किसानों से अनुबंध के तहत 3 हजार रुपये प्रति क्विंटल की दर से कंपनी को खरीदना पड़ा धान

12184
dhaan kharidi contract farming

किसान अनुबंध के तहत धान खरीदी

नए कृषि कानून के तहत कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग (अनुबंध खेती) का भी प्रावधान है जिसके तहत किसान अपनी उपज का किसी कंपनी के तहत अनुबंध कर सकते हैं बाद में उस फसल को उस कंपनी के द्वारा खरीद लिया जाता है | हालांकि अनुबंध खेती में किसानों को कई बार धोखाधड़ी का भी सामना करना पड़ता है, इस विषय के लेकर भी दिल्ली में किसान विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं | अभी हाल ही में होशंगाबाद जिले के किसानों से अनुबंध के बावजूद फॉर्चून राइस लि. दिल्ली द्वारा धान नही खरीदी जाने के प्रकरण में जिला प्रशासन द्वारा कार्रवाई की गई। नए कृषि कानून ‘किसान (सशक्तिकरण और संरक्षण) अनुबंध मूल्य आश्वासन और कृषि सेवा अधिनियम 2020 के प्रावधान अनुसार कार्रवाइ की गई है। किसानों को 24 घंटे में न्याय दिलवाया गया है |

जानिये क्या है किसान अनुबंध और कंपनी का मामला

एसडीएम पिपरिया नितिन टाले ने बताया कि कृषकों से मंडी के उच्चतम मूल्य पर धान खरीदी के अनुबंध 3 जून 2020 के बावजूद फॉर्चून राइस लि. कंपनी द्वारा 9 दिसम्बर को मंडी में उच्च विक्रय मूल्य होने पर धान नही खरीदी गई। उक्त प्रकरण में 10 दिसम्बर, 2020 को ग्राम भौखेडी के कृषक पुष्पराज पटेल एवं ब्रजेश पटेल द्वारा एसडीएम नितिन टाले को शिकायत की गई। कृषको ने चर्चा मे बताया कि फॉर्चून राइस लिमिटेड दिल्ली द्वारा 3 जून, 2020 को उच्चतम बाजार मूल्य पर धान खरीदी का अनुबंध किया था, किंतु 3 हजार रुपये प्रति क्विंटल धान के भाव होने पर कंपनी के कर्मचारियो ने खरीदी बंद कर किसानों से सम्पर्क समाप्त कर दिया।

यह भी पढ़ें   2500 रुपये प्रति क्विंटल पर धान बेचने के लिए किसान पंजीयन करें

उक्त प्रकरण की जानकारी जिला प्रशासन को प्राप्त होने पर तत्परतापूर्वक कार्रवाई कर न्यायालय अनुविभागीय दंडाधिकारी पिपरिया ने समन जारी कर फॉर्चून राइस लिमिटेड के अधिकृत प्रतिनिधि को 24 घंटे मे समक्ष मे जबाव प्रस्तुत करने के निर्देश दिये। एसडीएम कोर्ट द्वारा जारी समन पर फॉर्चून राइस लिमिटेड के डायरेक्टर श्री अजय भलोटिया ने जबाव प्रस्तुत किए जाने पर कृषक (सशक्तिकरण एवं संरक्षण) अनुबंध मूल्य आश्वासन और कृषि सेवा अधिनियम-2020 की धारा-14 (2) (a) के तहत कॉन्शुलेशन बोर्ड का गठन किया। कॉन्शुलेशन बोर्ड के समक्ष कंपनी ने दिनांक 9 दिसंबर के उच्चतम दर पर धान क्रय करना स्वीकार किया।

बोर्ड की अनुशंसा के आधार पर न्यायालय अनुविभागीय दंडाधिकारी पिपरिया ने अनुबंधित कृषको से रू 2950+50 रू बोनस कुल 3 हजार रुपये प्रति क्विंटल की दर धान खरीदने हेतु आदेशित किया।

पिछला लेखकिसान अब 10 रुपए प्रति किलोग्राम की दर से खरीद सकेगें वर्मी कम्पोस्ट खाद
अगला लेखकिसान आंदोलन: किसानों की भूख हड़ताल आज

LEAVE A REPLY

अपना कमेंट लिखें
आपका नाम लिखें.