बिहार सरकार राज्य में उद्यानिकी (बागवानी) क्षेत्र को बढ़ावा देने और किसानों की आय बढ़ाने के लिए लगातार नई योजनाएं लागू कर रही है। इसी कड़ी में उद्यानिकी विभाग, बिहार द्वारा वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए एक महत्वपूर्ण ‘बगीचों में कीट प्रबंधन योजना’ की शुरुआत की गई है। कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने बताया कि इस योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य के किसानों को वैज्ञानिक खेती के जरिए फसलों को कीटों और बीमारियों से बचाना है, जिससे आम, अमरूद और लीची के उत्पादन में भारी बढ़ोतरी हो सके।
वैज्ञानिक तरीके से होगा कीटों का नियंत्रण
कृषि मंत्री ने जानकारी दी कि उद्यानिकी फसलों में समय पर कीटों और बीमारियों का नियंत्रण न होने से फसलों की गुणवत्ता और पैदावार पर बुरा असर पड़ता है। इसे ध्यान में रखते हुए, इस नई योजना के तहत किसानों को वैज्ञानिक अनुशंसाओं के अनुसार सुरक्षित और समयबद्ध तरीके से कीटनाशकों का छिड़काव करने की सुविधा दी जाएगी। इससे न केवल फलों की गुणवत्ता में सुधार होगा, बल्कि किसानों को बाजार में बेहतर दाम और आर्थिक लाभ भी मिलेगा।
पेड़ों पर कीटनाशक दवाओं के छिड़काव पर कितना मिलेगा अनुदान?
राज्य सरकार इस योजना के तहत किसानों को वृक्षों पर दो बार कीटनाशक दवाओं के छिड़काव के लिए 75 प्रतिशत तक का भारी अनुदान (Subsidy) प्रदान कर रही है। फसल और छिड़काव के चरण के अनुसार अनुदान की राशि इस प्रकार है:
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आम के बगीचे के लिए अनुदान:
- प्रथम छिड़काव पर: 57 रुपए प्रति वृक्ष
- द्वितीय छिड़काव पर (फल झड़न प्रबंधन सहित): 72 रुपए प्रति वृक्ष
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अमरूद के बगीचे के लिए अनुदान:
- प्रथम छिड़काव पर: 33 रुपए प्रति वृक्ष
- द्वितीय छिड़काव पर: 45 रुपए प्रति वृक्ष
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लीची के बगीचे के लिए अनुदान:
- प्रथम छिड़काव पर: 162 रुपए प्रति वृक्ष
- द्वितीय छिड़काव पर: 114 रुपए प्रति वृक्ष
किसान कैसे करें आवेदन? (Online Application Process)
कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने राज्य के सभी आम, अमरूद और लीची उत्पादक किसानों से इस किसान हितैषी योजना का बढ़-चढ़कर लाभ उठाने की अपील की है। जो भी किसान इस योजना का लाभ लेना चाहते हैं, वे विभाग के आधिकारिक ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से आसानी से आवेदन कर सकते हैं।
सरकार का मानना है कि यह पहल राज्य में बागवानी को अधिक लाभदायक बनाने, कीट-व्याधियों से होने वाले नुकसान को कम करने और किसानों की आमदनी दोगुनी करने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगी।