इन सभी कृषि यंत्रों पर दी जा रही है 80 प्रतिशत तक की सब्सिडी, अभी आवेदन करें

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कृषि यंत्रों पर 80 प्रतिशत तक का अनुदान

 कृषि यंत्र सब्सिडी पर लेने के लिए इस तरह आवेदन करें

किसानों को कृषि यंत्रों पर भारी सब्सिडी दी जा रही  है तथा  इस बार इसके लिए लक्ष्य भी अधिक दिए गए हैं | इसका मुख्य कारण यह है की वर्ष 2019–20  वित्त वर्ष का अंतिम समय चल रहा है | जिससे बजट को इसी वित्तीय वर्ष में खत्म करना है | बिहार राज्य सरकार किसानों के लिए फसल अवशेष के निराकरण के लिए 75 से 80 प्रतिशत तक की सब्सिडी दे रही है | इसके लिए किसानों से आवेदन मांगे जा रहे हैं | इसका मुख्य उद्देश्य यह है कि किसानों को पर्यावरण तथा फसल अवशेष को जलाने से होने वाले नुकसान के प्रति जागरूक किया जाए | किसान समाधान ने सभी कृषि यंत्रों की पूरी जानकारी लेकर आया है |

किन यंत्रों पर दी जा रही हो 80 प्रतिशत तक सब्सिडी

बिहार राज्य सरकार फसल अवशेष को जलाने की समस्या के निराकरण हेतु 7 उपयोगी यंत्रों पर 75 से 80 प्रतिशत तक की सब्सिडी दे रही है | यह सभी कृषि यंत्र इस प्रकार है :-

  1. हैप्पी सीडर
  2. स्ट्रा बेलर
  3. रोटरी मल्चर
  4. स्ट्रा रीपर
  5. सुपर सीडर
  6. स्ट्रा मैनेजमेंट सिस्टम
  7. रीपर–कम –बाईडर

किस यंत्र का क्या काम है ?

यह सभी कृषि यंत्र फसल अवशेष को डिक्म्पोज या फिर दुसरे रूप में उपयोग के लिए किया जाता है | इन सभी यंत्रों का उपयोग कम्बाईन हार्वेस्टर से कटाई के बाद उपयोग किया जाता है | सभी कृषि यंत्रों की उपयोगिता की पूरी जानकारी लेकर आया है |

हैप्पी सीडर यंत्र :-

हैप्पी सीडर यंत्र कम्बाईन हार्वेस्टर से फसल कटाई के उपरांत बचे फसल अवशेष (पुआल) को छोटे – छोटे टुकड़ों में काटकर खेत में फैला देता है एवं गेहूं की बुआई भी कतार में कर देता है |

स्ट्रा बेलर यंत्र :-

खेत में बचे फसल अवशेष पुआल को यह यंत्र जमकर के गट्ठर बना देता है, जिसे किसान कम जगह में ही स्टोर कर सकते हैं | इसका उपयोग मवेशियों के चारा एवं औधोगिक इकाई में किया जा सकता है |

रोटरी मल्चर यंत्र :-

कम्बाईन हार्वेस्टर से फसल कटाई उपरांत खेत में बचे फसल अवशेष को छोटे – छोटे टुकड़ों में काटकर खेत में फैलाकर मल्चिंग कर देता है, जिससे खेत की नमी संरक्षित होती है तथा आने वाले समय में फसल अवशेष मिटटी में डिक्म्पोजर होकर खाद के रूप में खेत की उर्वरा – शक्ति को बढ़ता है |

स्ट्रा रीपर यंत्र :-

कम्बाईन हार्वेस्टर से फसल कटाई उपरांत खेत में बचे खड़े फसल अवशेष को काटकर भूसा बनता है एवं इस यंत्र के पीछे चल रहे ट्राली में भूसा को जमा कर्ता है | इसके साथ ही फसल अवशेष के साथ छूटे हुए बाली से अन्न को निकालकर अलग जमा भी करता है , जिससे किसनों को अतरिक्त लाभ होता है |

