मौसम विभाग ने जारी की चेतावनी इन जगहों पर हो सकती है बारिश एवं ओलावृष्टि

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आगामी दिनों के लिए मौसम पूर्वानुमान

जैसे-जैसे रबी फसल की कटाई का समय नजदीक आता जा रहा है वैसे ही मौसम में परिवर्तन किसानों के लिए किसी तरह से खौफ से कम नहीं है अभी हाल ही में बारिश एवं ओले गिरने से बहुत से किसानों की फसलें बर्बाद हो चुकी है | एक बार फिर भारत के उत्तरी पश्चिमी मैदानी राज्यों में दौबारा बन गई है | बारिश और बर्फबारी का सिलसिला 20 फरवरी से पर्वतीय राज्यों में बढ़ सकता है, क्योंकि एक नया पश्चिमी विक्षोभ जम्मू कश्मीर के पास बना हुआ है । राजस्थान पर एक चक्रवाती बना हुआ है। साथ ही एक ट्रफ भी उत्तर प्रदेश तक है।

भारतीय मौसम वैज्ञानिकों ने इन सभी सिस्टमों के कारण उत्तराखंड, पंजाब और हरियाणा के कई इलाकों में हल्की से मध्यम बौछारें गिर सकती हैं। राजधानी दिल्ली-एनसीआर, उत्तरी राजस्थान और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश देखने को मिल सकती है। जानते हैं आगे अन्य राज्यों के किन जिलों में बारिश एवं ओले की सम्भावना बनी हुई है |

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20-21 फरवरी का मौसम पूर्वानुमान 

राजस्थान

अलवर, भरतपुर, चित्तोढ़गढ़, झुंझुनू, करौली, सवाई मधुपुर, सीकर, चुरू, हनुमानगढ़, जैसलमेर, जालोर, श्रीगंगानगर आदि जिलों आंधी तूफान के साथ में कहीं-कहीं बारिश के साथ ओले गिरने की संभावना जताई गई है |  राजस्थान के इन सभी जिलों में के इन जिलों में ओलावृष्टि के साथ-साथ गरज और तेज़ हवाएँ चलने की सम्भावना से इंकार नहीं किया जा सकता |

हरियाणा

चंडीगढ़, पंचकूला, अम्बाला, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र, कैथल करनाल जिलों में मौसम वैज्ञानिकों ने बारिश के साथ ओले गिरने की चेतवानी जारी की है | हरियाणा के इन जिलों में ओलावृष्टि के साथ-साथ गरज और तेज़ हवाएँ चलने की सम्भावना से इंकार नहीं किया जा सकता

उत्तरप्रदेश

पूर्वी उत्तर प्रदेश में मौसम मुख्यतः शुष्क रहेगा | पश्चिमी उत्तर प्रदेश में एक या दो स्थानों पर वर्षा या गरज चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है |

मध्यप्रदेश

मध्यप्रदेश में 20 फरवरी को ग्वालियर एवं चम्बल संभागों में बारिश होने का अनुमान है वहीँ 21 फरवरी को बैतूल, हरदा, खंडवा,देवास,सतना, छिंदवाडा, सिवनी, सागर, जबलपुर,राजगढ़,उमरिया, मंदसौर व नीमच जिलों में बारिश की सम्भावना है | राज्य के अन्य पश्चिमी संभागों बारिश के साथ-साथ गरज और तेज़ हवाएँ चलने की सम्भावना से इंकार नहीं किया जा सकता | यह गतिविधियाँ आने वाले दिनों में मध्यप्रदेश के जिलों में बढेंगी |

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