दूध से अलग-अलग प्रकार के उत्पाद तैयार करने के लिए इन जिलों में लगाये जा रहे हैं सयंत्र

0
4756
doodh se utpad banane ke liye sayantra
kisan app download

दूध से उत्पाद बनाने के लिए की जा रही है इन सयंत्रों की स्थापना

देश में दूध का उत्पादन बड़े पैमाने पर किया जाता है | भारत दूध उत्पादन में विश्व में पहला स्थान रखता है | यह पर 187 मिलियन तन दूध का उत्पादन किया जाता है | इसके बाबजूद भी सभी व्यक्तियों को पर्याप्त मात्रा में दूध नहीं मिल पाता है | इसका सबसे बड़ा कारण  यह है की भारत में दूध देने वाली गायों तथा भैंसों की दूध उत्पादन क्षमता अन्य देशों के मुकाबले बहुत कम है | इसका सीधा असर किसानों की आय पर पड़ता है |

इसके अलवा देश में दूध का सीधे तौर पर उपयोग ज्यादा होता है तथा किसान केवल दूध को दूध के रूप में बेचते हैं | जिससे आमदनी कम होती है | अगर किसान दूध को घी, पनीर, पेडा तथा अन्य दूध से बनने वाले उत्पादों के रूप में बेचें तो अत्यधिक मुनाफा होगा |

इसी को ध्यान में रखते हुए मध्य प्रदेश सरकार ने राज्य के पशुपालकों को दूध उत्पादनों के लिए प्रशिक्षण दिया जायेगा | राज्य के पशुपालन एवं डेयरी विकास मंत्री श्री लखन सिंह यादव ने कहा है कि राज्य शासन द्वारा राष्ट्रीय डेयरी विकास योजना में 13 करोड़ 20 लाख रूपये लागत की परियोजनाओं की स्वीकृति प्राप्त की गई है | इसके अलवा, दूध एवं दूध उत्पादों के प्रशिक्षण के लिए 8 करोड़ की लागत से राज्य स्तरीय अत्याधुनिक प्रयोगशाला की स्थापना की जाएगी | यह बात स्टेट को-आपरेटिव डेयरी फेडरेशन के एक वर्ष की उपलब्धियों की समीक्षा पर बोल रहे थे |

यह भी पढ़ें   किसानों को सब्सिडी पर कंबाइन हार्वेस्टर देने हेतु बढाई गई लक्ष्यों की संख्या

प्रदेश में क्षेत्रीय एवं ग्रामीण स्तरीय सहकारी डेयरी कार्यक्रम का क्रियान्वयन किया जा रहा है | इसके प्रथम चरण में 7 हजार ग्रामीण दूध सहकारी समितियां कार्यरत हैं | इसके अलावा संभाग स्तर पर भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, जबलपुर एवं सागर में सहकारी दूध संघ के मुख्यालय कार्यरत हैं | इन समितियों के द्वारा प्रतिदिन संकलित 8.50 लाख किलोग्राम दूध में से 7.50 लाख लिटर दूध का विक्रय किया जा रहा है | साँची ब्रांड के अन्तर्गत 7,940 वितरकों के माध्यम से घी, पेडा, पनीर, दूध आदि उत्पादों का विक्रय किया जा रहा है |

दूध से उत्पाद बनाने के लिए की जा रही है इन सयंत्रों की स्थापना

मंत्री श्री लाखन सिंह यादव ने बताया कि राज्य शासन द्वारा विभिन्न जिलों में दूध से बनने वाले उत्पाद की स्थापना किया जायेगा |

  1. ग्वालियर में एक करोड़ 90 लाख रूपये लगत के घी निर्माण संयंत्र की स्थापना |
  2. इंदौर में 4 करोड़ की लागत से आईस्क्रीम संयंत्र की स्थापना की जाएगी |
  3. जबलपुर में लगभग 10 करोड़ की लागत से स्वचालित पनीर निर्माण संयंत्र की स्थापना की जा रही है |
  4. इंदौर , उज्जैन, ग्वालियर, मंदसौर एवं रतलाम के प्रत्येक दूध संयंत्र में 85 लाख की लागत से मिल्क एनालाईजर उपकरण स्थापित की जा रहे है |
  5. 30 हजार लीटर प्रतिदिन क्षमता वाले खरगोन, शिवपुरी, झाबुआ, बडवानी, खंडवा, बुरहानपुर तथा सेंधवा के साथ 7.19 लाख लागत से बैतूल, छिंदवाडा, सिंगरौली, रीवा में 11.19 लाख प्रत्येक संयंत्र की लगत से कम्पलीट पैक उपकरण स्थापित किये जायेंगे |
यह भी पढ़ें   70 प्रतिशत तक के अनुदान पर करवाएं पशुओं का बीमा

यह सभी संयंत्र 2020 तक प्रारंभ हो जायेंगे |इसके साथ ही 2 नये उत्पाद शुगर–फ्री पैदा तथा साँची वीटा प्रो हेल्थ ड्रिंक बाजार में लाँच किया जायेगा |

किसान समाधान के YouTube चेनल की सदस्यता लें (Subscribe)करें

kisan samadhan android app

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here