बिहार में कम बारिश के कारण खरीफ फसलों की खेती प्रभावित होने लगी है। ऐसे में राज्य सरकार ने किसानों को बड़ी राहत देने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने विधानसभा में घोषणा करते हुए कहा कि सूखे से प्रभावित किसानों को डीजल अनुदान दिया जाएगा। इसके लिए जिलाधिकारियों से वर्षा की स्थिति और खेती पर पड़े प्रभाव की विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है। रिपोर्ट मिलते ही अनुदान वितरण की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि किसानों को सिंचाई में परेशानी न हो, इसके लिए प्रतिदिन 12 घंटे बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
कम बारिश से प्रभावित हुई धान की रोपाई
इस वर्ष सामान्य से कम वर्षा होने के कारण बिहार में खरीफ सीजन की शुरुआत प्रभावित रही। सरकार के अनुसार 6 जुलाई तक केवल लगभग 4 प्रतिशत धान की रोपाई हो सकी थी, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई थी। विधानसभा में इस मुद्दे पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और जरूरत पड़ने पर किसानों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
सूखा प्रभावित किसानों को मिलेगा डीजल अनुदान
मुख्यमंत्री ने बताया कि जिन जिलों में कम वर्षा के कारण फसल प्रभावित हुई है, वहां के जिलाधिकारियों से रिपोर्ट मांगी गई है। रिपोर्ट के आधार पर पात्र किसानों को डीजल अनुदान दिया जाएगा ताकि वे सिंचाई कर अपनी फसलों को बचा सकें। यह अनुदान विशेष रूप से धान सहित खरीफ फसलों की सिंचाई के लिए उपयोगी होगा।
किसानों को मिलेगी 12 घंटे बिजली
सरकार ने सिंचाई व्यवस्था मजबूत करने के लिए कृषि फीडरों के माध्यम से किसानों को सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक 12 घंटे बिजली उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। इस व्यवस्था का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसान समय पर सिंचाई कर सकें और कम वर्षा के कारण होने वाले नुकसान को कम किया जा सके।
विपक्ष ने सदन में उठाया था मुद्दा
विधानसभा की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष ने राज्य में सुखाड़ की स्थिति पर चर्चा कराने की माँग की थी। राजद (RJD) विधायक कुमार सर्वजीत ने कहा था कि राज्य के कई हिस्सों में सुखाड़ जैसे गंभीर हालात हैं, जिस पर सरकार को तुरंत स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए और किसानों की मदद के लिए कदम उठाने चाहिए।
सरकार के इस फैसले से राज्य के लाखों किसानों को खरीफ सीजन में अपनी फसलों को बचाने में बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।