पशुओं के लिए पोष्टिक एवं संतुलित है यूरिया सीरा तरल आहार (यू.एम.एल.डी.)

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पशुओं के लिए यूरिया सीरा तरल आहार (यू.एम.एल.डी.)

देश के कई भागों में बाढ़ और सुखा समय – समय पर आने वाली प्ररितिक आपदाएं हैं | इन से न केवल कृषि उत्पादन साथ ही पशुधन उत्पादन भी विशेषकर प्रभावित होता हैं  | इन विपदाओं के समय न्यूनतम लागत पर वैकल्पिक भरण नीतियों का उपयोग करके पशुधन को जीवित रखना प्रमुख उद्देश्य होता है |अनुपलब्धता और भरी सामग्री को इधर से उधर ले जाने में भारी कठिनाइयों के कारण परम्परागत तौर पर उपयोग किए जाने वाले पशु आहार / चारे की उपलब्धता अनिश्चित हो जाती है  |

सीरे में उर्जा और गंधक के साथ – साथ अधिक घनत्व भी होता है | इसे सुखा / अभाव की स्थितियों पशु आहार के रूप में शरीर के विभिन्न प्रक्रमों के लिए आवश्यक प्रोटीन, खनिज और विटामिन को डालकर उपयोगी बनाया जा सकता है | भारतीय पशुचिक्त्सा अनुसंधान संस्थान, इज्जतनगर ने यूरिया सीर तरल आहार (यूएमएलडी) को बढ़ते गोपशु और भैसों के लिए लंबी अवधि के लिए आहार के रूप में मानकीकृत किया है |

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आवश्यक सामग्री

100 कि.ग्रा. यू.एम.एल.डी. के लिए

  • सीरा  84 की.ग्रा.
  • प्रोटीन की गोलियां 10 की.ग्रा.
  • यूरिया 3 की.ग्रा.
  • खनिज मिश्रण 2 की.ग्रा.
  • फास्फोरस अम्ल 1 की.ग्रा.
  • विटामिन संपूरक (विटाबलेंड), 25 ग्राम /सौ की.ग्रा.

घटक

  • प्रोटीन की गोलियां (प्रतिशत शुष्क भारे के आधार पर)
  • तेल निकली सरसों की खली , 23
  • सरसों की खली , 11
  • कुटा हुआ ज्वार का दाना , 10
  • सीर, 10
  • ग्वार कोरम, 9
  • बिनोला मील, 8
  • मूंगफली की तेल निकाली खली, 7
  • चावल पालिश, 6
  • गेंहू की भूसी, 6 माल्ट स्पराउट, 3
  • मक्का ग्लूटेन, 3
  • धान की तेल निकाली भूसी, 2
  • संसाधन नमक, 2

तैयारी

यूएमएलडी बनाने के लिए यूरिया को सीरे में मिलाया जाता है  रात भर प्लास्टिक की नांद में रखा जाता है | अगली सुबह इसे अच्छी तरह हिलाकर अन्य सामग्री मिलायी जाती है |

लाभ

आपदाओं के समय विशेषकर बाढ़ / सूखा के समय इसे उत्तरजीवित राशन के रूप में उपयोग कर सकते हैं |

आर्थिकी 

उत्तरजीवित आहर है अत: यूएमएलडी कई लाख मूल्यवान पशुधन की जीवन रक्षा कर सकता है, यधपि इस आहार की लागत लगभग 250 रु./किवंटल आती है |

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स्त्रोत: भारतीय पशु चिकित्सा अनुसन्धान, इज्ज़तनगर

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