देशभर के लोगों के लिए राहत भरी खबर है। दक्षिण-पश्चिम मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश को सराबोर करने के बाद आज, 1 जुलाई 2026 को दक्षिण-पश्चिम मानसून पंजाब, हरियाणा और जम्मू-कश्मीर के कई हिस्सों में पहुंच चुका है। चिलचिलाती गर्मी से परेशान दिल्ली और राजस्थान के निवासियों के लिए भी राहत की खबर है, क्योंकि भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक जल्द ही मानसून इन दोनों राज्यों में भी प्रवेश करने वाला है।
इन राज्यों में आगे बढ़ा मानसून
मौसम विभाग के अनुसार, मानसून की उत्तरी सीमा इस समय गुजरात के पोरबंदर, मध्य प्रदेश के शाजापुर, उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर, अयोध्या, मेरठ, हरियाणा के करनाल और पंजाब के गुरदासपुर से होकर गुजर रही है। अगले 2 दिनों के भीतर दिल्ली-एनसीआर, चंडीगढ़, उत्तर अरब सागर, गुजरात, मध्य प्रदेश और राजस्थान के बचे हुए इलाकों में मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल बनी हुई हैं।
3 जुलाई को बन रहा है कम दबाव का क्षेत्र, 6 दिनों तक होगी भारी बारिश!
IMD का पूर्वानुमान: उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में 3 जुलाई, 2026 के आसपास एक कम दबाव का क्षेत्र (Low-Pressure Area) बनने की संभावना है। इसके असर से अगले 5-6 दिनों के दौरान पूरे मध्य भारत में मानसून बेहद सक्रिय रहेगा और भारी से अत्यंत भारी बारिश देखने को मिल सकती है।
बहुत भारी वर्षा की चेतावनी (Red & Orange Alert)
अगले 24 घंटों के दौरान निम्नलिखित क्षेत्रों में कुछ स्थानों पर अत्यंत मूसलाधार बारिश होने की आशंका जताई गई है, जिससे जलभराव और बाढ़ जैसी स्थिति बन सकती है:
- तटीय कर्नाटक, कोंकण और गोवा
- गुजरात क्षेत्र, सौराष्ट्र और कच्छ
- मध्य महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ और विदर्भ
- उत्तराखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश
- उड़ीसा, केरल और माहे
भारी वर्षा की चेतावनी (Heavy Rain Warning)
अगले 24 घंटों के दौरान इन राज्यों और क्षेत्रों में भी गरज-चमक के साथ भारी बारिश का दौर जारी रहेगा:
- उत्तर भारत: हिमाचल प्रदेश, पूर्वी उत्तर प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और पूर्वी राजस्थान।
- मध्य व पूर्वी भारत: मध्य प्रदेश, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल।
- पूर्वोत्तर भारत: असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा।
- दक्षिण भारत: आंतरिक कर्नाटक, तटीय आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, मराठवाड़ा और लक्षद्वीप।
किसानों के लिए सलाह
लगातार बारिश की संभावना को देखते हुए किसान निम्न सावधानियां अपनाएं—
- खेतों में जल निकासी की उचित व्यवस्था रखें।
- मौसम साफ होने पर ही उर्वरक एवं कीटनाशकों का छिड़काव करें।
- स्थानीय मौसम विभाग की ताजा चेतावनियों पर नियमित नजर रखें।