फसल बीमा में व्यक्तिगत नुकसान के दावों की सूचना देने का समय बढाया गया

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फसल बीमा में व्यक्तिगत नुकसान के दावों की सूचना देने का समय बढाया गया

यदि किसान भाइयों की फसल को नुकसान होता है तो किसान नए दिशा निर्देशों के अनुसार व्यक्तिगत दावों की सूचना देने का समय बढा दिया गया है, अब किसान यह सूचना 48 घंटे के स्थान पर 72 घंटे में दे सकते हैं | योजना के अंतर्गत व्यक्तिगत दावे किसी भी चैनल के माध्यम से तथा पीएमएफबीवाई के पोर्टल पर प्रत्यक्ष रूप से किये जा सकते हैं। किसान किसी तरह की शिकायत के मामले में शिकायत निवारण प्राधिकारों तक पहुंच सकते हैं। संशोधित संचालन दिशा-निर्देशों में शिकायतों के तेजी से समाधान के लिए जिला स्तरीय शिकायत निवारण अधिकारी तथा राज्य और जिला शिकायत निवारण प्रकोष्ठ बनाने का प्रावधान है।

संशोधित संचालन दिशा-निर्देशों के साथ प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के लिए यह पहला सीजन है। सरकार को आशा है कि कंपनियां प्रीमियम दरों में कमी करेंगी क्योंकि दोनों सीजन के लिए विशेषकर नामांकन की अंतिम तिथि 15 दिन पहले कर दी गई है। संशोधित संचालन दिशा-निर्देशों के अनुसार किसानों को व्यक्तिगत दावों की सूचना देने के लिए वर्तमान 48 घंटे के स्थान पर 72 घंटे मिलेंगे।

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ग्राम सभाएं प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की जानकरी देंगी

रबी सीजन आज प्रारंभ होने पर देश भर की ग्राम सभाओं से प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (पीएमएफबीवाई) में नामांकन तथा योजना के लाभों के बारे में किसानों को सूचना देने के लिए कहा गया है। ग्राम सभाएं किसानों को यह जानकारी भी देंगी कि किसान इस योजना के अंतर्गत अपनी फसलों का बीमा कैसे करा सकते हैं।

कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय ने पंचायती राज मंत्रालय तथा राज्य सरकारों से अनुरोध किया है कि वे ग्राम सभाओं की अगली बैठक विशेषकर गांधी जयंती के सिलसिले में 2 अक्टूबर, 2018 को होने वाली ग्राम सभा बैठकों में इस विषय को कार्यक्रम के रूप में शामिल करें। यह योजना के बारे में जागरूकता पैदा करने और फसलों के बीमा के लिए किसानों को सक्रिय बनाने के लिए सरकार तथा बीमा कंपनियों द्वारा विभिन्न स्तरों पर चलाए जा रहे जागरुकता कार्यक्रमों का हिस्सा है।

गैर-कर्जदार किसान अपनी फसलों का बीमा कराने के लिए निर्धारित समान सेवा केंद्रों, बैंकों तथा बीमा एजेंटों से संपर्क कर सकते हैं या प्रत्यक्ष रूप से पोर्टल पर नामांकन भी करा सकते हैं। रियायती ब्याज दरों पर औपचारिक वित्तीय संस्थानों से कम अवधि के फसल ऋण लेने वाले किसान इस योजना के तहत स्वतः कवर किए जाते हैं।

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