इन जिलों के किसानों को किया गया वर्ष 2020 में फसलों को हुए नुकसान के मुआवजे का भुगतान

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फसल नुकसानी का मुआवजा वर्ष 2020

हर सीजन में किसानों को प्राकृतिक आपदाओं जैसे बाढ़, बेमौसम बारिश, ओलावृष्टि एवं कीट-रोगों के चलते फसलों को काफी नुकसान होता है। जिसकी भरपाई राज्य सरकारों के द्वारा गिरदावरी कर किसानों की फसलों को हुए नुकसान के आधार पर की जाती है। कई किसानों को अभी तक पिछले रबी एवं खरीफ सीजन में हुई फसल ख़राबे का मुआवजा नहीं दिया गया है। 3 मार्च को राजस्थान की विधान सभा में प्रदेश में माह दिसम्बर, 2019 से जनवरी, 2022 तक तेज सर्दी, ओलावृष्टि, अतिवृष्टि, मावठ व पाला पड़ने से किसानों की फसलों को हुए नुकसान की जानकारी माँगी गई।

राजस्थान के आपदा प्रबंधन एवं सहायता मंत्री श्री गोविन्द राम मेघवाल ने प्रश्नकाल में विधायकों द्वारा इस संबंध में पूछे गए पूरक प्रश्नों का जवाब देते हुए बताया कि प्रभावित क्षेत्रों के किसानों की फसलों के नुकसान के लिए वर्ष 2021-22 की गिरदावरी प्रकियाधीन है इसका परिणाम आते ही प्रभावित किसानों को भुगतान कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि वर्तमान में भारत सरकार के जयपुर में पदस्थापित अधिकारी कृषि विभाग को मौसम की जानकारी भेजते हैं। साथ ही उन्होंने वर्ष 2019-20 एवं 2020 में रबी, जायद एवं खरीफ सीजन में क्रमशः ओलावृष्टि, बेमौसम बारिश एवं बाढ़ से फसलों को हुए नुकसान एवं किसानों को दिए गए भुगतान की जानकारी उन्होंने पटल पर रखी।

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33 प्रतिशत की फसल क्षति होने पर दिया जाता है मुआवजा

श्री मेघवाल ने बताया कि कृषकों की फसलों में 33 प्रतिशत या इससे अधिक खराबी पाये जाने पर कृषकों को भारत सरकार के एसडीआरएफ नोम्र्स के अनुसार कृषि आदान-अनुदान राशि का भुगतान किया जाता है। विधायक श्री सतीश पूनियां के मूल प्रश्न के लिखित जवाब में दिसम्बर, 2019 से जनवरी 2022 की अवधि में रबी फसल वर्ष 2019-20, जायद फसल वर्ष 2020, खरीफ फसल वर्ष 2020, रबी फसल 2020-21, खरीफ फसल वर्ष 2021 तथा रबी फसल 2021-22 में अब तक प्राप्त रिपोर्ट के आधार पर ओलावृष्टि से हुये फसल खराबे तथा खरीफ फसल वर्ष 2021में बाढ़ से हुये फसल खराबे के क्षेत्र की जिलेवार सूचना सदन के पटल पर रखी। किसान समाधान वर्ष 2019-2020 एवं वर्ष 2020 के दौरान किसानों को हुए नुकसान एवं उसके भुगतान की जानकारी अपने पाठकों के लिए लाया है।

रबी फसल वर्ष 2019-20 में हुए फसल नुक़सान एवं किसानों को किया गया भुगतान

प्रभावित जिले
फसल ख़राबे का क्षेत्रफल 33 प्रतिशत से अधिक (हेक्टेयर में)
कितने किसानों को किया गया भुगतान
भुगतान की राशि (रुपए लाखों में)

अलवर 

39407.46

33326

2570.52

बाड़मेर

9570

6647

903.6

भरतपुर

81787.21

93145

8494.48

बीकानेर

309

150

36.4

बूंदी

39

136

10.84

दौसा

5656

8746

436.87

श्रीगंगानगर

1534.88

605

76.06

हनुमानगढ़

15339

6529

565.89

जयपुर

4021.73

7634

3135.48

जैसलमेर

2197

810

197.53

जोधपुर

1600.01

1909

251.87

करौली

1710

4794

176.51

नागौर

21535

12480

2731.77

सवाई माधोपुर

671

1110

108.96

सीकर

2008

2471

194.48

योग

187385.29

180492

19891.26

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जायद फसल वर्ष 2020 में हुए फसल नुक़सान एवं किसानों को किया गया भुगतान

प्रभावित ज़िले 
फसल ख़राबे का क्षेत्रफल 33 प्रतिशत से अधिक (हेक्टेयर में)
कितने किसानों को किया गया भुगतान
भुगतान की राशि (रुपए लाखों में)

जयपुर

1861.7

5742

165.71

झुनझुनू

1.3

9

0.18

सवाईमाधोपुर

178.64

299

27.46

योग

2041.64

6050

193.35

 खरीफ फसल वर्ष 2020 में हुए फसल नुक़सान एवं किसानों को किया गया भुगतान

प्रभावित ज़िले 
फसल ख़राबे का क्षेत्रफल 33 प्रतिशत से अधिक (हेक्टेयर में)
कितने किसानों को किया गया भुगतान
भुगतान की राशि (रुपए लाखों में)

श्रीगंगानगर 

5390

3962

599.43

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6 COMMENTS

    • किस राज्य से हैं सर? फसल बीमा कम्पनी या अपने यहाँ के स्थानीय अधिकारियों से सम्पर्क करें।

    • सर अपने यहाँ तहसील में या फसल बीमा कम्पनी से सम्पर्क कर जानकारी लें।

    • सर किस वर्ष का? अभी कुछ ज़िलों में फसल बीमा का भुगतान नहीं हुआ है। जल्द किया जाएगा।

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