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रविवार, जुलाई 14, 2024
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अप्रैल से राज्य में खोले जाएँगे कृषि क्लिनिक, किसानों को मिलेगी यह सुविधाएँ

कृषि क्लिनिक की स्थापना से किसानों को होगा फायदा

देश में किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए सरकार द्वारा कई योजनाएँ चलाई जा रही है। इस कड़ी में बिहार सरकार राज्य के सभी 534 प्रखंडों में कृषि क्लिनिक खोलने जा रही है। पायलट प्रोजेक्ट के तहत अभी सरकार 202 प्रखंडों में कृषि क्लिनिक खोलेगी, जो अप्रैल महीने से शुरू हो जाएँगे। कृषि विभाग ने इसके लिए तैयारी पूरी कर ली है। कृषि सहित इससे संबंधित विषयों पर पढ़ाई करने वाले युवाओं को क्लिनिक खोलने की अनुमति मिलेगी।

क्लिनिक खोलने के लिए कुल 5 लाख रुपये की लागत आयेगी। इसमें राज्य सरकार 2 लाख रुपये की मदद लाभार्थी युवा को करेगी। किसानों को समय पर सही जानकारी नहीं मिलने से फसल को औसतन 30 प्रतिशत का नुकसान होता है। क्लिनिक खुलने से किसानों के खेतों में लगने वाले कीट रोगों का उचित समाधान उन्हें समय पर मिल सकेगा। दवा की ज़रूरत होने पर एजेंसी के माध्यम से तुरंत दवा का छिड़काव किया जाएगा।

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कृषि क्लिनिक से किसानों को मिलेंगे या फायदे

कृषि विभाग का दावा है कि बिहार देश का पहला राज्य हैं जहां किसानों को इस तरह की सुविधा मिलेगी। कृषि क्लिनिक में मिट्टी की जाँच, बीज विश्लेषण, कीट व व्याधि प्रबंधन संबंधित दवा छिड़काव की सुविधा किसानों को मिलेगी। इस योजना से राज्य में फसलों का उत्पादन, उत्पादकता और उत्पादन की गुणवत्ता बढ़ेगी।

कृषि क्लिनिक में सेवा देने के लिए कृषि स्नातक, कृषि व्यवसाय प्रबंधन स्नातक, किसी भी विश्वविद्यालय से कृषि या उद्यान में स्नातक, न्यूनतम 2 वर्षों का कृषि या उद्यान में अनुभव वाले डिप्लोमाधारी या कृषि विषय से इंटरमीडिएट तथा रसायन विज्ञान, जीव विज्ञान में स्नातक के योग्य युवाओं को कृषि क्लिनिक के संचालन की जिम्मेदारी दी जा रही है।

किसान अनुदान पर करा सकेंगे दवा का छिड़काव

योजना के तहत कृषि क्लिनिक की स्थापना के लिए चयनित लाभार्थियों को निःशुल्क प्रशिक्षण देने के साथ ही उनकी इच्छा के अनुसार उर्वरक, बीज, कीटनाशी लाइसेंस, कस्टम हायरिंग सेंटर सहित अन्य योजनाओं के लाभ में भी प्राथमिकता दी जाएगी। कीटनाशी छिड़काव के लिए किसानों को 75 प्रतिशत की सब्सिडी मिलेगी। एक पेड़ में कीटनाशक छिड़काव के लिए 76 रुपये में 57 रुपये का अनुदान का भी प्रावधान है। किसान के सामने ही कीटनाशक खोला जाएगा। किसान अपनी इच्छा के अनुसार दवा का छिड़काव भी करा सकते हैं।

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इस वर्ष 202 प्रखंडों में स्थापित किए जाएँगे कृषि क्लिनिक

कृषि विभाग को इस वर्ष 101 अनुमंडलों में 202 कृषि क्लिनिक स्थापित करने के लिए 646 आवेदन मिले हैं। सभी जिलों में डीएम की अध्यक्षता में गठित चयन समिति अंतिम रूप से 202 लाभार्थियों का चयन करेंगे। बता दें की राज्य सरकार ने कृषि क्लिनिक स्थापित करने के लिए इच्छुक युवाओं से 15 जनवरी 2024 तक आवेदन माँगे गए थे। इस योजना के तहत सरकार इस वित्त वर्ष में 4.24 करोड़ रुपये खर्च करने जा रही है।

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