अधिक बारिश से हुए नुकसान की भरपाई के लिए राज्य सरकार ने केंद्र से मांगे 7154.28 करोड़ रूपये

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वर्षा प्रभावित किसानों को मुआवजा हेतु राशि

अतिवृष्टि के कारण आये बाढ़ तथा जल भराव से इस वर्ष लगभग उत्तर भारत सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है | देश के अलग – अलग राज्यों में आई बाढ़ के कारण जान – मॉल का काफी नुकसान हुआ है | इस बाधा का सबसे ज्यादा असर किसानों पर पड़ा | जिसके कारण खरीफ फसल चौपट हो गई है | बारिश ने सबसे पहले मध्य प्रदेश को प्रभावित किया है | जहाँ पर एक वर्ष में ही दो बार जल भराव देखने को मिला है |

कितना नुकसान हुआ ?

मध्य प्रदेश में जल भराव तथा बाढ़ से हुये नुकसानी का आकलन होने लगा है तथा हुए नुकसानी को लेकर आंकड़े भी आने लगे हैं | इस बार के नुकसानी में फसल, मवेशी, कच्चा तथा पक्का मकान, झोपडी को शामिल किया गया है | प्रदेश के राजस्व विभाग के अनुसार प्रदेश के 52 में से 39 जिलों में अतिवृष्टि और बाढ़ से बहुत अधिक क्षति हुई है | राज्य में जून से सितम्बर माह के बीच हुई वर्षों से लगभग 60 लाख 47 हजार हेक्टेयर क्षेत्र 16 हजार 270 करोड़ रूपये की फसल प्रभावित हुई है | इसमें लगभग 53 लाख 90 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में 33 प्रतिशत तक फसल क्षतिग्रस्त हुई है | प्रदेश में अति – वृष्टि से क्षतिग्रस्त मकानों में 55 हजार 372 पक्का – कच्चे मकान, 4 हजार 98 पक्के मकान तथा 55 हजार 267 आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त कच्चे मकान शामिल हैं | इसी क्रम में 3 हजार 649 झोपड़ियाँ और 3 हजार 274 पशु शेड भी क्षतिग्रस्त हुये हैं |

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बारिश से हुई जनहानि

अगर बात मृत्यु तथा शारीरिक नुकसानी का किया जाये तो बहुत परिवारों को यह मार झलनी पड़ी है | प्रदेश में बाढ़ और आकाशीय बिजली से 674 लोगों की मृत्यु हुई, 18 लोग शरीरिक अपंगता के शिकार हुये तथा तीन लोगों को गंभीर चोटें आई हैं | लगभग 1515 दुधारू पशु, 373 भारवाही पशु तथा 3 हजार 270 मुर्गियों की क्षति हुई है |

इन सभी नुकसानी को लेकर मध्य प्रदेश राज्य सरकार ने केंद्र सरकार से मादद मांगी है | इसके परिणाम स्वरूप केंद्र सरकार से राज्य को 7154.28 करोड़ रूपये की सहायता राशि शीघ्र जारी करने का अनुरोध किया है | इस राशि में एनडीआरएफ मद से 6621.28 करोड़ रूपये केंद्रीय सहायता राशि और एसडीआरएफ से इस वर्ष की दूसरी किश्त की राशि 533 करोड़ रूपये शामिल है |

प्रदेश के प्रमुख्य सचिव, राजस्व श्री रस्तोगी ने हाल में केंद्र को भेजे प्रस्ताव में कहा है कि प्रदेश के लिए राज्य आपदा प्रबंधन के अंतर्गत वर्ष 2019 – 20 के लिए 1066 करोड़ रूपये स्वीकृत है | इसमें से सितम्बर मध्य तक 362 करोड़ रूपये की राशि अन्य प्राकृतिक आपदाओं, ओला – पाला तथा राहत वितरण में खर्च की गई | वित्तीय वर्ष 2019 में केन्द्रांश के अंतर्गत 247 करोड़ की पहली किश्त जारी की गई, जिसमें पिछले वर्ष 2018 – 19 में डी गई 152 करोड़ रूपये की अतिरिक्त केन्द्रांश राशि का समायोजन है | अत: वर्ष 2019 में प्रदेश में अब तक एस.डी.आर.एफ. में 285 करोड़ की राशि ही उपलब्ध है |

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