इस राज्य में 50 हजार सोलर पम्प एवं गोशालाओं के लिए नाबार्ड ने दिए 1696 करोड़ रुपये

0
3101
kya hai solar pamp gaushaala ke lie yojana haryana

सोलर पम्प एवं गोशालाओं की स्थापना

विद्युत उर्जा पर निर्भरता कम करने के लिए सरकार सौर ऊर्जा की तरफ बढ़ रही है | इसके लिए केंद्र तथा राज्य सरकार किसानों को लगातार प्रोत्साहित कर रही है | सरकार का ऐसा मानना है कि इससे किसानों को बिजली की बिल से छुटकारा मिल जायेगा और आय में वृद्धि होगा |

क्या है सोलर पम्प एवं गोशालाओं के लिए योजना

इसी क्रम में हरियाणा सरकार प्रदेश में 50 हजार सोलर पम्प किसानों को तथा गौशालाओं की देने जा रही है | हरियाणा के नवीन एवं नवीनीकरण ऊर्जा व जनस्वास्थ्य मंत्री बनवारी लाल ने कहा की एक विशेष योजना के तहत नाबार्ड की सहायता से 50 हजार सोलर पम्प किसानों तथा गौशालाओं को दिए जायेंगे | इस योजना को पूरा करने के लिए लगभग 1696 करोड़ रुपया खर्च करेगी |

मंत्री जी ने जानकारी देते हुये बताया कि इस योजना से प्रदेश को 238 मेगावाट हरित ऊर्जा का उत्पादन होगा | इससे न केवल पंप चलाने में प्रयोग होने वाले डीजल की बचत होगी बल्कि डीजल पंप से होने वाले प्रदुषण की रोकथाम भी होगी |

यह भी पढ़ें   1850 रुपये प्रति क्विंटल के न्यूनतम समर्थन मूल्य पर मक्का बेचने हेतु किसान पंजीकरण

इससे पहले प्रदेश में लगभग 413 मेगावाट क्षमता की एक सौर ऊर्जा आधारित परियोजनाएं स्थापित की जा चुकी है | राज्य सरकार ने 672 मेगावाट की सोलर परियोजना को स्वीकृति प्रदान की है जिसे इसी वर्ष पूरा कर लिया जाएगा |

सरकार ने बिजली पर से सब्सिडी कम करने के लिए करनाल व यमुनानगर जिले में एक – एक पायलेट प्रोजेक्ट की रुपरेखा तैयार की गई है | इस योजना के तहत सरकार ने सौर ऊर्जा के लिए प्रदेश को 11 कृषि फीडर में बता है | जिससे वर्तमान में कुल 468 बिजली आधारित टयूबेलों को ऊर्जा आधारित टयूबेलों में परिवर्तित किया जायेगा | इन सौर ऊर्जा आधारित ट्यूबवेलों से जो अतिरिक्त बिजली का उत्पादन होगा उससे किसानों को दिया जाएगा | इस योजना पर लगभग 26 करोड़ रुपए खर्च का अनुमान है |

इस तरह की ताजा जानकरी विडियो के माध्यम से पाने के लिए किसान समाधान को YouTube पर Subscribe करें

LEAVE A REPLY

अपना कमेंट लिखें
आपका नाम लिखें.