सुपर सीडर यंत्र :-

कम्बाईन हार्वेस्टर से फसल कटाई उपरांत फसल अवशेष फसल अवशेष को यह यंत्र छोटे – छोटे टुकड़ों में काटकर मिटटी में मिला देता है एवं साथ ही, गेहूं की बुआई कतार में कर पाटा देने का काम भी एक साथ कर्ता है , जिससे फसल अवशेष जमीन में शीघ्र डिक्म्पोजर होकर खाद के रूप में पौधा को पोषक तत्व उपलब्ध करता है |

स्ट्रा मैनेजमेंट सिस्टम यंत्र :-

यह कृषि यंत्र कम्बाईन हार्वेस्टर के पीछे लगाया जाता है | यह यंत्र कम्बाईन हार्वेस्टर द्वारा फसल कटनी के दौरान ही फसल अवशेष को छोटे – छोटे टुकड़ों में काटकर खेत में फैलता जाता है |

रिपर–कम–बाईडर यंत्र :-

यह एक एसी मशीन है जो खड़ी फसल को काफी नीचे से काटकर बंडल बनाकर खेत में गिरा देता है | जिससे आसानी से जमा कर खलिहान में भेजा जा सकता है |

इन कृषि यंत्रों पर कितनी सब्सिडी दी जाएगी ?

बिहार कृषि विभाग 76 तरह के कृषि यंत्र को सब्सिडी पर दे रही है | यह सब्सिडी 40 से लेकर 80 प्रतिशत तक है | बिहार में बने कृषि यंत्रों पर 10 प्रतिशत की अतिरिक्त सब्सिडी दी जा रही है | इसी योजना के तहत फसल अवशेष के निराकरण हेतु 7 कृषि यंत्रों पर 75 से 80 प्रतिशत तक की सब्सिडी है |

कृषि यंत्र अनुदान लेने के लिए आवेदन हेतु अवशयक दस्तावेज आवेदन दर्ज करने के पूर्व आवेदन पत्र में भरे जाने वाले सभी अनिवार्य सुचना तथा निम्नलिखित फोटो / दस्तावेज आवेदनकर्ता के पास उपलब्ध होने चाहिए |

  • श्रेणी प्रमाणपत्र (category certificate)
  • भू स्वमित्व प्रमाण पत्र (C. Certificate )
  • वर्तमान मालगुजारी रसीद (Current Malgujari Receipt)

किसान सब्सिडी के लिए आवेदन कैसे करें  ?

बिहार में सभी तरह के कृषि यंत्र अनुदान पर लेने के लिए किसान को पहले https://dbtagriculture.bihar.gov.in/ पर पंजीकरण करवाना होगा इसके बाद किसान को जो पंजीकरण संख्या मिलेगी उसकी मदद से किसान भाई को कृषि यंत्रीकरण योजना के तहत आवेदन करना होगा | ऐसे सभी आवेदन जो जाँच में अनुदान के लिए योग्य पाये जाते हैं, उन्हें ऑनलाइन स्वीकृति पत्र दिया जायेगा |

किसानों को स्वीकृति पत्र में देय अनुदान दर की राशि अंकित रहेगी | 10 हजार रूपये में कम अनुदान वाले कृषि यंत्रों का स्वीकृति पत्र प्रखंड कृषि पदाधिकारी द्वारा निर्गत किया जायेगा तथा 10 हजार या इससे अधिक अनुदान वाले यंत्रों का स्वीकृति पत्र जिला कृषि पदाधिकारी द्वारा निर्गत किया जायेगा | आनलाईन स्वीकृत पत्र प्राप्ति के उपरान्त कृषि यंत्रीकरण मेला अथवा मेला के बहार कृषक अपनी इच्छानुसार कृषि यंत्र का क्रय कर सकेंगे |

यह कृषि यंत्र सब्सिडी पर लेने के लिए आवेदन हेतु क्लिक करें

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4 COMMENTS

  1. Hello
    Ser mera name Deepu Yadav
    hai mai ek kisan ka beta hu hamare pass Krishi Yantr na hone ke wajha se zameen par kuch nahi kar pate hame Yantr dila sako to aap ki h par bahot kirpa hogi 🙏🙏🙏

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