किसान भाई अधिक उपज के लिए लगाएं मिर्च की सदाबहार किस्में

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किसान भाई अधिक उपज के लिए लगाएं मिर्च की सदाबहार किस्में

मिर्च की सदाबहार किस्में :-भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान से विकसित पूसा सदाबहार किस्म के तैयार होने में मात्र 60 से 70 दिनों का समय लगता है। मिर्च की यह किस्म एक हेक्टेयर में 40 कुंटल तक की पैदावार देती है, जो मिर्च की किसी भी किस्म से अधिक है। मौजूदा समय में किसान इस किस्म की नर्सरी तैयार कर सकते हैं।

भारत के पूसा से विकसित की गई मिर्च की पूसा सदाबहार किस्म देश के किसी भी हिस्से में उगाई जा सकती है। पूसा सदाबदार मिर्च सबसे खास मानी जाती है। इस किस्म की बुवाई पूरे भारत में की जाती है, इसकी नर्सरी जून से जुलाई माह तक तैयार की जाती है। यह किस्म एक हेक्टेयर में करीब 40 कुंतल की पैदावार देती है।

पूसा सदाबहार किस्म की मिर्च छह से आठ सेमी. लंबी होती है और इस किस्म से करीब एक गुच्छे में 12 से 14 मिर्च पैदा होती हैं। यह किस्म रोपाई के 60 दिन बाद तैयार हो जाती है। इस किस्म की खेती में एक हेक्टेयर खेत में 150 ग्राम बीज की ज़रूरत पड़ती है।

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खरपतवार एवं कीट नियंत्रण


पूसा सदाबहार मिर्च की नर्सरी तैयार करने के बाद सबसे ज़रूरी होता है फसल में । फसलों बोने के 25 से 30 दिनों के बाद खेत में अनावश्यक तौर पर उगे खरपतवार को हटाना बेहद ज़रूरी होता है। इस किस्म में फल छेदक, थ्रिप्स और माहू जैसे कीट का खतरा रहता है। कीटों के अधिक प्रभाव से फसल को बचाने के लिए 15 ग्राम एसीफेट या 10 एमएल इमीडाक्लोप्रिड दवा को 15 लीटर पानी में घोलकर फसल पर छिड़काव करना चाहिए।

मिर्च की फसल में रोग

फसल में मोजेक बहुत ज्यादा लगता है , जिसे हम लीफ कर्ल के नाम से पुकारते है ,यह मोजेक वाइट फलाई सफ़ेद मख्खी से फैलता है ,इसके नियंत्रण केडाइथेनियम ४५ अथवा  डाइथेनियम जेड ७८ तथा मेटा सिसटक १ लीटर प्रति हेक्टर के हिसाब से खड़ी फसल  में छिडकाव करना चाहिए इसके बचाव के लिए लगातार१० से १५ दिन पर छिडकाव करते रहना चाहिए जिससे की हमारी फसल अच्छी पैदावार दे सके

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