्टम हायरिंग सेंटर

आधुनिक खेती को बढ़ावा देने के लिए 480 किसान ड्रोन कस्टम हायरिंग सेंटर स्थापित किए जाएंगे।

अनुदान:

  • कृषि स्नातकों को 50 प्रतिशत (अधिकतम 5 लाख रुपए)
  • अन्य पात्र आवेदकों को 40 प्रतिशत (अधिकतम 4 लाख रुपए)

इन केंद्रों से किसानों को ड्रोन आधारित छिड़काव और अन्य आधुनिक सेवाएं मिलेंगी।

किसानों को मिलेगा 86 प्रकार के कृषि यंत्रों पर अनुदान

योजना के तहत किसानों को 86 प्रकार के कृषि यंत्रों पर 40 प्रतिशत से 80 प्रतिशत तक अनुदान दिया जाएगा। इससे आधुनिक मशीनों का उपयोग बढ़ेगा और खेती अधिक लाभदायक बनेगी।

साल में दो बार लगेंगे कृषि यंत्रीकरण मेले

कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने बताया कि इन सभी योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार करने और जमीनी स्तर तक किसानों को इनकी जानकारी देने के लिए राज्य के प्रत्येक जिले में साल में दो बार, दो दिवसीय कृषि यंत्रीकरण मेलों का आयोजन किया जाएगा। इन मेलों के माध्यम से किसान आधुनिक उपकरणों की जानकारी ले सकेंगे और योजनाओं का सीधा लाभ उठा सकेंगे।

बिहार सरकार की यह पहल छोटे और सीमांत किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। कृषि यंत्रों पर सब्सिडी, ड्रोन सेवाओं और कस्टम हायरिंग सेंटरों के विस्तार से किसानों की लागत घटाने, समय बचाने और उत्पादन बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है।

मंडी भाव, मौसम और सरकारी योजनाओं का तुरंत अपडेट पाने के लिए:

अपनी टिप्पणी लिखें

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *