इन किसानों को नहीं मिलेगा 3 वर्ष तक किसी भी सरकारी योजना का लाभ

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parali jalane par kisan ko yojna ka labh nahi

पराली जलाने पर किसानों को किया गया योजनओं से वंचित

लगता है कि सरकार ने प्रदूषण को रोकने के लिए सख्त रवैया अख्तियार कर लिया है | इसके लिए किसानों के विरुद्ध कड़े कदम उठाना शुरू भी कर दिया है | वहीं दूसरी तरफ पराली किसानों के लिए एक मुसीबत बनती जा रही है | पराली जलाना किसानों के लिए एक उपाय के साथ जुर्म के रूप में सामने आ रहा है | उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़ राज्य किसानों के ऊपर सीधे FIR दर्ज कर रही है तो बिहार जैसे राज्य प्रदेश के किसानों को कृषि विभाग की सभी योजनाओं से तीन वर्ष के लिए वंचित कर रही है |

राज्य सरकार के द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार कृषि विभाग द्वारा पटना प्रमंडल से प्राप्त प्रतिवेदन के आधार पर चिन्हित 59 किसानों को फसल अवशेष जलाने के कारण उन्हें दंडित करने का निर्णय लिया गया है | कृषि विभाग के पोर्टल पर पंजीकृत इन सभी किसानों को तीन सालों के लिए विभागीय योजनाओं के सभी प्रकार के अनुदान के लाभ से वंचित कर दिया गया है | फसल अवशेष न जलाने हेतु सरकार द्वारा व्यापक पैमाने पर प्रचार–प्रसार किया जा रहा है | बाबजूद इसके इन किसानों द्वारा फसल अवशेष पुआल जलाने की घटना की सुचना प्राप्त हुई थी |

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पराली जलाने को रोकने के लिए प्रचार-प्रसार अभियान जारी

29 नवम्बर को कृषि विभाग के सहयोग से राज्य के 62,432 राजकीय विद्यालयों में पढने वाले 92,75,132 छात्र / छात्राओं द्वारा आयोजित सुबह की प्राथना सभा में फसल अवशेष प्रबंधन के लिए शपथ दिलाई गई है | फसल प्रबंधन हेतु इन सभी विद्यालयों में 53,343 विशेष स्तर अभियान भी चलाया गया | इस शपथ कार्यक्रम में कृषि विभाग के राज्य के प्रमंडल स्तर से लेकर पंचायत स्तर तक के पदाधिकारीयों एवं कर्मचारियों द्वारा अपने कार्य क्षेत्र में अवस्थित विधायलों में शपथ ली गई है | इन कार्यक्रमों से समाज के लोगों को फसल अवशेष प्रबंधन हेतु जागरूक करने में मदद मिलेगी |

फसल अवशेष प्रबन्धन हेतु कृषि यंत्रों पर 80 प्रतिशत तक की सब्सिडी

कृषि विभाग द्वारा फसल अवशेष पुआल जलाने से रोकने के कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है | कृषि विभाग द्वारा इसके लिए व्यापक पैमाने पर विभिन्न माध्यमों से प्रचार–प्रसार कर लोगों को जागरूकत किया जा रहा है | साथ ही फसल अवशेष प्रबंधन से संबंधित कृषि यंत्रीकरण मेला में प्राथमिकता के आधार पर फसल अवशेष प्रबंधन से संबंधित कृषि यंत्रों हैप्पी सीडर, स्ट्रा बेलर विदाउट रेक, स्ट्रा रीपर / स्ट्रा कम्बाईन रोटरी म्ल्च्र, रीपर–कम–बाईडर आदि यंत्रों का अधिक से अधिक संख्या में इच्छुक किसानों के बीच वितरण करना सुनिश्चित किया जा रहा है |

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