यह यंत्र किसानों को पहले ही दे देगा मौसम, हवा, पानी, आंधी, कीट-रोग, खाद एवं सिंचाई की जानकारी

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फसल सुरक्षा के लिए पूर्वानुमान यंत्र

किसानों की आय बढ़ाने, फसलों की लागत कम करने एवं फसलों को प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान से बचाने के लिए कृषि वैज्ञानिकों के द्वारा लगातार कई प्रयास किए जा रहे हैं। इस कड़ी में कृषि वैज्ञानिकों के द्वारा कई कृषि यंत्र एवं नई तकनीकें विकसित की गई है जिससे खेत में लगी फसलों को प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान को कम किया जा सके या किसानों को इसके बारे में पहले ही जानकारी दी जा सके। 

इस कड़ी में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा उद्यानिकी फसलें ले रहे किसानों को शासन की योजना के तहत फसल सुरक्षा के लिए पूर्वानुमान यंत्र की सौगात मिली है। यह यंत्र किसानों के लिए बहुत उपयोगी एवं कारगर साबित हो रहा है। यह यंत्र किसानों को खेत में लगी फसलों में लगने वाले कीट-रोगों, खेत में पानी का स्तर, मिट्टी में उपस्थित पोषक तत्वों के बारे में पहले ही बता देता है, जिसके अनुसार किसान समय रहते अपनी फसलों की सुरक्षा कर सकते हैं।

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क्या है फसल सुरक्षा के लिए पूर्वानुमान यंत्र ?

फसल सुरक्षा के लिए पूर्वानुमान यंत्र के द्वारा पहले से ही किसानों को मौसम की जानकारी जैसे हवा, पानी, आंधी, तूफान, कीट बीमारी का प्रकोप, फसल के लिए सिंचाई आदि की जानकारी किसान के मोबाईल पर ऑटोमेटिक प्राप्त होती है, जिससे किसान पहले से ही सुरक्षा के उपाय कर सकते हैं। 

इस यंत्र की मदद से खेत में जल स्तर का भी पता चल जाता है साथ ही फसलों में कितनी मात्रा में खाद देना है, ज़मीन में नमी कितनी है यह सब जानकारी किसानों को उनके मोबाइल पर ही मिल जाती है। जिसके अनुसार फसल की आवश्यकता के अनुसार कार्य करके किसान फसल को नुकसान से बचा सकते हैं।

कितने रुपए का है पूर्वानुमान यंत्र ?

छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव के डोंगरगांव विकासखंड के ग्राम बरहापुर के किसान श्री गुलाब वर्मा ने बताया कि यह पूर्वानुमान यंत्र किसानों के लिए बहुत फायदेमंद है। खेत में 50 हजार रूपए की लागत का पूर्वानुमान यंत्र लगाया गया है। इससे मोबाईल पर ही समय परितर्वन की जानकारी मिल जा रही है। इसके साथ ही यह यंत्र यह भी बताता है कि पौधे को क्या बीमारी हो सकती है। हाल ही में मुझे इस यंत्र के माध्यम से फफूँदीजनक बीमारी से सुरक्षा के लिए अर्लट मिला। जिसकी वजह से मैंने जागरूकता के साथ फसल की सुरक्षा के लिए व्यवस्था की। किसानों को उद्यानिकी विभाग के माध्यम से यह पूर्वानुमान यंत्र प्राप्त हुआ है।

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