डी.ए.पी.(DAP) तथा एन.पी.के.(NPK) में बेहतर कौन है ?

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DAP तथा NPK खाद

डी.ए.पी.(DAP) तथा एन.पी.के.(NPK) में बेहतर कौन है ?

भारतीय कृषि में उर्वरक (खाद) का एक मत्वपूर्ण स्थान है | किसी भी तरह की फसल हो उसमें खाद का प्रयोग जरूर करते हैं | किसान भाई ज्यादा तर बुवाई के समय DAP तथा NPK खाद का ही प्रयोग करते हैं बिना यह जाने की इनके प्रयोग से उन्हें क्या फायदा या नुकसान है | अक्सर किसानों के पास दोनों खादों को लेकर एक ही  सवाल रहता है की दोनों में से बेहतर कौन है तथा किस फसल के लिए कौन सी खाद ज्यादा उपयोगी है | किसान समाधान आप के लिए दोनों खादों के बारे में जानकारी लेकर आया है |

डी.ए.पी.(DAP)  खाद

DAP का पूरा नाम diammonium phosphate होता है | इसमें 18% नाईट्रोजन तथा 46% फास्फोरस होता है | इस18% नाईट्रोजन में से 15.5% अमोनियम नाईट्रेट होता है तथा 46% फास्फोरस में से 39.5% फास्फोरस पानी में घुलनशील होता है | बचा हुआ फास्फोरस मिट्टी में ही घुलता है | डाई अमोनियम फास्फेट (डी.ए.पी.) की पहचान किसान भाई नीचे दिए गए गुणों से कर सकते हैं |

  • सख्त, दानेदार, भूरा, काला, बादामी रंग नाखूनों से आसानी से नहीं छूटता।
  • डी.ए.पी. के कुछ दानों को लेकर तम्बाकू की तरह उसमें चूना मिलाकर मलने पर तीक्ष्ण गन्ध निकलती है, जिसे सूंघना असह्य हो जाता है।
  • तवे पर धीमी आंच में गर्म करने पर दाने फूल जाते है।
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एन.पी.के.(NPK) खाद

NPK खाद तीन तरह के अनुपात में आटे हैं जो खाद के पैकेट पर लिखा रहता है | 18:18:18 , 19:19:19 तथा 12:32:16: के अनुपात में लिखा रहता है |

इसमें पहला अंक नाईट्रोजन दूसरा अंक फास्फोरस तथा तीसरा अंक पोटेसियम होता है | ज्यादातर किसान 12:32:16 का ही प्रयोग करते हैं | इसमें 12% नाईट्रोजन, 32% फास्फोरस तथा 16% पोटैशियम होता है | अभी कुछ समय से जिंक कोटेड रहने पर 0.5% जिंक की मात्रा रहती है | यूरिया अथवा NPK खाद की पहचान किसान भाई नीचे दिए गए गुणों से कर सकते हैं |

  • सफेद चमकदार, लगभग समान आकार के गोल दाने।
  • पानी में पूर्णतया घुल जाना तथा घोल छूने पर शीतल अनुभूति।
  • गर्म तवे पर रखने से पिघल जाता है और आंच तेज करने पर कोई अवशेष नही बचता।

उपयोग

दोनों खाद दानेदार रहती है इसलिए दोनों खाद को बीज की बुवाई के समय प्रयोग करें |

NPK

NPK (12:32:16) का प्रयोग दानेदार फसल के लिए करें जैसे धान ,मुंग, उड़द, गेंहू इत्यादी | क्योंकि इसमें 16% पोटैसियम रहता है जिससे फसल के दानों में चमक तथा वजन बढ़ाने में मदद करता है |

DAP

एक बात ध्यान देने की बात है की DAP में पोटैशियम नहीं होता है | जिस कारण दानेदार फसलों के लिये उतना उपयुक्त नहीं है जितना की NPK होता है | इसलिए  आप इसका  प्रयोग फूल वाली फसल सब्जियों के लिए कर सकते हैं |

  • एक बात यह है की NPK घुलनशील है जबकि DAP नहीं है | इसलिए डी.ए.पी. कुछ समय के बाद मिटटी में मिलने के बाद पौधों में असर दिखता है |
  • NPK हल्की जमीन के लिए उपयोग करना ज्यादा अच्छा रहता है जबकि डी.ए.पी. भारी जमीन के लिए उपयोग करना ज्यादा अच्छा रहता है | अगर एक ही तरह की जमीन है तो फिर NPK उपयोग करना ज्यादा जरुरी है |
  • अगर DAP में MOP (60% वाला) मिलायें तो अच्छा रिजल्ट देता है | DAP में MOP की मात्र 1:1/3 के अनुपात में होना चाहिए | इसका मतलब यह हुआ की एक भाग DAP तथा 1/3 भाग MOP होना चाहिए |
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खाद के कारण कृषि पर आने वाला खर्च

DAP एक पैकेट (50 किलोग्राम) का कीमत 1400 रुपया होता है | जबकि MOP(60%) का कीमत 50 किलोग्राम का कीमत 850 रुपया होता है | जो 1:1/3 के अनुपात में  1650 रुपया होता है | दूसरी तरफ 12:32:16 के 50 बोरी के पैकेट की कीमत 1450 रुपया होता है |

कुल मिलाकर देखा जाय तो NPK एवं DAP दोनों ही अच्छे हैं यह निर्भर करता है आप कब एवं किस तरह इसका प्रयोग करते हैं |

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